उपनाम: छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाई अरसा: मात्र 5 मिनट में बनकर तैयार, 15 दिनों तक रहती है सुरक्षित
छत्तीसगढ़ की मशहूर मिठाई अरसा को घर पर बनाना बेहद आसान है। चावल और गुड़ के मिश्रण से तैयार होने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसे लंबे समय तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है।
मात्र 7000 रुपये से खड़ा किया शानदार कारोबार, बालोद के इस ठेले के जायके के दीवाने हैं लोग
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लेशकुमार साहू का छोटा सा ठेला 'गंगा मईया भेल कॉर्नर' अपने खास मिर्ची भजिया और मुंगेड़ी के लिए मशहूर हो गया है। महज 7000 रुपये की शुरुआती लागत से शुरू हुआ यह काम आज उन्हें प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई करा रहा है।
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द, छात्रों का जबरदस्त प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर की परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने का बड़ा मामला सामने आया है। छात्रों के भारी विरोध और हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आनन-फानन में परीक्षा को रद्द करने का फैसला ल...
20 राज्यों में IMD का हाई अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेगी हवा, यूपी से एमपी तक बरसेगा आसमानी कहर
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 20 अगस्त को देशभर के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा और कई इलाकों में आकाशीय बिजली व जलभराव की समस्या हो सकती है।
सरगुजा: मेझरी की पारंपरिक खेती का जलवा बरकरार, कम खर्च में मिलता है बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में किसान आज भी अपनी पुरानी विरासत मेझरी की खेती को संजोए हुए हैं, जो कम मेहनत और न्यूनतम लागत में अच्छी पैदावार देती है।
खेती के साथ अपनाएं ये बिजनेस, कम लागत में बंपर कमाई का तरीका
छत्तीसगढ़ के एक प्रगतिशील किसान ने खेती के साथ पशुपालन को जोड़कर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा लिया है। जानिए कैसे भेड़-बकरी पालन आपको अतिरिक्त मुनाफा देने के साथ-साथ खेती के खर्चों में भी कमी ला सकता है।
बालोद की महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों से बदली तकदीर, देसी स्वाद के जरिए कर रही हैं तगड़ी कमाई
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की कुछ महिलाएं पारंपरिक देसी व्यंजनों को बनाकर न केवल अपनी आत्मनिर्भरता साबित कर रही हैं, बल्कि घर बैठे अच्छी कमाई भी कर रही हैं।
धान की फसल में बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट का खतरा: ऐसे करें पहचान और बचाव
धान की रोपाई के बाद पौधों में होने वाली गलन और सूखने की समस्या को नजरअंदाज न करें। कृषि विशेषज्ञों ने इसे जीवाणु झुलसा रोग बताते हुए इसके शुरुआती लक्षणों और रोकथाम के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण सलाह दी है।
रायपुर में खौफनाक वारदात: प्रेमिका को रोकने कार की छत पर चढ़ा युवक, चालक ने कुचलकर उतारा मौत के घाट
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रेम संबंध के विवाद में एक 34 वर्षीय युवक की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई। युवती को रोकने के लिए युवक कार की छत पर चढ़ा था, लेकिन कार सवार ने गाड़ी नहीं रोकी और उसे कुचलकर मौके से फरार हो गया।
ऐतिहासिक बदलाव: नक्सलियों के गढ़ कर्रेगुट्टा पर पहली बार लहराया तिरंगा, बस्तर में बदली तस्वीर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया है, जो कभी माओवादियों का अभेद्य किला माना जाता था। यह पल बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है।
बस्तर में पुलिस की अनूठी पहल: नेतानार कैंप में सिलाई सीखकर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित नेतानार पुलिस कैंप में सेवा डेरा की शुरुआत की गई है, जहाँ स्थानीय महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
बंदूक छोड़ मुख्यधारा में लौटीं बस्तर की पूर्व महिला नक्सलियों ने रायपुर में किया रैंप वॉक, बटोरीं खूब तालियां
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में बस्तर की पूर्व महिला नक्सलियों ने पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक किया। हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुईं इन महिलाओं के इस नए रूप को देखकर दर्शक दंग रह गए और पूरा हॉल ता...
असम में बाढ़ का कहर: बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 10 करोड़ रुपये की सहायता का किया ऐलान
असम में भीषण बाढ़ के संकट के बीच पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री असम सरकार की मदद के लिए आगे आए हैं और बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: पहली से पांचवीं तक हिंदी और आठवीं तक अंग्रेजी बोलना-लिखना होगा जरूरी, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार ने नया फॉर्मूला तैयार किया है, जिसके तहत प्राथमिक स्तर पर हिंदी और माध्यमिक स्तर पर अंग्रेजी भाषा के कौशल को अनिवार्य किया जाएगा।
नक्सलवाद का अंधेरा छंटा, बस्तर के गांवों में 46 साल बाद फहराएगा तिरंगा
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अति नक्सल प्रभावित गांवों में अब खौफ की जगह तिरंगे की शान ने ले ली है, जहां करीब पांच दशक तक काला झंडा लहराया करता था, वहां अब बच्चे देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।