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एक घंटा पहले
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विचारों
पूर्वांचल के स्वाद में घुली एक नई पहचान
उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल इलाका अपने अनोखे खान-पान और बेमिसाल जायके के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। इन्हीं दिनों मऊ जनपद में एक ऐसी मिठाई लोगों की जुबान पर चढ़ी हुई है, जिसे चखने के बाद हर कोई उंगलियां चाटता रह जाता है। खोया और मैदा के बेहतरीन मेल से बनने वाली पारंपरिक मिठाई 'लौंग लता' अब मऊवासियों की पहली पसंद बन चुकी है। खस्तापन, खोए की मिठास और चाशनी का अनूठा संगम समेटे इस मिठाई की एक बड़ी खूबी यह भी है कि यह कई दिनों तक खराब नहीं होती।
सूरज स्वीट हाउस की लौंग लता क्यों है खास
मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना रोडवेज पर स्थित सूरज स्वीट हाउस की लौंग लता इन दिनों खूब चर्चा बटोर रही है। यहां इसे एक अलग ही अंदाज में तैयार किया जाता है, जिसकी वजह से लोग इसे बेहद पसंद करते हैं। अलग रेसिपी होने के कारण इस मिठाई का स्वाद और भी निखर जाता है, और यही बात इसे बाकी दुकानों से जुदा बनाती है।
कैसे तैयार होती है यह मिठाई
इसे बनाने की शुरुआत दूध के खोवे को भूनने से होती है। खोवा तैयार होने के बाद मैदा को करीब 30 मिनट तक अच्छी तरह गूंथा जाता है और फिर कुछ देर के लिए उसे फूलने के लिए रख दिया जाता है। मैदा तैयार होने पर उसे लंबे आकार में फैलाकर बीच में खोवा भरा जाता है और लौंग लता का रूप दिया जाता है।
आकार बन जाने के बाद इन्हें गरम तेल में तब तक तला जाता है जब तक ये लाल रंग के न हो जाएं। लाल होते ही इन्हें कड़ाही से निकालकर कुछ देर ठंडा होने के लिए बाहर रख दिया जाता है।
चाशनी का जादू
मिठास के लिए चीनी की चाशनी अलग से बनाई जाती है। इसके लिए चीनी और पानी को कड़ाही में डालकर तब तक पकाया जाता है जब तक वह घुलकर पानी जैसी न हो जाए। फिर इसे थोड़ा ठंडा होने दिया जाता है और हल्की गर्म रहने पर तले हुए लौंग लता को इसी चाशनी में डुबो दिया जाता है। जब लौंग लता चाशनी को अच्छी तरह सोख लेता है, तब उसे निकालकर प्लेट में रखा जाता है और यह खाने के लिए तैयार हो जाता है।
एक साथ तीन स्वाद
यह लौंग लता इतना लज़ीज़ होता है कि इसमें मीठा, खोवा और खस्ता — तीनों का स्वाद एक साथ मिलता है। एक ही मिठाई में तीन-तीन जायके मिलने की यही खूबी इसे मऊ में लोगों की पहली पसंद बना रही है। लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं।
दूर-दराज से आते हैं दीवाने
इस मिठाई के शौकीन सिर्फ मऊ तक सीमित नहीं हैं। रोडवेज बस से उतरने वाले आजमगढ़, वाराणसी, लखनऊ और गाजीपुर समेत दूसरे जनपदों के लोग भी इसे न केवल यहीं खाते हैं, बल्कि पैक करा कर अपने साथ ले जाते हैं। कहा जाता है कि सूरज की दुकान का लौंग लता जो एक बार खा लेता है, वह बार-बार खाने को मजबूर हो जाता है।
कीमत और खासियत
कीमत की बात करें तो यह लौंग लता ₹12 प्रति पीस मिलता है। सूरज की दुकान पर यह गर्म कड़ाही से निकलते ही प्लेट में रखते-रखते खत्म हो जाता है, क्योंकि यहां ग्राहकों को हमेशा गर्मागर्म लौंग लता ही परोसा जाता है, ठंडा नहीं। यही वजह है कि लोग इसे खूब पसंद करते हैं और खाने के साथ-साथ घर के लिए भी पैक करा कर ले जाते हैं।
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