राजस्थान
एक घंटा पहले
2
विचारों
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक होते ही किसानों ने खरीफ की फसलों की तैयारियों को रफ्तार दे दी है। कृषि जानकारों का मानना है कि बारिश शुरू होने से पहले कुछ बुनियादी काम पूरे कर लिए जाएं तो फसल को मजबूत शुरुआत मिलती है और उपज में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है।
मिट्टी की जांच सबसे पहला कदम
विशेषज्ञ बताते हैं कि बुवाई से पहले मिट्टी परीक्षण कराना बेहद जरूरी है। इससे खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की सही-सही जानकारी मिल जाती है, जिसके आधार पर किसान संतुलित मात्रा में खाद और पोषण की योजना बना सकते हैं।
खेत की गहरी जुताई क्यों जरूरी
गहरी जुताई फसल की सेहत के लिए लाभदायक मानी जाती है। इससे न सिर्फ मिट्टी पलटती है, बल्कि खेत में पनपने वाले कीट और खरपतवार पर भी प्रभावी नियंत्रण मिलता है, जिससे फसल को नुकसान की आशंका घट जाती है।
प्रमाणित बीज और बीज उपचार
अच्छी पैदावार के लिए प्रमाणित बीजों का चयन और बुवाई से पूर्व बीज उपचार करना अहम भूमिका निभाता है। गुणवत्तापूर्ण बीज और सही उपचार से अंकुरण बेहतर होता है तथा शुरुआती अवस्था में रोगों का खतरा कम रहता है।
जल निकासी और जैविक खाद पर जोर
कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि अधिक बारिश में पानी न ठहरे। इसके साथ ही जैविक खादों के उपयोग को बढ़ाने की भी सिफारिश की जा रही है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे और फसल को बेहतर आधार मिल सके।
तैयारी से बढ़ेगा मुनाफा
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून से पहले उठाए गए ये कदम मिलकर खरीफ फसलों में बंपर उत्पादन का रास्ता खोलते हैं और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।
Comments
0 comment