उपनाम: पशुपालन
45 डिग्री की भीषण तपिश में भी हरी-भरी रहती है यह घास, जालौर के किसानों-पशुपालकों का बनी सहारा
जालौर के हरमू गांव में मिलने वाली धामण घास 45 डिग्री से अधिक तापमान में भी नहीं सूखती और गर्मियों में हरे चारे की कमी के बीच पशुपालकों व किसानों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है।
पशुओं को हरी घास खिला रहे हैं? पहले जान लें ये अहम बातें, वरना बिगड़ सकती है सेहत
गर्मी के मौसम में बिना सिंचाई वाली या नहर किनारे उगी हरी घास पशुओं के पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है। विशेषज्ञ संतुलित आहार के साथ सही मात्रा में ज्वार का चारा खिलाने की सलाह देते हैं।
घर में 6 दुधारू पशु हैं तो गोबर से हर महीने ₹20000 तक कमाई, किसान ने बताया पूरा गणित
मध्य प्रदेश के एक प्रगतिशील किसान के मुताबिक 6 दुधारू पशुओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर हर महीने 18 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है. कम लागत और जैविक खाद की बढ़ती मांग इस व्यवसाय को फायदेमंद बना रही है.
बटन दबाते ही ठंडी हो जाएगी गौशाला! पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाएगा फॉगर सिस्टम, जानें इस्तेमाल का तरीका
पटना के पशु विशेषज्ञों ने गर्मी में पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाने के लिए गौशालाओं में फॉगर फव्वारा लगाने की सलाह दी है। साथ ही क्रॉस वेंटिलेशन, ठंडा पानी और संतुलित आहार को भी जरूरी बताया गया है।
मानसून में पशुओं की देखभाल: थोड़ी-सी चूक से बीमार पड़ सकते हैं मवेशी, अपनाएं ये जरूरी उपाय
बरसात के मौसम में नमी और गंदगी से गाय, भैंस और बकरियों में थनैला, गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका और फुट रोट जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साफ-सूखा आवास, स्वच्छ चारा-पानी, समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवा से पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है।
थारपारकर गाय बनी पशुपालकों की पहली पसंद, रोज देती है 12-15 लीटर दूध, सेहत और कमाई दोनों में अव्वल
थारपारकर, गिर और साहिवाल जैसी स्वदेशी नस्लों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इनका ए-2 दूध सेहत के लिए फायदेमंद है और कम खर्च में अधिक उत्पादन देकर किसानों की आमदनी बढ़ा रहा है।
गर्मी में 40 डिग्री से ज्यादा तापमान बढ़ाता है पशुओं पर खतरा, जानें बचाव के आसान तरीके
लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव का असर दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन दोनों पर पड़ सकता है। पशु चिकित्सकों के अनुसार समय पर पानी, छांव, स्नान और संतुलित आहार जैसी छोटी सावधानियां अपनाकर पशुओं को गर्मी से बचाया जा सकता है।
जुलाई में कहर बरपाती है पशुओं की घातक गलघोंटू बीमारी, मई-जून में टीका लगवाना है जरूरी, जानें बचाव के आसान तरीके
जुलाई के महीने में दुधारू पशुओं में तेजी से फैलने वाली गलघोंटू एक जानलेवा बैक्टीरियल बीमारी है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून के दौरान समय रहते टीकाकरण कराना ही इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय है।
हैदराबाद की नौकरी छोड़ गांव लौटे शिवम, डेयरी से सालाना लाखों की कमाई
सीधी जिले के गोपालपुर निवासी शिवम शुक्ला ने हैदराबाद की अकाउंटेंट की नौकरी छोड़कर अपने गांव में डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज इसी से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।
देसी गाय की बेहतरीन नस्लें: कम चारे और कड़ी धूप में भी बाल्टी भरकर दूध देंगी ये गायें, समझें थारपारकर-साहीवाल की खूबियां
थारपारकर, साहीवाल, गिर, लाल सिंधी, राठी और कांकरेज जैसी देसी नस्लें भीषण गर्मी और सीमित चारे में भी रोज़ 10 से 20 लीटर तक दूध देकर पशुपालकों के लिए वरदान बन रही हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी झेलने की ताकत इन्हें डेयरी किसानों की पहली पसंद बनाती...
गांव के युवाओं के लिए फायदे का काम, सिर्फ 100 चूजों से शुरू करें मुर्गी पालन, 21 दिन में तैयार हो जाती हैं ये नस्लें
कम लागत और कम जगह में शुरू होने वाला मुर्गी पालन गांव के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है, जिसे महज 100 चूजों से शुरू किया जा सकता है।
अमेरिका में दशकों बाद फिर दिखा मांस खाने वाला घातक कीड़ा, हो सकता है अरबों का नुकसान, क्या इंसानों पर भी मंडरा रहा खतरा?
अमेरिका के टेक्सास में दशकों बाद 'न्यू वर्ल्ड स्क्रू-वर्म' नामक मांस खाने वाला परजीवी पाया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। यूएसडीए ने इसे रोकने के लिए क्वारंटीन और सर्विलांस जैसे सख्त कदम उठाए हैं।
न सिलेंडर की चिंता, न गैस का बिल: गोबर से जल रहा चूतराराम का चूल्हा, हर कोई पूछ रहा प्लांट का राज
बाड़मेर के चूतराराम ने सिर्फ 22 हजार रुपये की लागत से गोबर गैस प्लांट लगाकर घर का चूल्हा गोबर की गैस से जलाना शुरू किया है, और प्लांट से निकलने वाली स्लरी खेतों में जैविक खाद का काम कर रही है।
पशुपालक ध्यान दें! बारिश आते ही करा लें यह जरूरी टीकाकरण, वरना घेर सकती हैं ये 3 खतरनाक बीमारियां
बोकारो के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार बरसात में गलाघोटू, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिनसे पशुओं की मौत और दूध उत्पादन में गिरावट हो सकती है। इनसे बचाव के लिए समय रहते टीकाकरण जरूरी है।
पशुओं के लिए वरदान बनी ये हरी चरी, सेहत होगी मजबूत और बढ़ेगा दूध उत्पादन
उत्तर प्रदेश के रामपुर के पशुपालक रईस अहमद ने SSH-400 ज्वार चरी अपनाई है, जो पौष्टिक होने के साथ रोजाना 1 लीटर तक दूध उत्पादन बढ़ाती है और महंगे भूसे का खर्च बचाती है।