लुधियाना में सीखा हुनर, बिहार लौटकर खड़ा किया कारोबार, अब हर साल लाखों की कमाई व्यापार एक महीने पहले 70
जहानाबाद के शंभू कुमार ने लुधियाना में कपड़ा उद्योग के गुर सीखे और अपने जिले लौटकर महज 50 हजार रुपये से गारमेंट यूनिट शुरू की, जो आज सालाना 30 लाख रुपये का टर्नओवर दे रही है।

सफलता के लिए मोटी पूंजी से ज्यादा जरूरी होता है मजबूत हौसला और सही दिशा में की गई मेहनत। बिहार के जहानाबाद के रहने वाले शंभू कुमार ने इसी बात को सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों के बीच कभी रोजगार की तलाश में घर से निकले शंभू ने आज अपने ही जिले में एक सफल गारमेंट कारोबार खड़ा कर लिया है।

लुधियाना में सीखी कपड़ा उद्योग की बारीकियां

आर्थिक तंगी के चलते शंभू कुमार रोजगार की तलाश में पंजाब के लुधियाना पहुंचे थे। वहां उन्होंने कपड़ा उद्योग में काम करते हुए इस क्षेत्र की बारीकियों को नजदीक से समझा और जरूरी कौशल हासिल किया। यही अनुभव आगे चलकर उनके अपने कारोबार की बुनियाद बना।

50 हजार रुपये से शुरुआत

लुधियाना से लौटने के बाद शंभू ने अपने जिले में महज 50 हजार रुपये की पूंजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह काम धीरे-धीरे एक भरोसेमंद गारमेंट यूनिट में बदल गया।

हर महीने हजारों कपड़ों का उत्पादन

आज उनकी गारमेंट यूनिट हर महीने हजारों की संख्या में टी-शर्ट, हाफ पैंट और ट्राउजर तैयार कर रही है। उत्पादन की यह रफ्तार उनके कारोबार की लगातार बढ़ती मांग को दर्शाती है।

रोजगार और सालाना टर्नओवर

शंभू कुमार की इस इकाई से 15 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उनका कारोबार सालाना 30 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहा है, जो सीमित संसाधनों से शुरू हुई एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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