उपनाम: पशुपालन
करिस बाबा का मेला: पशुओं के रक्षक देवता के दरबार में उमड़ रही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़
राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित जहाज गांव में पशुपालकों के आराध्य देव करिस बाबा का वार्षिक मेला बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पड़ोसी राज्यों से भी भक्त शामिल हो रहे हैं।
पशुपालकों के लिए वरदान है नेपियर घास, गन्ने जैसी खेती से सालभर मिलेगा हरा चारा और बढ़ेगा दूध
छपरा के एक किसान ने नेपियर घास की खेती अपनाकर न केवल पशुओं के चारे का खर्च घटाया है, बल्कि दुधारू गायों के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
बागेश्वर: प्रेमा कोरंगा की डेयरी ने बदली पशुपालकों की तकदीर, हर महीने हो रही एक लाख रुपये से अधिक की कमाई
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक स्थानीय डेयरी उद्यम ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल बन गया है, जहाँ दूध की नियमित बिक्री से किसानों को हर महीने लाखों की आय सुनिश्चित हो रही है।
बरसीम की खेती: एक बार लगाएं, 6 बार काटें, पशुओं को मिलेगा सुपर फूड और खेत बनेगा उपजाऊ
किसान भाई अब बरसीम की खेती से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, क्योंकि यह फसल पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाती है।
नानी का तोहफा बना कामयाबी की कुंजी: दो भैंसों से शुरू की डेयरी, आज बन गए सफल उद्यमी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक पशुपालक ने अपनी नानी से मिली दो भैंसों के साथ डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज मेहनत के दम पर एक सफल व्यापार बन चुका है।
पशुपालकों के लिए बड़ी खबर: खुरहा-मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए विभाग चला रहा मुफ्त टीकाकरण अभियान
सीतामढ़ी समेत पूरे बिहार में मवेशियों को खुरहा-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग निशुल्क टीकाकरण अभियान चला रहा है, जिसमें पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी: 'महाकौशली गाय' को मिला राष्ट्रीय स्तर पर अनूठा दर्जा, जानिए इस खास नस्ल की विशेषताएं
जबलपुर के वेटरनरी वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों के बाद 'महाकौशली गाय' को देश की 57वीं और मध्य प्रदेश की पांचवीं पंजीकृत देसी नस्ल का आधिकारिक दर्जा मिल गया है। यह गाय कम खर्चे में जंगलों में चरकर अपना पेट भरने के लिए जानी जाती है।
मानसून में मुर्गियों को 'रानीखेत' और अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने के 5 कारगर तरीके
बरसात के मौसम में नमी और गंदगी के कारण मुर्गियों में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। पॉल्ट्री फार्म को सूखा रखने और उचित टीकाकरण के जरिए आप अपने पूरे झुंड को रानीखेत जैसी जानलेवा बीमारियों से बचा सकते हैं।
बकरी पालन से होगी मोटी कमाई, सरकार की इस विशेष योजना से यूनिट लगाने पर मिलेगी भारी सब्सिडी
राजस्थान के जनजाति क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत सिरोही नस्ल की बकरियों के पालन पर आर्थिक मदद और अनुदान दे रही है।
पशुपालन टिप्स: मवेशियों को मक्खी-मच्छरों से राहत दिलाने के लिए घर पर तैयार करें सुरक्षित देसी स्प्रे
बारिश के मौसम में मवेशियों को कीटों और मच्छरों से बचाने के लिए बाजार के महंगे केमिकल स्प्रे के बजाय घर पर ही आयुर्वेदिक स्प्रे बनाएं। यह देसी तरीका पशुओं के दूध उत्पादन को सुरक्षित रखने और त्वचा संबंधी बीमारियों से बचाने में बेहद प्रभावी है।
खेती के साथ अपनाएं ये बिजनेस, कम लागत में बंपर कमाई का तरीका
छत्तीसगढ़ के एक प्रगतिशील किसान ने खेती के साथ पशुपालन को जोड़कर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा लिया है। जानिए कैसे भेड़-बकरी पालन आपको अतिरिक्त मुनाफा देने के साथ-साथ खेती के खर्चों में भी कमी ला सकता है।
मानसून में दुधारू पशुओं के लिए मुसीबत बनी चमोकन बीमारी, बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
मानसून के दौरान पलामू में मवेशियों के बीच चमोकन बीमारी का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, जिससे दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है।
डेयरी बिजनेस में छोटी सी चूक से ठप हो सकता है दूध का उत्पादन, पशु चिकित्सक ने दिया रबर बेड इस्तेमाल करने का सुझाव
पशुपालन के व्यवसाय में गाय और भैंस के रखरखाव में थोड़ी सी लापरवाही भी दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञ डॉक्टर का कहना है कि साफ-सफाई और सही बैठने की जगह का प्रबंध कर पशुपालक बड़े आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
गाय और भैंस के दूध में क्या है फर्क, एक्सपर्ट ने पाचन, फैट और उपयोगिता को लेकर दी पूरी जानकारी
पशुपालन के जानकारों के अनुसार गाय और भैंस का दूध अपने गुणों में काफी अलग होते हैं, जहाँ गाय का दूध हल्का और सुपाच्य माना जाता है, वहीं भैंस के दूध का उपयोग फैट की अधिकता के कारण दुग्ध उत्पादों के लिए बेहतर होता है।
पशुपालकों के लिए वरदान है 'सुपरफूड' अजोला, दूध और अंडे के उत्पादन में होगी 15% तक की वृद्धि
पशुपालन और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अजोला एक बेहद फायदेमंद जलीय पौधा साबित हो रहा है, जो चारे के खर्च को कम कर मुनाफे को दोगुना करने में मदद करता है।