उपनाम: सक्सेस स्टोरी
UPSC में छठी रैंक और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक का सफर: जानें आईएएस नवीन कुमार चौधरी की प्रेरणादायक कहानी
दरभंगा के एक छोटे से गांव से निकलकर यूपीएससी परीक्षा में छठी रैंक हासिल करने वाले नवीन कुमार चौधरी आज दिल्ली सरकार में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इंजीनियरिंग छोड़ अपनाया केमिकल-फ्री खेती का रास्ता: पिता की मौत के बाद जहानाबाद के मनीष कुमार ने खड़ा किया लाखों का स्टार्टअप, मिल रही सरकारी मदद
पिता के निधन के बाद बिहार के मनीष कुमार ने जैविक और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक सफल स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसे केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
8 हजार रुपये से शुरू किया फलों का काम, 20 साल की कड़ी मेहनत से बदली पूरन राठौर की किस्मत
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रहने वाले पूरन राठौर और उनकी पत्नी ने बेहद कम पूंजी से अपना सफर शुरू किया और दो दशक की ईमानदारी भरी मेहनत से आज अपने पूरे परिवार का सहारा बन गए हैं।
रांची की पुष्पा का हुनर: किसान माता-पिता की बेटी ने कला से संवारी अपनी तकदीर, जानिए कैसे बनी आत्मनिर्भर
रांची की 20 वर्षीय पुष्पा ने अपनी कलाकारी को व्यवसाय में बदलकर मिसाल कायम की है। फाइन आर्ट्स की पढ़ाई के बाद वे वर्ली, सोहराई और डोकरा आर्ट के साथ मिट्टी की ज्वेलरी बनाकर अब लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
गोरखपुर की आराधना सामत ने घर से शुरू किया जूट का कारोबार, प्रशासनिक अधिकारियों को भा रहे हैं उत्पाद, हर महीने हो रही 50 हजार रुपये तक की कमाई
गोरखपुर की रहने वाली आराधना सामत ने घर की जिम्मेदारियों को संभालते हुए जूट के आकर्षक उत्पाद बनाने का काम शुरू किया, जिससे वे हर महीने शानदार आमदनी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सफलता की कहानी: IIT और IISc के पूर्व छात्र त्रपित बंसल को मेटा ने दिया 800 करोड़ रुपये का पैकेज, जानें उनके सफर की पूरी कहानी
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और एआई रिसर्चर त्रपित बंसल को मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने करीब 800 करोड़ रुपये के भारी-भरकम सैलरी पैकेज पर अपनी टीम में शामिल किया है।
दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में नहीं मिला था दाखिला, अब बिहार के निखिल को लंदन में मिला 75 लाख रुपये का पैकेज
बिहार के भोजपुर के रहने वाले निखिल सिंह को लंदन में 75 लाख रुपये का सालाना पैकेज मिला है। तीन साल पहले दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज में दाखिला न मिलने के बाद उन्होंने विदेश जाकर पढ़ाई करने का फैसला किया था।
50 रुपये के आलू पराठे ने बदली तकदीर, सिर्फ 5 घंटे के स्टार्टअप से लाखों का कारोबार कर रही हैं रायपुर की सपना
रायपुर में सपना गुप्ता का पराठा जंक्शन एक सफल स्टार्टअप बनकर उभरा है, जहां सुबह के 5 घंटों में ही सैकड़ों लोग नाश्ते का आनंद लेने पहुंचते हैं।
घूस देने के बजाय खरीदी गाय: शिवहर के आलोक कुमार सिंह की अनोखी कहानी, जिसने झूठे मुकदमे को बनाया सफलता का जरिया
शिवहर के किसान आलोक कुमार सिंह ने एक झूठे मामले में पुलिस को रिश्वत देने के बजाय उन पैसों से गाय खरीदने का साहसिक फैसला लिया। आज वे न केवल वह कानूनी लड़ाई जीत चुके हैं, बल्कि डेयरी फार्मिंग के जरिए एक सफल उद्यमी के रूप में दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं।
75 साल की उम्र, 32 डिग्रियां और अब 'आचार्य' बनने की तैयारी: हिमाचल के मिल्खी राम ने पेश की शिक्षा की अनूठी मिसाल
हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 75 वर्षीय मिल्खी राम 32 डिग्रियां और पीएचडी हासिल करने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। अब वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से संस्कृत में 'आचार्य' की परीक्षा दे रहे हैं।
लखीमपुर खीरी: माया प्रेरणा समूह की राम बेटी ने बदली तकदीर, चाय-पराठे की कैंटीन से कमा रहीं हर दिन 2500 रुपये
लखीमपुर खीरी की राम बेटी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर साल 2017 में एक छोटी सी कैंटीन शुरू की थी, जो आज उनके आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन गई है। उनकी सफलता की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देखती हैं।
सफलता की मिसाल: टेलर मां और ड्राइवर पिता के बेटे निखिल अग्रवाल ने NIMCET में किया टॉप
कानपुर के रहने वाले निखिल अग्रवाल ने कठिन NIMCET परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है। बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले निखिल की यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
आगरा की बेटी का कमाल: 250 वर्ग फुट की दुकान से खड़ा किया 180 आउटलेट्स का विशाल साम्राज्य
आगरा की रहने वाली नीलम सिंह ने अपनी बचत से 'द बर्गर कंपनी' की शुरुआत की और आज बिना किसी बाहरी फंडिंग के इसे 180 से अधिक स्टोर्स तक पहुँचा दिया है।
खेती की सीमित आमदनी से परेशान होकर शुरू किया नया काम, अब हर महीने ₹30 हजार तक कमा रहे किसान
बहराइच के एक किसान ने पारंपरिक खेती के साथ पेंटिंग के हुनर को जोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी है। अब वे खेती के साथ पेंटिंग से हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं और अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं।
बुरहानपुर के सोहनलाल की प्रेरणादायक कहानी: 20 हजार के कर्ज से शुरू किया पराठे का ठेला, आज लाखों में है कमाई
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के रहने वाले सोहनलाल ने महज सातवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद पराठे का ठेला लगाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। आज वे न केवल खुद लाखों कमा रहे हैं, बल्कि दूसरों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं।