उपनाम: छत्तीसगढ़
अब न घंटी की जरूरत, न रजिस्टर का झंझट: छत्तीसगढ़ के शिक्षक ने बनाया आवाज़ से चलने वाला 'स्मार्ट अटेंडेंस' ऐप
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक सरकारी शिक्षक ने अनोखा नवाचार किया है। अब छात्र केवल अपना नाम बोलकर उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे, जिससे शिक्षकों का काफी समय बचेगा और पूरा डेटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
ससुर के अनोखे तोहफे से बदली दामाद की किस्मत, बनारस के युवक ने बालोद में बिना पूंजी के शुरू किया सफल कारोबार
छत्तीसगढ़ के बालोद में ससुर और दामाद के अनोखे रिश्ते की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां ससुर ने अपने दामाद को न केवल रोजगार का साधन दिया, बल्कि बिना किसी निवेश के उसे आत्मनिर्भर बनाया। आज रविकांत गुप्ता अपनी चाट की दुकान के जरिए इलाके में मशहूर हो...
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक डिश ईढर: कोचई के पत्तों से बनती है ऐसी सब्जी कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे
छत्तीसगढ़ की खास पहचान 'ईढर' अरबी के पत्तों और उड़द दाल के मेल से बनने वाली एक अनूठी डिश है, जिसे बरसात के मौसम में घरों में बड़े चाव से बनाया जाता है।
ज्ञानगुड़ी का कमाल: बस्तर के 50 होनहार बच्चों ने NEET में लहराया परचम, अब बनेंगे डॉक्टर
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ज्ञानगुड़ी की निःशुल्क कोचिंग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहां से 50 से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा पास कर मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता साफ कर लिया है।
जांजगीर-चांपा में भैंस चोरी का अजीबोगरीब मामला, सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर खुद ही फंसे शातिर चोर
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में चोरों ने 10 भैंसें चुराने के बाद उन्हें बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया, लेकिन इसी वायरल वीडियो ने उन्हें पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया।
छत्तीसगढ़ में बड़ा फर्जीवाड़ा: बीमारी से मौत को बताया 'सांप का काटना', 64 लाख रुपये का सरकारी मुआवजा डकारा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी मुआवजे की राशि हड़पने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों ने बीमारी और अन्य कारणों से हुई मौतों को सांप के काटने का मामला बताकर 64 लाख रुपये का घोटाला किया है।
बिलासपुर: मुक्तिधाम में लावारिस शवों का अपमान, महज 2 फीट गहरी कब्र से बाहर आए अवशेष
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार में घोर लापरवाही सामने आई है, जहां उथली कब्रों के कारण बारिश के बाद शव बाहर निकल आए और आवारा कुत्ते उन्हें नोचते देखे गए।
सड़क किनारे स्टॉल लगाकर सजावटी कला को दे रहीं नई पहचान, सरगुजा की इन दो बहनों का जज्बा है मिसाल
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में दो बहनों, मृगाक्षी और मृणाली ने आर्थिक मजबूरी के बजाय अपने शौक को करियर में बदलने के लिए लियानबी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। वे सड़क किनारे स्टॉल लगाकर मोजेक और लिप्पन आर्ट जैसी कलाकृतियां बेच रही हैं और अन्य युवाओं को प्रेरि...
बस्तर में मलेरिया का डरावना रूप, मिक्स मलेरिया के 254 मामलों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मलेरिया का संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है, जहां अब तक 8,426 मरीज सामने आए हैं। इनमें से 254 मामलों में 'मिक्स मलेरिया' की पुष्टि हुई है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 'मीत' बनाने की अनूठी परंपरा, गोंचा पर्व पर केदारनाथ और विजय पांडे ने निभाई अटूट दोस्ती की रस्म
छत्तीसगढ़ के बस्तर में गोंचा पर्व के दौरान 'मीत' बनाने की एक बेहद खास और पारंपरिक रस्म निभाई जाती है, जहां दो लोग भगवान के सामने जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।
कांकेर: तुडगे गांव में 17 लोगों की घर वापसी, तीन परिवारों ने पारंपरिक विधि से मूल धर्म को अपनाया
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड में रविवार को एक भावनात्मक आयोजन में तीन परिवारों के 17 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म में वापसी की है। ग्रामीणों और समाज प्रमुखों ने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इन परिवारों का स...
ग्राउंड रिपोर्ट: बिलासपुर में बारिश ने मचाया तांडव, घरों में घुसा पानी तो बर्बाद हुआ लाखों का सामान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मूसलाधार बारिश के बाद आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बंधवापारा समेत शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया और उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
घर-घर जाकर अचार और बड़ी बेचने वाली महिलाओं की बदली तकदीर, रेलवे स्टेशन ने दी नई उड़ान
छत्तीसगढ़ के बालोद रेलवे स्टेशन पर 'एक स्टेशन-एक उत्पाद' योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां 12 महिलाओं का एक समूह अब अपने पारंपरिक उत्पादों से आत्मनिर्भर बन रहा है।
छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान खास है बांस की कोपल की सब्जी, जानिए इसे बनाने का सही तरीका
छत्तीसगढ़ में बरसात के मौसम में बांस की कोपल यानी करिल की सब्जी बेहद लोकप्रिय है। यह न केवल अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है, बल्कि फाइबर और पोषक तत्वों का एक बड़ा भंडार भी है।
बरसात के मौसम में लौकी की बंपर पैदावार पाने के आसान टिप्स, इन तरीकों से कीट और सड़न से बचाएं फसल
छत्तीसगढ़ में लौकी की खेती करने वाले किसान कीटों के हमले और फलों के सड़ने से परेशान हैं। कृषि विशेषज्ञों ने फसल बचाने के लिए महत्वपूर्ण रासायनिक और जैविक उपाय साझा किए हैं।