मजदूर पति, यूट्यूब से मिला आइडिया: किरण ने केले के रेशे से खड़ा किया लाखों का कारोबार व्यापार एक महीने पहले 32
बुरहानपुर के बहादरपुर गांव की किरण गोहर ने यूट्यूब से सीखकर केले के रेशे से हैंडमेड प्रोडक्ट बनाने का काम शुरू किया और आज सालाना एक से डेढ़ लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही वे गांव की कई महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी दे रही हैं।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की महिलाएं अब केले के रेशे से तरह-तरह के उत्पाद तैयार करने में जुटी हैं। जिले से करीब 8 किलोमीटर दूर बसे बहादरपुर गांव की किरण गोहर इसी बदलाव का चेहरा बन चुकी हैं। शादी के बाद जब घर की आर्थिक हालत कमजोर थी, तब किरण ने हार मानने के बजाय इंटरनेट पर मौका तलाशा और आज वे घर बैठे कमाई करने की चाह रखने वाली महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

शादी के बाद नहीं था कोई काम, सोशल मीडिया से मिली राह

किरण बताती हैं कि शादी के बाद जब वे ससुराल आईं तो घर में कोई काम नहीं था। इसी दौरान उन्हें केले के रेशे से बनने वाले सामान के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी पूरी जानकारी जुटाई और फिर बाकायदा प्रशिक्षण लिया। आज वे केले के रेशे से टोपी, मोबाइल कवर, खेल-खिलौने समेत कई तरह की वस्तुएं तैयार कर रही हैं।

ऑर्डर पर बनती हैं चीजें, सालाना डेढ़ लाख तक की कमाई

किरण के मुताबिक, लोग ऑर्डर देकर उनसे कई चीजें बनवाते हैं, जिससे हर साल एक से डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है। वे अपने गांव की दो से तीन महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं, जिससे इन सभी को घर बैठे काम मिल रहा है। किरण इस काम से जुड़े प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में भी हिस्सा लेती हैं और आगे इस कारोबार को और बढ़ाने की योजना रखती हैं। उनका दावा है कि इसी व्यवसाय की बदौलत वे लखपति बन चुकी हैं।

पहले गृहिणी थीं, पति करते थे मजदूरी

किरण बताती हैं कि पहले वे एक गृहिणी थीं और उनके पति मेहनत-मजदूरी करते थे, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता था। जब उन्होंने यूट्यूब पर केले के रेशे के बारे में सर्च किया और जानकारी ली, तो उन्हें पता चला कि इससे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इसके बाद उन्होंने विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीयन कराया और प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब वे अपने घर पर ही केले के रेशे से टोकरियां, पानी की बोतल के कवर, मोबाइल कवर, खेल-खिलौने, टोपियां और कई हैंडमेड आइटम तैयार करती हैं।

चार महीने से दे रहीं महिलाओं को रोजगार

किरण कहती हैं कि जब उन्हें इस काम में सफलता मिली, तो उन्होंने अपने आस-पड़ोस की महिलाओं को भी इसके बारे में बताया। अब वे इन महिलाओं को यह हुनर सिखाकर रोजगार दे रही हैं, जिससे उनकी भी रोजाना 100 से 200 रुपये तक की कमाई हो जाती है।

घर बैठे महिलाएं केले के रेशे से कई उत्पाद बना रही हैं। हमारे यहां बनी टोपियां लंदन तक जा रही हैं और वहां के लोग इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं।
राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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