उपनाम: सक्सेस स्टोरी
रांची की पूर्णिमा का कमाल: हाथ से बनी शिवलिंग और गणेश राखियों की धूम, कीमत 40 रुपये से शुरू
झारखंड की राजधानी रांची में पूर्णिमा नाम की एक महिला अपने हाथों से बेहद आकर्षक और अनोखी राखियां बनाकर लोगों का दिल जीत रही हैं। मात्र 40 रुपये से शुरू होने वाली उनकी राखियों की मांग न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि देश के बड़े शहरों में भी है।
बुरहानपुर के भाई-बहन की मिसाल: पढ़ाई के साथ शुरू किया ऑर्गेनिक जूस का स्टार्टअप, सोशल मीडिया से मिली प्रेरणा
बुरहानपुर में दो भाई-बहन अपनी कॉलेज की पढ़ाई के साथ ऑर्गेनिक जूस का स्टॉल चलाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मात्र 5000 रुपये की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह काम अब लोगों की पहली पसंद बन गया है।
संघर्षों से भरी दास्तां, भाई और पिता को खोने के बाद तनु प्रिया ने ऐसे हासिल की BPSC में सफलता
समस्तीपुर की तनु प्रिया ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए BPSC 70वीं परीक्षा में 178वीं रैंक हासिल कर नगर कार्यपालक पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है।
रांची के सूरज की अनोखी कहानी: बैंक की नौकरी छोड़ शुरू किया ये बिजनेस, आज कर रहे हैं लाखों की कमाई!
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़े रांची के सूरज ने बैंक की आरामदायक नौकरी छोड़कर मखाना, किनुआ और चिया का बिजनेस शुरू किया। आज उनका ब्रांड 'ऑर्गेनिक मंच' ब्लिंकिट समेत कई बड़े प्लेटफॉर्म पर लाखों की कमाई कर रहा है।
9 साल, 10 परीक्षाएं, 4 बार NET — सागर के अश्वनी पटेल ने MPPSC के चौथे प्रयास में पाई असिस्टेंट प्रोफेसर की कुर्सी
सागर के अश्वनी पटेल ने 9 साल की अथक मेहनत, 10 परीक्षाओं और 4 बार NET क्वालिफाई करने के बाद MPPSC (AP) 2024 में 57वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन पाया। गेस्ट फैकल्टी की नौकरी के साथ-साथ सेल्फ स्टडी और सोशल मीडिया से दूरी उनकी सफलता के मूल मं...
सक्सेस स्टोरी: खुद कलेक्टर नहीं बन पाए राहुल गीते, लेकिन तैयार कर दिए सैकड़ों अफसर; पढ़िए प्रेरक कहानी
खंडवा के राहुल गीते कलेक्टर बनने का सपना तो पूरा नहीं कर सके, पर उन्होंने अब तक 450 से अधिक छात्रों को सरकारी सेवाओं तक पहुंचाकर शिक्षा को सेवा का रूप दे दिया है।
रांची के राहुल और कनिका की कहानी: तीन साल की उम्र में पिता खोए, फिर पत्नी संग खड़ा किया 'मल्हारी रेस्टोरेंट'
झारखंड की राजधानी रांची के राहुल और कनिका ने मेहनत और क्वालिटी के बूते मल्हारी रेस्टोरेंट को सफल ब्रांड बनाया, जिसकी आज दो ब्रांच और एक बैंकट हॉल हैं। अब दंपती जल्द ही एक और होटल खोलने की तैयारी में है।
लुधियाना में सीखा हुनर, बिहार लौटकर खड़ा किया कारोबार, अब हर साल लाखों की कमाई
जहानाबाद के शंभू कुमार ने लुधियाना में कपड़ा उद्योग के गुर सीखे और अपने जिले लौटकर महज 50 हजार रुपये से गारमेंट यूनिट शुरू की, जो आज सालाना 30 लाख रुपये का टर्नओवर दे रही है।
सफलता की कहानी: दो विषयों में तीन बार पास की NET परीक्षा, जानिए गाजीपुर के औरंगजेब खान की कामयाबी का मूल मंत्र
गाजीपुर के दिलदारनगर के रहने वाले रिसर्च स्कॉलर औरंगजेब खान ने अंतरराष्ट्रीय मामलों और राजनीति विज्ञान जैसे कठिन विषयों में नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। उनका मानना है कि लगातार मेहनत और हार न मानने की जिद ही सफलता की असली कुंजी है।
मजदूर पति, यूट्यूब से मिला आइडिया: किरण ने केले के रेशे से खड़ा किया लाखों का कारोबार
बुरहानपुर के बहादरपुर गांव की किरण गोहर ने यूट्यूब से सीखकर केले के रेशे से हैंडमेड प्रोडक्ट बनाने का काम शुरू किया और आज सालाना एक से डेढ़ लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही वे गांव की कई महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी दे रही हैं।
बड़े भाई की सलाह ने बदली विक्रम सोनार की तकदीर! ₹1 लाख से शुरू किया धंधा, अब ₹3 लाख तक की कमाई
मध्य प्रदेश के विक्रम सोनार ने बड़े भाई के सहयोग और ₹1 लाख के लोन से कपड़ों का कारोबार शुरू किया था। आज गांधी चौक में ठेला लगाकर वे हर साल 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं।
सक्सेस स्टोरी: 9.9 लाख का कर्ज और 35% सब्सिडी से बदली तकदीर, ऑयल मिल लगाकर सफल उद्यमी बने संजीव जैन
शिवपुरी के संजीव जैन ने किराना दुकान से शुरुआत कर PMFME योजना की मदद से अपनी ऑयल मिल खड़ी की और आज हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उन्होंने 3 स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है।
सफलता की कहानी: बचपन के अनुशासन और छुट्टियों की मेहनत से सीतामढ़ी के शशिरंजन बने लेफ्टिनेंट, जेईई मेन्स में पाई थी 12वीं रैंक
सीतामढ़ी के शशिरंजन सुमन ने देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। जेईई मेन्स के जरिए टेक्निकल एंट्री स्कीम में उन्होंने पूरे देश में 12वीं रैंक पाई थी।
गोंडा के आकाश ने बीएससी एग्रीकल्चर के बाद चुनी गेंदे की खेती, सालाना 7 लाख तक की कमाई
गोंडा के युवा किसान आकाश वर्मा ने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के बाद आधुनिक तरीके से गेंदे के फूलों की खेती शुरू की और आज इससे सालाना 6 से 7 लाख रुपए तक की आमदनी कमा रहे हैं।
समूह से जुड़ीं रेनू देवी ने घर से शुरू किया मसाला कारोबार, बनाया अपना ब्रांड और कर रहीं तगड़ी कमाई
फिरोजाबाद के एक गांव की रेनू देवी ने महिला समूह से जुड़कर घर पर मसाले पीसने का काम शुरू किया और आज अपने ब्रांड के सहारे सालभर में लाखों की कमाई कर रही हैं।