उपनाम: खरीफ फसल
सोयाबीन की बुवाई में न दोहराएं यह पुरानी गलती, अपनाएं वैज्ञानिक तरीका और पाएं बंपर पैदावार
खरगोन जिले में खरीफ सीजन के साथ सोयाबीन की बुवाई जोरों पर है, लेकिन कृषि विशेषज्ञ बीज और खाद को एक साथ डालने की आम गलती से बचने की सलाह दे रहे हैं। सही खाद प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीका अपनाने पर फसल मजबूत होती है और उत्पादन बढ़ता है।
अल नीनो सक्रिय: सितंबर तक और मजबूत होगा, धान समेत खरीफ फसलों पर मंडराया खतरा
प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ अल नीनो सितंबर के अंत तक और प्रबल हो सकता है, जिससे देश में औसत से कम बारिश की आशंका है। हालांकि IMD प्रमुख ने घबराने की बजाय अग्रिम तैयारियों का भरोसा दिलाया है।
जून में लगाएं ये फसलें, कम लागत में मिलेगा लाखों का मुनाफा; जानें कृषि अधिकारी की राय
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार जून के महीने में किसान केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज जैसी छह फसलें लगाकर बहुत कम लागत में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।
धान से ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने बताए पैदावार बढ़ाने के नुस्खे
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान धान के साथ सोयाबीन उगाकर कम लागत में अच्छा मुनाफा पा सकते हैं। उन्नत किस्में करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती हैं और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज दे सकती हैं।
मूंगफली की इन उन्नत किस्मों से किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा, एक्सपर्ट ने बताए बुवाई और खाद के खास नुस्खे
कृषि विभाग ने जिले की मिट्टी और जलवायु के अनुसार मूंगफली की कई रोग प्रतिरोधक और अधिक उपज देने वाली किस्मों की सिफारिश की है, साथ ही सही खाद और बीज उपचार को लेकर अहम सलाह भी दी है।
कम बारिश में किन फसलों से मिलेगा बेहतर मुनाफा? जानें कृषि विशेषज्ञों की राय
विंध्य क्षेत्र में इस बार सुपर अल नीनो के असर से 40 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश का अनुमान है। कृषि विभाग ने किसानों को धान की जगह दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती करने और अनुदान पर बीज लेने की सलाह दी है।
G20 मूंगफली: 90 दिन में पकने वाली यह किस्म देगी जबरदस्त मुनाफा, तेल क्षमता 50% तक
खरीफ सीजन में मूंगफली उगाने वाले किसानों के लिए G20 किस्म फायदेमंद साबित हो रही है, जो 90 से 100 दिनों में तैयार होकर 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती है और 50 हजार से 70 हजार रुपये तक शुद्ध मुनाफा दिला सकती है।
मानसून दिलाएगा खाली खेत से तगड़ी कमाई! इन सब्जियों की खेती से कम खर्च में मोटा मुनाफा
अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ मॉनसून में सब्जियों की खेती अपनाएं, तो वे कम समय और कम लागत में अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं। सही योजना और तकनीक के साथ बरसात का मौसम किसानों के लिए 'सोने की खान' साबित हो सकता है।
मानसून से पहले खेत यूं तैयार करें किसान, ट्राली भर निकलेगी सब्जियां और दोगुना होगा मुनाफा
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से ठीक पहले सब्जी की खेती करने वाले किसानों को अभी से खेत तैयार कर लेने की सलाह दी गई है। उद्यानिकी विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी सुधार और बेड तैयार करने से उर्वरक क्षमता बढ़ती है और उत्पादन भी अधिक मिलता है।
मानसून से पहले बाजरे की बुवाई की तैयारी कैसे करें, जानें उन्नत किस्में और सटीक तकनीक
नागौर जिले में मानसून की आहट के साथ किसान बाजरे की बुवाई में जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञ पन्ना लाल ने उन्नत किस्मों, सही जुताई, कतार पद्धति और खाद प्रबंधन की अहम सलाह दी है।
सुपर सिल्की से लेकर PR-126 तक: धान की ये 6 बेहतरीन किस्में, सिर्फ 4 महीने में फसल तैयार
इन दिनों धान की पौध तैयार हो रही है और किसान अब परंपरागत बीजों की जगह ज्यादा पैदावार देने वाली उन्नत किस्मों की ओर बढ़ रहे हैं। जानिए लखीमपुर खीरी समेत पूरे उत्तर प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रही धान की छह खास वैरायटी के बारे में।
कपास में खाद डालने का तरीका बदलें, फिर देखें पैदावार में जबरदस्त उछाल
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार कपास लंबी अवधि की फसल है, इसलिए नत्रजन को एक साथ नहीं, बल्कि चार भागों में देना चाहिए। सही समय और सही मात्रा में खाद देने से घेटों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन बढ़ता है।
मध्य प्रदेश की दहलीज पर मानसून, पहले शहडोल-जबलपुर में झमाझम; जानें भोपाल-इंदौर में कब होगी दस्तक
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश की सीमा के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे पहले बालाघाट, मंडला, सिवनी, दिंडोरी, अनूपपुर और जबलपुर क्षेत्र में बारिश होगी, जबकि भोपाल-इंदौर में 15 जून के बाद राहत मिलने के आसार हैं।
बिना बम-गोले के भारत का बड़ा वार, सिंधु जल समझौता रोकते ही पाकिस्तान में पानी को लेकर हाहाकार
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता ठंडे बस्ते में डाला तो पाकिस्तान में गंभीर जल और कृषि संकट खड़ा हो गया है। सिंध की प्रमुख नहरों में 64.1% तक पानी की कमी से लाखों एकड़ खेती खतरे में है।
Farming Tips: मानसून आने से पहले खेतों में निपटा लें ये 3 काम, खरीफ फसल में मिलेगी बंपर पैदावार
धौलपुर कृषि विभाग ने 25 से 30 जून के बीच मानसून के संभावित आगमन को देखते हुए किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गहरी जुताई, मजबूत मेड़बंदी और जल निकासी पर जोर दिया गया है.