उपनाम: सक्सेस स्टोरी
लुधियाना में सीखा हुनर, बिहार लौटकर खड़ा किया कारोबार, अब हर साल लाखों की कमाई
जहानाबाद के शंभू कुमार ने लुधियाना में कपड़ा उद्योग के गुर सीखे और अपने जिले लौटकर महज 50 हजार रुपये से गारमेंट यूनिट शुरू की, जो आज सालाना 30 लाख रुपये का टर्नओवर दे रही है।
सफलता की कहानी: दो विषयों में तीन बार पास की NET परीक्षा, जानिए गाजीपुर के औरंगजेब खान की कामयाबी का मूल मंत्र
गाजीपुर के दिलदारनगर के रहने वाले रिसर्च स्कॉलर औरंगजेब खान ने अंतरराष्ट्रीय मामलों और राजनीति विज्ञान जैसे कठिन विषयों में नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। उनका मानना है कि लगातार मेहनत और हार न मानने की जिद ही सफलता की असली कुंजी है।
मजदूर पति, यूट्यूब से मिला आइडिया: किरण ने केले के रेशे से खड़ा किया लाखों का कारोबार
बुरहानपुर के बहादरपुर गांव की किरण गोहर ने यूट्यूब से सीखकर केले के रेशे से हैंडमेड प्रोडक्ट बनाने का काम शुरू किया और आज सालाना एक से डेढ़ लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही वे गांव की कई महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी दे रही हैं।
बड़े भाई की सलाह ने बदली विक्रम सोनार की तकदीर! ₹1 लाख से शुरू किया धंधा, अब ₹3 लाख तक की कमाई
मध्य प्रदेश के विक्रम सोनार ने बड़े भाई के सहयोग और ₹1 लाख के लोन से कपड़ों का कारोबार शुरू किया था। आज गांधी चौक में ठेला लगाकर वे हर साल 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं।
सक्सेस स्टोरी: 9.9 लाख का कर्ज और 35% सब्सिडी से बदली तकदीर, ऑयल मिल लगाकर सफल उद्यमी बने संजीव जैन
शिवपुरी के संजीव जैन ने किराना दुकान से शुरुआत कर PMFME योजना की मदद से अपनी ऑयल मिल खड़ी की और आज हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उन्होंने 3 स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है।
सफलता की कहानी: बचपन के अनुशासन और छुट्टियों की मेहनत से सीतामढ़ी के शशिरंजन बने लेफ्टिनेंट, जेईई मेन्स में पाई थी 12वीं रैंक
सीतामढ़ी के शशिरंजन सुमन ने देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। जेईई मेन्स के जरिए टेक्निकल एंट्री स्कीम में उन्होंने पूरे देश में 12वीं रैंक पाई थी।
गोंडा के आकाश ने बीएससी एग्रीकल्चर के बाद चुनी गेंदे की खेती, सालाना 7 लाख तक की कमाई
गोंडा के युवा किसान आकाश वर्मा ने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के बाद आधुनिक तरीके से गेंदे के फूलों की खेती शुरू की और आज इससे सालाना 6 से 7 लाख रुपए तक की आमदनी कमा रहे हैं।
समूह से जुड़ीं रेनू देवी ने घर से शुरू किया मसाला कारोबार, बनाया अपना ब्रांड और कर रहीं तगड़ी कमाई
फिरोजाबाद के एक गांव की रेनू देवी ने महिला समूह से जुड़कर घर पर मसाले पीसने का काम शुरू किया और आज अपने ब्रांड के सहारे सालभर में लाखों की कमाई कर रही हैं।
65 की उम्र में जोश बरकरार! बुरहानपुर की 'पापड़ वाली दादी' दया बाई के स्वाद की दूर-दूर तक धूम
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में 65 वर्षीय दया बाई पिछले 40 वर्षों से घर के मसालों से पापड़ बनाकर हर साल 1 से 2 लाख रुपए कमाती हैं। उनके हाथों के स्वाद के कारण लोग आज भी ऑर्डर देकर पापड़ बनवाते हैं।
केला सिर्फ फल नहीं, मुनाफे का खजाना! एक पौधे से दर्जनभर कारोबार के मौके
केले के फल, पत्ते और रेशे से दर्जनभर तरह के उत्पाद बनाकर लाखों की कमाई की जा सकती है। बुरहानपुर के विशेषज्ञ किसानों के मुताबिक यह कारोबार महज ₹100000 की लागत से शुरू हो सकता है।
महज 23 की उम्र में 19 सरकारी परीक्षाएं पास, चारु पांडे ने रची सफलता की नई कहानी
छत्तीसगढ़ के रायपुर की चारु पांडे ने सिर्फ 23 साल की उम्र में 19 प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर मिसाल कायम की है। फिलहाल वह चेन्नई के कैग कार्यालय में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।
नमक-रोटी से अमेरिका तक का सफर: रांची की ललिता देवी ने जूट बैग और सोहराई पेंटिंग से लिखी कामयाबी की नई कहानी, हर महीने लाखों की कमाई
रांची की ललिता देवी कभी नमक-रोटी के लिए भी मोहताज थीं, लेकिन हाथ से बनाए जूट बैग और सोहराई पेंटिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके ग्राहक देशभर में फैले हैं और वे महीने में लाखों रुपये की कमाई करती हैं।
8 बार नाकाम हुए, कुल्फी बेचकर पाला परिवार! 9वीं कोशिश में बिहार पुलिस में चयन, धीरज की प्रेरक कहानी
जहानाबाद के धीरज कुमार ने आठ बार असफल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और नौवें प्रयास में बिहार पुलिस में जगह बनाई। जिस समय मेरिट लिस्ट जारी हुई, उस वक्त वे बाजार में मटका कुल्फी बेच रहे थे।
रांची के धनेश्वर की हरियाली से कमाई की मिसाल, 16 साल पहले लगाए पेड़ अब रोज दे रहे 1600 रुपये
रांची से 15 किलोमीटर दूर पतरातू गांव के किसान धनेश्वर ने 16 साल पहले आम, कटहल, नींबू और सागवान के पेड़ लगाए थे, जिनसे अब गर्मी के मौसम में घर बैठे रोजाना करीब 1600 रुपये की कमाई हो रही है।
छात्र राजनीति को कहा अलविदा, फूड ब्लॉगिंग से रजत ने भरतपुर के स्वाद को पहुंचाया देशभर तक
भरतपुर के रजत पूनिया ने छात्र राजनीति छोड़कर 'टेस्ट सफारी' नाम से फूड ब्लॉगिंग शुरू की और स्थानीय व्यंजनों को देशभर तक पहुंचाकर मशहूर फूड ब्लॉगर बन गए। उनकी कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा है।