छतरपुर के प्रसिद्ध मलाई लड्डू का राज: 1 किलो दूध में केवल 50 ग्राम शक्कर का यह फार्मूला बना देगा आपको दीवाना जीवनशैली एक घंटा पहले 3
छतरपुर के पारंपरिक मलाई लड्डू अपनी शुद्धता और स्वाद के लिए देशभर में मशहूर हैं। पिछले 20 सालों से इन्हें बना रहे अनुभवी कारीगरों ने घर पर इसे तैयार करने की सटीक विधि और सही अनुपात साझा किया है।

छतरपुर की खास पहचान है मलाई लड्डू

मध्य प्रदेश का छतरपुर जिला अपनी खास खानपान की संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ की सबसे पुरानी और लोकप्रिय मिठाई मलाई लड्डू है, जिसे लोग आज भी बेहद चाव से खाते हैं। इस लड्डू की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुद्धता है, क्योंकि इसे पूरी तरह से शुद्ध दूध के मावे से तैयार किया जाता है। त्योहारों के मौसम में तो छतरपुर के हर घर में यह मिठाई जरूर बनाई जाती है। यदि आप भी घर पर बाजार जैसा स्वाद पाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बहुत मददगार साबित होगी।

20 वर्षों का अनुभव: बब्बी चौरसिया की खास विधि

लंबे समय से मलाई लड्डू बनाने का काम कर रहे बब्बी चौरसिया बताते हैं कि इसे बनाना जितना आसान दिखता है, उतना ही इसमें बारीकियों का ध्यान रखना जरूरी है। बब्बी के अनुसार, इसका स्वाद बाजार में मिलने वाली अन्य मिठाइयों से बिल्कुल अलग होता है। एक बार इस लड्डू का स्वाद चखने के बाद लोग इसे बार-बार खाने की इच्छा जाहिर करते हैं। इसे घर पर तैयार करने के लिए बहुत कम सामग्री की आवश्यकता होती है, लेकिन सही तरीका पता होना जरूरी है।

मलाई लड्डू बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया

इस मिठाई को बनाने के लिए सबसे पहले एक लोहे की कढ़ाई का चयन करें। इस प्रक्रिया को इस प्रकार अपनाएं:

  • सबसे पहले कढ़ाई में दूध डालकर इसे तेज आंच पर उबालें।
  • दूध को गर्म करते समय लगातार चलाते रहें ताकि यह नीचे से जल न जाए।
  • दूध को तब तक औंटते रहना है जब तक कि वह अच्छी तरह गाढ़ा न हो जाए।
  • दूध गाढ़ा होते ही इसमें तय मात्रा में शक्कर और पिसी हुई इलायची डाल दें।
  • स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए आप अपनी पसंद के ड्राई-फ्रूट्स भी इसमें शामिल कर सकते हैं।
  • जब दूध पूरी तरह से रबड़ी जैसा गाढ़ा हो जाए, तो कढ़ाई को आंच से उतार लें।
  • अंत में इसे अच्छी तरह से फेंटना बहुत आवश्यक है, ताकि मिश्रण से लड्डू आसानी से बंध सकें।

सामग्री का सही अनुपात ही है सफलता की चाबी

बब्बी चौरसिया के अनुसार, मलाई लड्डू में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सामग्री के सही अनुपात की होती है। इस लड्डू की खासियत यह है कि इसमें मिठास बहुत कम होती है, जो इसे स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर बनाती है। आपको 1 किलो दूध के लिए केवल 50 ग्राम शक्कर का इस्तेमाल करना है। यदि आप इस सटीक अनुपात का पालन करते हैं, तो आपके लड्डू बेहद स्वादिष्ट और दानेदार बनेंगे।

शुद्धता और परंपरा का संगम

छतरपुर के लोग मलाई लड्डू को सबसे शुद्ध मिठाई मानते हैं। चाहे मलाई लड्डू हो या बर्फी, इन्हें बहुत पवित्र माना जाता है। पहले के समय में भी लोग इसी मिठाई को प्राथमिकता देते थे। हालांकि, अब इसे बनाने में आधुनिक बदलाव किए गए हैं। आप चाहें तो बाजार से मावा लाकर भी इसे बना सकते हैं। कुछ लोग इसमें पनीर का भी उपयोग करते हैं, लेकिन बब्बी चौरसिया के मुताबिक जो पुरानी पारंपरिक विधि है, वही सबसे लाजवाब स्वाद देती है। आप भी घर पर इस रेसिपी को ट्राई करके पारंपरिक मिठाई का आनंद ले सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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