उपनाम: पारंपरिक मिठाई
रामपुर के मशहूर ब्राउन पेड़े की आसान रेसिपी: त्योहारों और व्रत में घोल देगा मिठास, जानें घर पर बनाने का पारंपरिक तरीका
रामपुर का ऐतिहासिक ब्राउन पेड़ा अपनी नरम बनावट और लाजवाब स्वाद के लिए जाना जाता है। साल 1965 से अपनी खास पहचान बनाए रखने वाली इस मिठाई को आप घर पर आसानी से बना सकते हैं।
छतरपुर के प्रसिद्ध मलाई लड्डू का राज: 1 किलो दूध में केवल 50 ग्राम शक्कर का यह फार्मूला बना देगा आपको दीवाना
छतरपुर के पारंपरिक मलाई लड्डू अपनी शुद्धता और स्वाद के लिए देशभर में मशहूर हैं। पिछले 20 सालों से इन्हें बना रहे अनुभवी कारीगरों ने घर पर इसे तैयार करने की सटीक विधि और सही अनुपात साझा किया है।
रक्षाबंधन पर बुरहानपुर की पारंपरिक मिठाइयों का जलवा, भाइयों को भेंट में दी जाती हैं खास खाजा और फैनी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रक्षाबंधन के त्योहार पर खाजा और फैनी का विशेष महत्व है। बहनें भाई को रक्षा सूत्र बांधने के बाद इन पारंपरिक मिठाइयों का उपहार देती हैं, जिन्हें खरीदने के लिए बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है।
सावन के पावन अवसर पर घर पर तैयार करें कुरकुरे अनरसे, जानिए बनाने की सरल विधि
सावन के पवित्र महीने में पारंपरिक मिठाइयों का विशेष महत्व है, जिसमें अनरसा मुख्य है। चावल और तिल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब होने के साथ ही लंबे समय तक खराब नहीं होती है।
तीज पर घेवर को कड़ी टक्कर देती है करौली की खास मिठाई तिल चामड़ी, स्वाद ऐसा कि भूल नहीं पाएंगे
राजस्थान के करौली में तीज और रक्षाबंधन के मौके पर 'तिल चामड़ी' नाम की एक अनूठी मिठाई की धूम रहती है। स्वाद में लाजवाब और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली यह मिठाई घेवर को भी कड़ी टक्कर देती है।
85 साल पुरानी लखीमपुर खीरी की वो मिठाई, जिसके मुरीद थे मुलायम सिंह यादव
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मैगलगंज के मशहूर रसगुल्ले का स्वाद बरसों से लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। इस खास मिठाई की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी इसके स्वाद के दीवाने थे।
तीज का खास स्वाद: सत्तू से बनी लाजवाब मिठाई, जानें जालौर की परंपरा
सावन और तीज के मौके पर राजस्थान के जालौर में सत्तू की मिठाई बनाने की पुरानी परंपरा है। कम सामग्री में तैयार होने वाला यह पकवान स्वाद और सेहत का अनूठा संगम है।
बिहार और झारखंड के बॉर्डर से दुनिया भर में छाई 'झरुआ लड्डू' की मिठास, एक महीने तक नहीं होती खराब
झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित अम्बा में बनने वाले प्रसिद्ध 'झरुआ लड्डू' का स्वाद अब विदेशों तक पहुंच चुका है। अपनी खास निर्माण विधि और लंबी शेल्फ लाइफ के कारण यह मिठाई आज लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
झारखंड की पारंपरिक मिठाई देहरी की रेसिपी: घर पर कैसे बनाएं चावल और गुड़ से बनी यह खास डिश
झारखंड की पहचान बन चुकी पारंपरिक मिठाई 'देहरी' को चावल और गुड़ के मेल से तैयार किया जाता है। जानिए इसकी आसान रेसिपी जिससे आप घर पर ही इस स्वादिष्ट और कुरकुरी मिठाई का आनंद ले सकते हैं।
मैंगो हलबाई: बिना मावा के घर पर बनाएं यह शाही मिठाई, मुंह में जाते ही घुल जाएगा इसका लाजवाब स्वाद
गर्मियों के मौसम में आम से बनी यह पारंपरिक मिठाई 'मैंगो हलबाई' बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद होती है। खंडवा की खास रेसिपी से बनी इस मिठाई में मावे का इस्तेमाल नहीं किया जाता है और यह बेहद सॉफ्ट बनती है।
उदयपुर की 200 साल पुरानी दुकान जहां 'हरि ॐ' के बिना नहीं मिलती मिठाई, स्वाद में लाजवाब है 'गुलाब पासा'
उदयपुर के जगदीश चौक पर स्थित हरिओम मिष्ठान अपनी अनूठी परंपरा और खास मिठाई 'गुलाब पासा' के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
सरायकेला के मशहूर सेव लड्डू: बेसन की बारीकियों से सजी ये अनोखी मिठाई, जिसे लोग तोहफे में भी देते हैं
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ऐसी खास मिठाई बनाई जाती है जो मोतीचूर के नहीं, बल्कि बेसन के महीन सेव से तैयार होती है। अपनी बेहतरीन शेल्फ-लाइफ और स्वाद के कारण यह मिठाई स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले मेहमानों की भी पहली पसंद बनी हुई है।
झारखंड की पारंपरिक मिठाई ढकनेसर पुवा: मिट्टी की हांडी और खास स्वाद का मेल
झारखंड में विशेष अवसरों पर बनाई जाने वाली पारंपरिक मिठाई ढकनेसर पुवा अपनी अनोखी बनाने की विधि के लिए मशहूर है। यह डिश मिट्टी की हांडी में भाप के जरिए तैयार की जाती है।
जयपुर की खास 'गुलाब शकरी': बनने में लगते हैं पूरे 3 दिन, कीमत 1000 रुपये किलो
जयपुर के 100 साल पुराने मिष्ठान भंडार में मिलने वाली गुलाब शकरी अपनी खास रेसिपी के लिए मशहूर है, जिसे तैयार होने में 40 घंटे से 3 दिन का समय लगता है।
मऊ की ₹12 वाली खास 'लौंग लता': एक ही मिठाई में तीन स्वाद, पैक करा कर ले जा रहे लोग
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मुहम्मदाबाद गोहना रोडवेज स्थित सूरज स्वीट हाउस की 'लौंग लता' पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बनी हुई है। खोया, मैदा और चाशनी से तैयार यह गर्मागर्म मिठाई मात्र ₹12 में मिलती है।