छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच, 'मन की बात' में पीएम मोदी ने की 'मुनगा' अभियान की सराहना छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नवाचारों को 'मन की बात' में जगह मिलना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है, साथ ही उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की नई इबारत लिखे जाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ मन की बात का श्रवण

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार का दौरा किया। यहाँ स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 138वीं कड़ी को स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के साथ सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का रेडियो कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे नवाचारों को एक नई पहचान और राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान का जिक्र किए जाने पर इसे प्रदेश के निवासियों के परिश्रम का सम्मान बताया।

पोषण की लड़ाई में मुनगा अभियान की भूमिका

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान राज्य में कुपोषण के विरुद्ध लड़ी जा रही लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। मुनगा यानी मोरिंगा, सहज रूप से उपलब्ध होने के साथ-साथ पोषक तत्वों का एक खजाना है। इसके पत्तों, फूलों और फलों में भरपूर मात्रा में आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों के आसपास मुनगा का पौधा अवश्य लगाएं और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करें।

पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

अपनी 138वीं कड़ी के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराते हुए नागरिकों से जनगणना में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण रक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा की। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और वोकल फॉर लोकल के मंत्र को आगे बढ़ाने के साथ ही, उन्होंने सितंबर माह को पोषण माह के रूप में संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान की प्रशंसा की, जिसका उद्देश्य पौष्टिक मुनगा को दैनिक खान-पान का अनिवार्य हिस्सा बनाना है।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों की गूंज

यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि लगातार मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रयासों और जनभागीदारी वाले मॉडलों को सराहा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि इससे पहले भी बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल जैसे नवाचारों को प्रधानमंत्री से प्रशंसा मिल चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से कोरिया जिले के जल संचय मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे किसान अपने खेत के 5 प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था कर न केवल सिंचाई की समस्या सुलझा रहे हैं, बल्कि भूजल स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।

शांति और विकास की ओर बढ़ता बस्तर और कांकेर

मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि बस्तर और कांकेर का यह इलाका, जो लंबे समय तक नक्सलवाद की चपेट में रहा है, अब पूरी तरह बदल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, हमारे वीर सुरक्षा बलों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास के कारण छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खात्मे की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। जो क्षेत्र कभी भय और दहशत का केंद्र थे, वहां आज शांति का माहौल है। सरकार का यह संकल्प है कि विकास का लाभ राज्य के अंतिम गांव और आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

लामकन्हार के लिए 85 लाख रुपए की सौगात

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम लामकन्हार के सर्वांगीण विकास के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इन कार्यों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

  • शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए।
  • प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 37 लाख रुपए।
  • छोटे पारा में सीसी रोड के निर्माण हेतु 18 लाख रुपए।
  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय और प्रयोगशाला सुविधाओं के लिए 15 लाख रुपए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है।

पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की नींव

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के परिसर में अमरूद का पौधा रोपा। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे पर्यावरण की रक्षा को अपनी साझा जिम्मेदारी समझें। मुख्यमंत्री के अनुसार, आज लगाया गया एक-एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ के विधायक विक्रम उसेंडी के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, विभिन्न अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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