उपनाम: सक्सेस स्टोरी
एयर होस्टेस से 'बांसा घर' की मालकिन तक: पिंकी ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ मोमोज से कमाए महीने के 50 हजार
झारखंड के बोकारो जिले की पिंकी कुमारी ने गुड़गांव की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने गांव में फास्ट फूड स्टॉल शुरू किया और आज शाकाहारी मोमोज बेचकर हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक कमा रही हैं।
सक्सेस स्टोरी: न नौकरी न दफ्तर, घर बैठे महीने में 2 लाख की कमाई; खुशबू ने 100 महिलाओं की बदली तकदीर
बिहार के मधुबनी की खुशबू चौधरी मिथिला पेंटिंग के दम पर घर से ही हर महीने 2 लाख रुपये तक कमाती हैं और अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं व लड़कियों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।
लुधियाना में मजदूरी से बिहार में अपनी कंपनी तक: 12वीं पास शंभू ने 50 हजार से शुरू कर 30 लाख का टर्नओवर खड़ा किया
जहानाबाद के शंभू कुमार ने 12वीं के बाद नौकरी छोड़कर सिर्फ 50 हजार रुपये से कपड़ा उद्योग शुरू किया और आज उनका सालाना टर्नओवर 30 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। PMEGP स्कीम की मदद से उनका कारोबार अब 7 जिलों में फैला है और दर्जनों लोगों को रोजगार दे रहा है।
सक्सेस स्टोरी: फौज से रिटायर होकर असली फल-सब्जियों जैसी मोमबत्तियां गढ़ रहे बागेश्वर के नारायण दत्त, कमाई सुनकर चौंक जाएंगे
बागेश्वर के नैनी गांव के पूर्व सैनिक नारायण दत्त फल और सब्जियों की हूबहू नकल जैसी सजावटी मोमबत्तियां बनाकर त्योहारी सीजन में हर महीने 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं और गांव की महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
सफलता की कहानी: ज़मीन से 400 मीटर नीचे खदानों में जुटीं प्रिया दीक्षित, महिलाओं की प्रेरणा बनीं
खेतड़ी के हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड कॉपर कॉम्प्लेक्स में असिस्टेंट मैनेजर (एक्सप्लोरेशन) के पद पर कार्यरत प्रिया दीक्षित ज़मीन से करीब 400 मीटर नीचे खदानों में खनिजों की जांच कर रही हैं। पुरुष-प्रधान माने जाने वाले माइनिंग सेक्टर में उन्होंने अपनी मेहनत से...
तीन पीढ़ियों की मेहनत: छोटे दूध भंडार से 'दिव्य दूध' तक, कैसे बना खंडवा का यह ब्रांड एमपी की पहचान
खंडवा में 1980 में महज एक छोटी दूध दुकान से शुरू हुआ सफर आज 'दिव्य दूध' के रूप में मध्य प्रदेश के भरोसेमंद डेयरी ब्रांड में बदल चुका है। तीन पीढ़ियों की मेहनत, गुणवत्ता और पारिवारिक एकजुटता की यह कहानी हर युवा उद्यमी के लिए प्रेरणा है।
सक्सेस स्टोरी: बचपन में मां से किया था फौजी बनने का वादा, आज पीएम मोदी की सुरक्षा संभाल रहे दूदू के बालकिशन बलाई
राजस्थान के दूदू जिले के एक छोटे से गांव के बालकिशन बलाई आज एसपीजी कमांडो के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात हैं। देश सेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है।
अखबार बांटने से लेकर अपने ब्रांड तक: जमशेदपुर के मनप्रीत की प्रेरक यात्रा
तीन साल की उम्र में पिता को खोने वाले जमशेदपुर के 21 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने बचपन से मेहनत कर आज 'Shades of Punjab' नाम से अपना कपड़ा ब्रांड खड़ा किया है, जिसके शहर में दो आउटलेट चल रहे हैं।
5 मिनट की कला से शानदार कमाई! बोकारो की मोनिका ने पाइप क्लीनर से रची सफलता की कहानी
बोकारो की गृहणी मोनिका लकड़ा पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से फूल, बुके और की-रिंग बनाकर हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। उनके उत्पाद 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक में बिकते हैं।
कॉर्पोरेट करियर छोड़ खेती में लगाया दिमाग, 50 लाख की नौकरी छोड़कर बने 'स्मार्ट किसान'
जबलपुर के शिवेंद्र सिंह सेंगर ने पुणे की कंपनी में 50 लाख के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर प्रोटेक्टेड फार्मिंग को अपनाया और अब नेट हाउस खेती से हर सीजन तीन से चार लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।
12वीं के बाद पढ़ाई छूटी, लेकिन करेले की खेती ने बदली किस्मत; उपमुख्यमंत्री भी कर चुके सम्मानित
सुल्तानपुर के किसान रवि कुमार वर्मा ने वैज्ञानिक तरीके से सब्जी की खेती कर सफलता की मिसाल कायम की है। 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले रवि आज करेले की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
गया के रंजीत की मिसाल! 11 रुपये के नींबू पौधे ने पलटी तकदीर, नीलगाय की मार के बीच कमाए 10 लाख
बिहार के गया जिले के शेरघाटी प्रखंड के किसान रंजीत कुमार ने नीलगाय के आतंक से उबरने के लिए नींबू की बागवानी अपनाई और महज 11 रुपये के पौधे से शुरू हुआ सफर अब सालाना लाखों की कमाई तक पहुंच गया है। इसी आमदनी से वे बेटे को एमबीए और बेटी को नर्सिंग की पढ़ाई कर...
घर पर बनाए आलू के चिप्स और पापड़, हर महीने 15 हजार तक की कमाई, दूर-दराज से पहुंचते हैं खरीदार
मुरादाबाद की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर पर आलू के चिप्स और पापड़ तैयार कर बाजार में बेच रही हैं। इस छोटे उद्यम से जहां उन्हें अच्छी कमाई हो रही है, वहीं कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
छह साल की कड़ी मेहनत रंग लाई, ऋषिकेश की शताक्षी शर्मा बनीं UKPSC में सफल, अब संभालेंगी DSP की कमान
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ऋषिकेश की शताक्षी शर्मा ने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद पर चयन हासिल किया है। यह सफलता उनके वर्षों के संघर्ष, लगातार अभ्यास और दृढ़ संकल्प का नतीजा है।
सिक्किम से मिली सीख दरभंगा में चमकी! युवा किसान आदित्य केंचुआ और जैविक खाद बेचकर कमा रहे दोहरा मुनाफा
दरभंगा के युवा किसान आदित्य कुमार ने वर्मी कंपोस्ट को व्यवसाय बनाकर अनोखी राह चुनी है। वे एक साथ जैविक खाद और केंचुए दोनों बेचकर हर महीने दोहरी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।