घर की कला बनी वैश्विक पहचान, सऊदी अरब से लंदन तक गूंज रहा इस परिवार के हुनर का नाम व्यापार एक महीने पहले 26
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ₹500000 का लोन लेकर शुरू किए गए बुटीक की कारीगरी आज सऊदी अरब, अमेरिका और लंदन तक पसंद की जा रही है, जिससे हर साल तीन से चार लाख रुपए की कमाई हो रही है।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की पहचान यहां के लोगों की कलाकारी से भी होती है। ऐसी ही एक मिसाल जिले के सुभाष चौक क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने पेश की है, जिसकी मेहनत और हुनर की चर्चा अब देश की सीमाओं से बाहर भी हो रही है।

स्वरोजगार योजना से मिली नई दिशा

साल 2018 में इस युवक ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ₹500000 का लोन लिया और बुटीक का काम शुरू किया। शुरुआती दौर आसान नहीं था और कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार का साथ मिलता गया और धीरे-धीरे काम ने रफ्तार पकड़ ली।

तीन पीढ़ियों की विरासत

सनराइज बुटीक का संचालन करने वाले सुमित भावसार बताते हैं कि उनके दादा 60 सालों से यह दुकान चला रहे थे। शुरुआत एक छोटी सी दुकान से हुई थी। इसके बाद उनके पिता ने इसमें कुछ नया जोड़ा और जब आधुनिक मशीनें आईं तो उन्होंने 2018 में स्वरोजगार योजना के तहत ₹500000 का लोन लेकर काम को और भी आधुनिक बना दिया।

सुमित भावसार ने यह कलाकारी अपने पिता विजय भोलानाथ भावसार से सीखी है। आज हाईटेक मशीनों की मदद से कई वैरायटी के ब्लाउज तैयार किए जाते हैं, जो ग्राहकों को खूब भाते हैं।

तरह-तरह के डिजाइन और कीमत

बुटीक में डिजाइनिंग ब्लाउज तैयार किए जाते हैं, जिन्हें लोग बेहद पसंद करते हैं। यहां आरी वर्क, ब्राइडल प्रिंस कट और फोर टैक्स मधुबाला जैसे कई प्रकार के डिजाइन के ब्लाउज बनाए जाते हैं।

  • ब्लाउज की सिलाई ₹330 से लेकर ₹2500 तक ली जाती है।
  • ग्राहक 1 से 2 महीने पहले ही ब्लाउज सिलवाने का ऑर्डर दे देते हैं।
  • तय डिजाइन के अनुसार ब्लाउज तैयार किया जाता है।

विदेशों तक पहुंची चर्चा

इसी कारीगरी की वजह से अब सऊदी अरब, अमेरिका और लंदन जैसे देशों के लोग भी इस हुनर के दीवाने हो गए हैं। विदेशों से आने वाले ग्राहक 2 से 3 महीने पहले ही ब्लाउज बनवाने का ऑर्डर दे देते हैं।

कमाई के साथ रोजगार भी

इस काम से हर साल तीन से चार लाख रुपए की कमाई हो जाती है। इतना ही नहीं, सुमित भावसार अपने परिवार के साथ-साथ चार लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं, जो इस छोटे से बुटीक को आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक कहानी बनाता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप