उपनाम: पशुपालन
बरसात के मौसम में पशुओं को लंपी बीमारी से बचाने के उपाय: नीम और हल्दी से तैयार करें रामबाण घरेलू नुस्खा
बरसात के दौरान पशुओं में लंपी स्किन डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने नीम, हल्दी और कपूर के इस्तेमाल से बने खास घोल और टीकाकरण को बचाव के लिए जरूरी बताया है।
मुर्गी पालन करने वालों के लिए जरूरी सलाह, बरसात के मौसम में बीमारियों से ऐसे बचाएं अपना पोल्ट्री फार्म
अगस्त के महीने में लगातार हो रही बारिश के कारण मुर्गियों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बचने के लिए विशेषज्ञ ने कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मानसून के दौरान बकरियों का रखें विशेष ध्यान, इन बातों को अपनाकर बीमारियों से बचाएं
बरसात के मौसम में बकरियों को फंगल इंफेक्शन और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए साफ-सफाई और खानपान का सही प्रबंधन बेहद आवश्यक है।
दिल्ली की नौकरी छोड़ गांव में शुरू किया पशुपालन, 40 जानवरों के साथ सुनील कुमार की बदल गई किस्मत
बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले सुनील कुमार ने दिल्ली की सीमित वेतन वाली नौकरी को अलविदा कहकर अपने गांव में पशुपालन का व्यवसाय शुरू किया है। आज वे 40 गाय और भैंसों के साथ सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं।
बरसात के मौसम में पशुओं की सेहत का ऐसे रखें ख्याल, थनेला रोग से बचाना है बेहद जरूरी
मानसून के दौरान पशुपालन में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि किस तरह डेयरी और दुधारू पशुओं को बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
लखपति दीदी बनने का शानदार अवसर, 17 दिन की ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को मिलेगी पशु सखी की नई पहचान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए पशुपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने का बड़ा मौका आया है। ए-हेल्प योजना के तहत उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर पशु सखी के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
बकरियां आखिर ऊंचाई पर ही क्यों बैठना पसंद करती हैं? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
बरसात के मौसम में बकरियों को गीली जगहों से बचाना उनकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि ये जानवर स्वभाव से ही ऊंचाई और सूखी जगह पर रहना पसंद करते हैं।
दिल्ली की मामूली नौकरी छोड़ गांव लौटे सुनील कुमार, डेयरी व्यवसाय से सालाना कर रहे 10 लाख की कमाई
बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले सुनील कुमार ने दिल्ली में 13000 रुपये की वेतन वाली नौकरी छोड़कर अपने गांव में डेयरी फार्मिंग शुरू की। आज वे 40 पशुओं के साथ आत्मनिर्भर बनकर हर साल 8 से 10 लाख रुपये कमा रहे हैं।
पंजाब में 800 रुपये की नौकरी से सालाना 20 लाख की कमाई तक: पूर्वी चंपारण के विजय यादव का संघर्ष और सफलता
पूर्वी चंपारण के किसान विजय यादव ने कभी पंजाब में महज 800 रुपये की मामूली नौकरी से शुरुआत की थी, लेकिन आज वे आधुनिक खेती और पशुपालन के जरिए सालाना 20 लाख रुपये कमा रहे हैं।
बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं को थनेला रोग से बचाना है जरूरी, अपनाएं ये खास टिप्स
बरसात के दौरान दुधारू पशुओं में थनेला रोग का खतरा सबसे अधिक होता है, जिससे बचने के लिए कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाकर आप दूध उत्पादन को बरकरार रख सकते हैं।
पशुपालकों के लिए वरदान है यह बहुवर्षीय घास, मेड़ पर लगाएं और 5 साल तक पाएं भरपूर दूध और हरा चारा
बिहार के पश्चिम चंपारण के कृषि वैज्ञानिक ने पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक और उपयोगी चारे की किस्मों की जानकारी दी है, जिससे पशुओं की दूध उत्पादकता और इम्युनिटी में भारी बढ़ोतरी होगी।
बरसात में मवेशियों के लिए बढ़ा बीमारियों का खतरा, पशु चिकित्सक ने दी सावधान रहने की सलाह
बरसात के दौरान पशुओं में गलघोंटू और एकटांगिया जैसी गंभीर बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिनसे बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य है।
किसानों के लिए कमाई का जरिया: बैकयार्ड में वनराजा मुर्गी पालन से बढ़ेगा मुनाफा
मुर्गी पालन के व्यवसाय में बेहतर मुनाफे की तलाश कर रहे किसानों के लिए वनराजा नस्ल एक शानदार विकल्प साबित हो रही है। कम लागत और बीमारियों से बचाव के चलते यह प्रजाति अंडे और मांस दोनों के लिए बेहद लाभदायक है।
पशुपालकों की मौज: एक बार लगाएं नेपियर घास और 5 साल तक पाएं मुफ्त हरा चारा
नेपियर घास पशुपालन करने वाले किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि एक बार रोपाई के बाद यह वर्षों तक लगातार हरा चारा प्रदान करती है।
सफलता की कहानी: एक गाय से शुरू किया सफर, आज सीतामढ़ी की समिता बन गईं आत्मनिर्भर
बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली समिता देवी ने केवल एक गाय के साथ पशुपालन की शुरुआत की थी, जो आज एक सफल व्यवसाय बन चुका है। अपनी सूझबूझ और मेहनत के दम पर वह हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर रही हैं और अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं।