उपनाम: पशुपालन
गोट गुरुकुल मॉडल: जब किसान बने शिक्षक, बकरी पालन से बढ़ी ग्रामीण आय
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ गोट मैनेजमेंट (IIGM) के गोट गुरुकुल परिसर को देश का पहला सामुदायिक प्रशिक्षण एवं अधिगम केंद्र घोषित किया गया है, जहां प्रशिक्षित किसान ही अपने समुदाय को बकरी पालन की तकनीक सिखा रहे हैं और अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं।
गर्मी में गिर रहा गाय-भैंस का दूध? पशु चिकित्सक का गुड़ और सेंधा नमक वाला देसी नुस्खा
जून-जुलाई की तेज गर्मी में दुधारू पशुओं का दूध घटना आम बात है, पर पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन के मुताबिक सही खानपान और देखभाल से इस गिरावट को बड़ी हद तक रोका जा सकता है।
खेतों में पनप रहा 'साइलेंट किलर', एक निवाला चारा और तड़पकर दम तोड़ रहे पशु — कहां हो रही चूक?
गर्मी और पानी की कमी से ज्वार-बाजरे के सूखते पौधों में 'साइनोसाइड' नामक जहरीला तत्व बन जाता है, जो चारे के रूप में खाने पर पशुओं की जान ले सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने पशुपालकों को नियमित सिंचाई और सूखा-सिकुड़ा चारा न खिलाने की सख्त सलाह दी है।
डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना? घर पर पालें ये उन्नत नस्ल की भैंस, मिलेगा भरपूर दूध
मुर्रा, मेहसाना, जाफराबादी और भदावरी जैसी उन्नत भैंस नस्लें भीलवाड़ा समेत ग्रामीण इलाकों में डेयरी कारोबार को नई रफ्तार दे रही हैं और किसानों की आय बढ़ा रही हैं। सही नस्ल चुनकर और उचित देखभाल कर पशुपालक अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
बरसात में पशुओं पर मंडराया बीमारियों का खतरा: गलाघोटू से 24 घंटे में मौत, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका भी घातक; जानिए लक्षण और बचाव
बरसात के मौसम में नमी, कीचड़ और दूषित पानी के कारण पशुओं में संक्रमण तेजी से फैलता है। गलाघोटू जैसी बीमारी तो 24 घंटे के भीतर पशु की जान ले सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
45 डिग्री की भीषण तपिश में भी हरी-भरी रहती है यह घास, जालौर के किसानों-पशुपालकों का बनी सहारा
जालौर के हरमू गांव में मिलने वाली धामण घास 45 डिग्री से अधिक तापमान में भी नहीं सूखती और गर्मियों में हरे चारे की कमी के बीच पशुपालकों व किसानों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है।
पशुओं को हरी घास खिला रहे हैं? पहले जान लें ये अहम बातें, वरना बिगड़ सकती है सेहत
गर्मी के मौसम में बिना सिंचाई वाली या नहर किनारे उगी हरी घास पशुओं के पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है। विशेषज्ञ संतुलित आहार के साथ सही मात्रा में ज्वार का चारा खिलाने की सलाह देते हैं।
घर में 6 दुधारू पशु हैं तो गोबर से हर महीने ₹20000 तक कमाई, किसान ने बताया पूरा गणित
मध्य प्रदेश के एक प्रगतिशील किसान के मुताबिक 6 दुधारू पशुओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर हर महीने 18 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है. कम लागत और जैविक खाद की बढ़ती मांग इस व्यवसाय को फायदेमंद बना रही है.
बटन दबाते ही ठंडी हो जाएगी गौशाला! पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाएगा फॉगर सिस्टम, जानें इस्तेमाल का तरीका
पटना के पशु विशेषज्ञों ने गर्मी में पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाने के लिए गौशालाओं में फॉगर फव्वारा लगाने की सलाह दी है। साथ ही क्रॉस वेंटिलेशन, ठंडा पानी और संतुलित आहार को भी जरूरी बताया गया है।
मानसून में पशुओं की देखभाल: थोड़ी-सी चूक से बीमार पड़ सकते हैं मवेशी, अपनाएं ये जरूरी उपाय
बरसात के मौसम में नमी और गंदगी से गाय, भैंस और बकरियों में थनैला, गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका और फुट रोट जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साफ-सूखा आवास, स्वच्छ चारा-पानी, समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवा से पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है।
थारपारकर गाय बनी पशुपालकों की पहली पसंद, रोज देती है 12-15 लीटर दूध, सेहत और कमाई दोनों में अव्वल
थारपारकर, गिर और साहिवाल जैसी स्वदेशी नस्लों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इनका ए-2 दूध सेहत के लिए फायदेमंद है और कम खर्च में अधिक उत्पादन देकर किसानों की आमदनी बढ़ा रहा है।
गर्मी में 40 डिग्री से ज्यादा तापमान बढ़ाता है पशुओं पर खतरा, जानें बचाव के आसान तरीके
लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव का असर दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन दोनों पर पड़ सकता है। पशु चिकित्सकों के अनुसार समय पर पानी, छांव, स्नान और संतुलित आहार जैसी छोटी सावधानियां अपनाकर पशुओं को गर्मी से बचाया जा सकता है।
जुलाई में कहर बरपाती है पशुओं की घातक गलघोंटू बीमारी, मई-जून में टीका लगवाना है जरूरी, जानें बचाव के आसान तरीके
जुलाई के महीने में दुधारू पशुओं में तेजी से फैलने वाली गलघोंटू एक जानलेवा बैक्टीरियल बीमारी है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून के दौरान समय रहते टीकाकरण कराना ही इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय है।
हैदराबाद की नौकरी छोड़ गांव लौटे शिवम, डेयरी से सालाना लाखों की कमाई
सीधी जिले के गोपालपुर निवासी शिवम शुक्ला ने हैदराबाद की अकाउंटेंट की नौकरी छोड़कर अपने गांव में डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज इसी से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।
देसी गाय की बेहतरीन नस्लें: कम चारे और कड़ी धूप में भी बाल्टी भरकर दूध देंगी ये गायें, समझें थारपारकर-साहीवाल की खूबियां
थारपारकर, साहीवाल, गिर, लाल सिंधी, राठी और कांकरेज जैसी देसी नस्लें भीषण गर्मी और सीमित चारे में भी रोज़ 10 से 20 लीटर तक दूध देकर पशुपालकों के लिए वरदान बन रही हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी झेलने की ताकत इन्हें डेयरी किसानों की पहली पसंद बनाती...