सक्सेस स्टोरी: 9.9 लाख का कर्ज और 35% सब्सिडी से बदली तकदीर, ऑयल मिल लगाकर सफल उद्यमी बने संजीव जैन व्यापार 4 दिन पहले 7
शिवपुरी के संजीव जैन ने किराना दुकान से शुरुआत कर PMFME योजना की मदद से अपनी ऑयल मिल खड़ी की और आज हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उन्होंने 3 स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है।

अगर आप भी स्वरोजगार की राह तलाश रहे हैं और अपना कारोबार खड़ा करना चाहते हैं, तो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के संजीव जैन की कहानी आपके लिए प्रेरणा बन सकती है। कभी किराने की एक छोटी सी दुकान चलाने वाले संजीव ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सही इस्तेमाल से अपनी पूरी जिंदगी बदल डाली। आज वे ‘अयांशी ऑयल मिल’ के मालिक हैं और हर महीने ₹60,000 की कमाई कर रहे हैं।

किराना दुकान से शुरू हुआ सफर

शिवपुरी शहर के नवाब साहब रोड पर रहने वाले संजीव जैन पहले एक सामान्य किराना स्टोर चलाते थे। दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उन्हें उम्मीद के अनुसार आमदनी नहीं हो पा रही थी, जिससे वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाने को लेकर परेशान रहते थे। बेहतर भविष्य की तलाश में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के जिला रिसोर्स पर्सन गिर्राज ओझा से संपर्क किया और यहीं से उनके जीवन में बदलाव की नींव पड़ी।

PMFME योजना बनी टर्निंग प्वाइंट

गिर्राज ओझा ने उन्हें केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ (PMFME) के बारे में विस्तार से समझाया। योजना की जानकारी मिलते ही संजीव ने देर नहीं की और इंडियन ओवरसीज बैंक, शिवपुरी से करीब 9 लाख 90 हजार रुपये का ऋण लिया। इस योजना की सबसे खास बात यह रही कि उन्हें इस ऋण पर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी मिली। इसी आर्थिक सहारे के दम पर उन्होंने नवाब साहब रोड पर अपनी ‘अयांशी ऑयल मिल’ की स्थापना की।

हर महीने ₹60,000 की शुद्ध कमाई

आज संजीव जैन का कारोबार सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है। अपनी मिल से वे औसतन हर महीने ₹60,000 की शुद्ध आय कमा रहे हैं। खास बात यह है कि वे सिर्फ अपने लिए ही नहीं कमा रहे, बल्कि उन्होंने अपनी इकाई में 3 स्थानीय लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है।

युवाओं के नाम संदेश

संजीव जैन ने युवाओं को एक अहम संदेश दिया है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश शासन की स्वरोजगार योजनाएं बेहद किफायती और फायदेमंद हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, खुद आगे बढ़ें और नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बनें। संजीव की यह कहानी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजना का सही समय पर लाभ मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत के बूते शून्य से शिखर तक का सफर तय कर सकता है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!