हैदराबाद की नौकरी छोड़ गांव लौटे शिवम, डेयरी से सालाना लाखों की कमाई व्यापार एक महीने पहले 30
सीधी जिले के गोपालपुर निवासी शिवम शुक्ला ने हैदराबाद की अकाउंटेंट की नौकरी छोड़कर अपने गांव में डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज इसी से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।

कई बार बड़े शहर की चमक-दमक वाली नौकरी भी मन को संतुष्टि नहीं दे पाती। ऐसी ही कहानी है सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र स्थित गोपालपुर गांव के रहने वाले शिवम शुक्ला की, जिन्होंने एक निजी कंपनी की नौकरी को अलविदा कहकर पशुपालन का रास्ता चुना और आज उसी के दम पर हर साल लाखों रुपये कमा रहे हैं। उनकी यह कामयाबी अब आसपास के इलाके के युवाओं के लिए मिसाल बनती जा रही है।

शहर की नौकरी छोड़कर लौटे अपने गांव

शिवम शुक्ला हैदराबाद की एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रहे थे। अच्छी नौकरी होने के बाद भी उनका मन वहां नहीं रमा और आखिरकार उन्होंने घर लौट आने का फैसला कर लिया। गांव पहुंचने के बाद उन्होंने तय किया कि कुछ अलग और अपना काम शुरू करेंगे।

योजना की मदद से शुरू किया डेयरी का काम

इसी सोच के साथ उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र गौतम से संपर्क किया। उनके मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की सहायता से शिवम ने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने सिर्फ तीन गायों के साथ काम आरंभ किया था, लेकिन लगातार मेहनत और सही दिशा-निर्देश के सहारे उनका कारोबार धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।

हर दिन इतने लीटर दूध का उत्पादन

फिलहाल शिवम के पास कुल 2 गाय और 5 भैंस हैं। इन पशुओं से वह रोजाना करीब 40 से 45 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। इसी दूध का कारोबार उनकी आमदनी का मुख्य जरिया बन चुका है।

सालाना लाखों की आमदनी

शिवम शुक्ला बताते हैं कि पशुपालन के जरिए उन्हें हर साल 5 से 6 लाख रुपये तक की कमाई हो रही है। उनका कहना है कि यदि सही जानकारी और लगन के साथ काम किया जाए, तो गांव में रहकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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