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एक घंटा पहले
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शाही स्वाद की पहचान
जयपुर का नाम लेते ही जुबां पर महलों और किलों का ख्याल आता है, लेकिन इस गुलाबी शहर की असली मिठास यहां के पारंपरिक पकवानों में छिपी है। जौहरी बाजार के घी वालों के रास्ते में मौजूद श्री राधा गोविंद मिष्ठान भंडार अपनी एक खास मिठाई के लिए पूरे देश में मशहूर है, जिसे गुलाब शकरी के नाम से जाना जाता है।
क्यों खास है यह मिठाई
इस मिठाई की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी मेहनत भरी बनाने की प्रक्रिया है। वर्ष 1917 में शुरू हुई यह दुकान आज भी पुराने अंदाज में काम करती है। जहां आम मिठाइयां कुछ ही घंटों में बन जाती हैं, वहीं गुलाब शकरी को पूरी तरह तैयार होने में 40 घंटे से लेकर 3 दिन तक का लंबा समय लग जाता है।
शुद्ध सामग्री और स्वाद
गुलाब शकरी की बनावट और खुशबू इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है। इसे बनाने में मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजों का इस्तेमाल किया जाता है:
- शुद्ध दूध
- ताजा मावा
- असली केसर
- गुलाब के फूल
अपनी अनोखी विधि और शाही स्वाद के कारण आज भी यह मिठाई 1000 रुपये प्रति किलो की कीमत पर बेची जाती है। इस मिठाई की दीवानगी का आलम यह है कि जयपुर आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी इसे खरीदना नहीं भूलते। यह मिठाई आज जयपुर की समृद्ध खाद्य संस्कृति और विरासत का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
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