हुनर और जुनून की मिसाल: गुजरात की अरुणा बनीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी की क्वीन, डायमंड कट गहनों की जबरदस्त मांग व्यापार 2 घंटे पहले 3
गुजरात की अरुणा हाथ से बनी डायमंड कट आर्टिफिशियल ज्वेलरी के लिए देशभर में पहचानी जाती हैं और 20 साल से यह काम कर रही हैं। उनके गहनों की कीमत 1000 से 20000 रुपए तक है, जिन्हें आम लोगों के साथ-साथ आर्मी और एयरफोर्स की महिला अफसर भी खूब खरीदती हैं।

कहा जाता है कि अगर हाथों में हुनर हो तो वह कभी उम्र का मोहताज नहीं होता, वह सिर्फ जुनून मांगता है। यही जुनून और हुनर मिलकर इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचा देते हैं। गुजरात की रहने वाली अरुणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। गुजरात में पली-बढ़ीं अरुणा ने बचपन से ही अपने खानदानी काम को सीखना शुरू कर दिया था। बाद में वे जयपुर पहुंचीं, जहां उनकी किस्मत ने करवट ली, और फिर जयपुर से दिल्ली तक का सफर तय किया। आज पूरे देश में उन्हें आर्टिफिशियल ज्वेलरी का मास्टर माना जाता है।

यह ज्वेलरी भले ही आर्टिफिशियल कहलाती हो, लेकिन यह कोई साधारण नकली गहना नहीं है। असल में ये असली पत्थरों, रत्नों और मोतियों को तराशकर बनाए गए गहने होते हैं, जिन्हें देशभर में लोग बेहद पसंद करते हैं और जमकर खरीदते हैं।

एक गहना बनाने में लगते हैं 10 से 15 दिन

अरुणा ने बताया कि वे पिछले 20 सालों से यह काम कर रही हैं और देश में जहां कहीं भी प्रदर्शनी लगती है, उसमें वे जरूर शामिल होती हैं। उनके अनुसार, उनके पास मौजूद हर गहना हाथ से तैयार किया जाता है। एक ज्वेलरी को बनाने में 10 से 15 दिन का समय लग जाता है, जबकि छोटी ज्वेलरी तैयार करने में भी पूरा एक दिन खर्च होता है। इनमें असली मोती, पत्थर और रत्नों का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इन गहनों को फिनिशिंग देने में ही काफी समय लग जाता है, लेकिन इतनी खूबसूरत ज्वेलरी देश में और कोई नहीं बनाता। यही वजह है कि पूरे देश में उनके गहनों की मांग बनी रहती है।

आर्मी और एयरफोर्स की महिला अफसर भी हैं खरीदार

अरुणा के मुताबिक, इंडियन आर्मी और एयरफोर्स में तैनात महिला अफसर तक उनसे गहने खरीदती हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे पठानकोट से लौटी हैं, जहां एयरफोर्स की महिलाओं ने उनसे जमकर खरीदारी की, क्योंकि इस तरह की ज्वेलरी देश में और कहीं नहीं मिलती। वे अपने गहने पूरे देश में बेचती हैं।

कितनी है इन गहनों की कीमत

अरुणा ने बताया कि उनके पास मौजूद ज्वेलरी की कीमत 1000 और 2500 रुपए से शुरू होकर 15000 और 20,000 रुपए तक जाती है। यानी जितना बड़ा गहना होगा और उसमें हाथों की मेहनत जितनी ज्यादा लगेगी, उसकी कीमत उतनी ही अधिक होगी।

उन्होंने बताया कि यह उनका खानदानी काम है। बचपन से उन्होंने अपने माता-पिता को इसी तरह के गहने बनाते देखा, खुद भी सीखा और आज पूरे देश में इसकी मांग है। उनके अनुसार इस ज्वेलरी को डायमंड कट ज्वेलरी कहा जाता है, और यही खासियत इसे बाकी सबसे अलग बनाती है।

अरुणा ने यह भी बताया कि इस काम से उन्हें अच्छा-खासा मुनाफा हो जाता है। इस पूरे कारोबार में उनके पति भी उनका भरपूर साथ देते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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