उपनाम: पारंपरिक मिठाई
सरायकेला के मशहूर सेव लड्डू: बेसन की बारीकियों से सजी ये अनोखी मिठाई, जिसे लोग तोहफे में भी देते हैं
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ऐसी खास मिठाई बनाई जाती है जो मोतीचूर के नहीं, बल्कि बेसन के महीन सेव से तैयार होती है। अपनी बेहतरीन शेल्फ-लाइफ और स्वाद के कारण यह मिठाई स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले मेहमानों की भी पहली पसंद बनी हुई है।
झारखंड की पारंपरिक मिठाई ढकनेसर पुवा: मिट्टी की हांडी और खास स्वाद का मेल
झारखंड में विशेष अवसरों पर बनाई जाने वाली पारंपरिक मिठाई ढकनेसर पुवा अपनी अनोखी बनाने की विधि के लिए मशहूर है। यह डिश मिट्टी की हांडी में भाप के जरिए तैयार की जाती है।
जयपुर की खास 'गुलाब शकरी': बनने में लगते हैं पूरे 3 दिन, कीमत 1000 रुपये किलो
जयपुर के 100 साल पुराने मिष्ठान भंडार में मिलने वाली गुलाब शकरी अपनी खास रेसिपी के लिए मशहूर है, जिसे तैयार होने में 40 घंटे से 3 दिन का समय लगता है।
मऊ की ₹12 वाली खास 'लौंग लता': एक ही मिठाई में तीन स्वाद, पैक करा कर ले जा रहे लोग
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मुहम्मदाबाद गोहना रोडवेज स्थित सूरज स्वीट हाउस की 'लौंग लता' पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बनी हुई है। खोया, मैदा और चाशनी से तैयार यह गर्मागर्म मिठाई मात्र ₹12 में मिलती है।
हर मिठाई पर भारी पड़ता है भरतपुर का यह देसी कलाकंद, क्या आपने चखा है इसका स्वाद?
भरतपुर का देसी कलाकंद अपनी शुद्धता और लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर है, जिसे पारंपरिक तरीके से घंटों मेहनत के बाद तैयार किया जाता है। आधुनिक मिठाइयों के दौर में भी यह लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।