उपनाम: पशुपालन
गांव के युवाओं के लिए फायदे का काम, सिर्फ 100 चूजों से शुरू करें मुर्गी पालन, 21 दिन में तैयार हो जाती हैं ये नस्लें
कम लागत और कम जगह में शुरू होने वाला मुर्गी पालन गांव के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है, जिसे महज 100 चूजों से शुरू किया जा सकता है।
अमेरिका में दशकों बाद फिर दिखा मांस खाने वाला घातक कीड़ा, हो सकता है अरबों का नुकसान, क्या इंसानों पर भी मंडरा रहा खतरा?
अमेरिका के टेक्सास में दशकों बाद 'न्यू वर्ल्ड स्क्रू-वर्म' नामक मांस खाने वाला परजीवी पाया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। यूएसडीए ने इसे रोकने के लिए क्वारंटीन और सर्विलांस जैसे सख्त कदम उठाए हैं।
न सिलेंडर की चिंता, न गैस का बिल: गोबर से जल रहा चूतराराम का चूल्हा, हर कोई पूछ रहा प्लांट का राज
बाड़मेर के चूतराराम ने सिर्फ 22 हजार रुपये की लागत से गोबर गैस प्लांट लगाकर घर का चूल्हा गोबर की गैस से जलाना शुरू किया है, और प्लांट से निकलने वाली स्लरी खेतों में जैविक खाद का काम कर रही है।
पशुपालक ध्यान दें! बारिश आते ही करा लें यह जरूरी टीकाकरण, वरना घेर सकती हैं ये 3 खतरनाक बीमारियां
बोकारो के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार बरसात में गलाघोटू, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिनसे पशुओं की मौत और दूध उत्पादन में गिरावट हो सकती है। इनसे बचाव के लिए समय रहते टीकाकरण जरूरी है।
पशुओं के लिए वरदान बनी ये हरी चरी, सेहत होगी मजबूत और बढ़ेगा दूध उत्पादन
उत्तर प्रदेश के रामपुर के पशुपालक रईस अहमद ने SSH-400 ज्वार चरी अपनाई है, जो पौष्टिक होने के साथ रोजाना 1 लीटर तक दूध उत्पादन बढ़ाती है और महंगे भूसे का खर्च बचाती है।
बरसात में हरे चारे की कमी होगी दूर, जून में लगाएं नेपियर घास; 3-4 साल तक कटाई के साथ बढ़ेगा दूध उत्पादन!
नेपियर घास बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं के लिए हरे चारे का भरोसेमंद विकल्प है। जून में एक बार बुआई करने पर इससे तीन से चार साल तक पौष्टिक हरा चारा मिलता रहता है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।