उपनाम: सक्सेस स्टोरी
पति को खोने के बाद भीख तक मांगनी पड़ी, अब आत्मनिर्भर हैं मुनक्का देवी, चला रहीं अपना कारोबार
बहराइच के निबिया बेगमपुर गांव की मुनक्का देवी ने पति की मृत्यु के बाद बेहद कठिन दौर देखा, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आज वे गाय के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद बनाकर अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं।
सक्सेस स्टोरी: कभी मजाक का सामना, आज रांची की प्रिया पोद्दार हैं नामी फैशन डिजाइनर, अमेरिका से सिंगापुर तक उनके सूट की मांग
रांची की फैशन डिजाइनर प्रिया पोद्दार के हाथ से तैयार यूनिक सूट 5000 से 32000 रुपये तक बिकते हैं और उनकी मांग अमेरिका, नेपाल व सिंगापुर तक पहुंच चुकी है। एक समय जहां लोग उनका मजाक उड़ाते थे, वहीं आज उनका नाम ही एक ब्रांड बन गया है।
सक्सेस स्टोरी: मधुमक्खी पालन से सालाना ₹500000 की कमाई, किसान राजकिशोर ने यूं बदली अपनी तकदीर
छपरा के किसान राजकिशोर पटेल ने 1990 में महज 10 पेटी से मधुमक्खी पालन शुरू किया और आज 300 से अधिक पेटी के साथ हर साल घर बैठे 5 लाख रुपये कमा रहे हैं।
Success Story : सरकारी नौकरी को कहा अलविदा, 10 साल पहले 10 लाख से शुरू किया सफर, आज खड़ी कर दी 150 करोड़ की कंपनी
एक युवा उद्यमी ने सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़कर 10 साल पहले 10 लाख रुपये से अपना कारोबार शुरू किया और आज उनकी कंपनी 150 करोड़ रुपये की हो चुकी है।
रांची की किरण ने 60 की उम्र में खड़ा किया 'जयपुरी कलेक्शन', सालाना कमाई 14 लाख के पार
झारखंड की राजधानी रांची की किरण ने 40 साल की उम्र में साड़ी का कारोबार शुरू किया और आज 'जयपुरी कलेक्शन' नाम से अपना ब्रांड चला रही हैं, जिससे उनकी सालाना कमाई 14 लाख रुपये से ऊपर है।
हुनर और जुनून की मिसाल: गुजरात की अरुणा बनीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी की क्वीन, डायमंड कट गहनों की जबरदस्त मांग
गुजरात की अरुणा हाथ से बनी डायमंड कट आर्टिफिशियल ज्वेलरी के लिए देशभर में पहचानी जाती हैं और 20 साल से यह काम कर रही हैं। उनके गहनों की कीमत 1000 से 20000 रुपए तक है, जिन्हें आम लोगों के साथ-साथ आर्मी और एयरफोर्स की महिला अफसर भी खूब खरीदती हैं।
सफलता की कहानी: 23 की उम्र में चारु पांडे ने पास कीं 19 सरकारी परीक्षाएं, अब राष्ट्रपति देंगी गोल्ड मेडल
छत्तीसगढ़ की चारु पांडे ने महज 23 साल की उम्र में SSC, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस समेत 19 सरकारी परीक्षाएं पास कर मिसाल कायम की है। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगी।
पिता को कैंसर ने छीना, मां ने सिलाई से पाला... अब गांव का पहला IITian बनने जा रहा जिगर
ओडिशा के गंजम जिले के एक छोटे से गांव के जिगर नायक ने JEE Advanced 2026 में AIR 17783 हासिल की है। पिता को खोने के बाद मां के संघर्ष के दम पर अब वह अपने गांव का पहला आईआईटीयन बनने की दहलीज पर है।
गोबर की खाद से जैविक सब्जियों की खेती, किचन गार्डन से हर महीने अच्छी आमदनी—जानिए विमला की मिसाल
गोंडा की गृहिणी विमला मौर्य ने घर की खाली जमीन को जैविक किचन गार्डन में बदलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी। इसी से होने वाली कमाई से वे घर का खर्च और बीमार पति का इलाज दोनों संभाल रही हैं।
हैदराबाद की नौकरी छोड़ गांव लौटे शिवम, डेयरी से सालाना लाखों की कमाई
सीधी जिले के गोपालपुर निवासी शिवम शुक्ला ने हैदराबाद की अकाउंटेंट की नौकरी छोड़कर अपने गांव में डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज इसी से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।
नौकरी छोड़ गांव लौटा युवा, ‘उपसरपंच चाय’ से बनाई अलग पहचान, बन गया मिसाल
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के एक युवक ने कतर की नौकरी छोड़कर मुंबई में मिले आइडिया से प्रेरित होकर अपने गांव में ‘उपसरपंच चाय’ नाम से स्टार्टअप शुरू किया और आज रोजाना सैकड़ों कप चाय बेचकर खुशहाल जीवन जी रहा है।
नौकरी छोड़कर शुरू किया कारोबार, झेलीं तमाम मुश्किलें, फिर भी डटे रहे ग्रेटर नोएडा के अमित उपाध्याय
ग्रेटर नोएडा के उद्यमी अमित उपाध्याय ने नौकरी छोड़कर कारोबार की राह चुनी और कैंसिल ऑर्डर, कर्ज व आर्थिक संकट से जूझते हुए आज सालाना 5 से 7 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच गए हैं।
घर की कला बनी वैश्विक पहचान, सऊदी अरब से लंदन तक गूंज रहा इस परिवार के हुनर का नाम
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ₹500000 का लोन लेकर शुरू किए गए बुटीक की कारीगरी आज सऊदी अरब, अमेरिका और लंदन तक पसंद की जा रही है, जिससे हर साल तीन से चार लाख रुपए की कमाई हो रही है।
सक्सेस स्टोरी: लंदन की CA कनिका और नेवी कैप्टन राहुल की प्रेम कहानी, नौकरी छोड़ रांची में खड़ा किया रेस्टोरेंट ब्रांड
रांची के राहुल और कनिका ने एजुकेशन लोन चुकाने के बाद नेवी की नौकरी छोड़कर मल्हारी रेस्टोरेंट ब्रांड खड़ा किया, जिसकी दो ब्रांच और एक बैंकट हॉल हैं और अब वे एक और होटल खोलने की तैयारी में हैं।
गाय के दूध से मां को मिली राहत, असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ शुरू किया गौ सेवा धाम, आज बनीं मिसाल
एमसीए की पढ़ाई के बाद चार साल असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं कल्पना कुमावत ने स्थायी नौकरी छोड़कर महज पांच गिर गायों से अपना सफर शुरू किया, जो आज 60 से अधिक गायों तक पहुंच चुका है। ऑर्गेनिक डेयरी मॉडल के जरिए वे जयपुर में रोजाना 100 लीटर से ज्यादा शुद्ध दूध पहुं...