जून में लगाएं ये फसलें, कम लागत में मिलेगा लाखों का मुनाफा; जानें कृषि अधिकारी की राय मध्य प्रदेश एक महीने पहले 26
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार जून के महीने में किसान केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज जैसी छह फसलें लगाकर बहुत कम लागत में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जून का महीना किसानों के लिए खेती की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। अगर आपने अपने खेत में पहले कोई दूसरी फसल लगा रखी थी और अब नई बुवाई की तैयारी कर रहे हैं, तो इस मौसम में कुछ चुनिंदा फसलें आपको अच्छा लाभ दे सकती हैं। खास बात यह है कि बहुत कम लागत में इन फसलों से लाखों रुपये की आमदनी की जा सकती है।

जून में बुवाई के लिए उपयुक्त छह फसलें

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस महीने किसान केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज की खेती आसानी से कर सकते हैं। चाहें तो एक ही जमीन पर तीन-तीन तरह की फसलें भी लगाई जा सकती हैं। ये फसलें जून के महीने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती हैं और कम खर्च में अच्छा मुनाफा देती हैं।

कितनी लागत, कितनी कमाई

एक एकड़ में इन फसलों को लगाने पर करीब 50 से 60000 रुपए तक का खर्च आता है। वहीं केला लगाने में लागत थोड़ी ज्यादा यानी ₹100000 तक पहुंच सकती है, लेकिन इससे होने वाली कमाई तीन से चार लाख रुपए तक हो जाती है। यही वजह है कि सही फसल चुनकर किसान आसानी से लखपति बन सकते हैं।

कृषि अधिकारी की सलाह

एक्सपर्ट कृषि अधिकारी मनोहर सिंह देवके ने बताया कि जो किसान जून के महीने में अपने खेतों में फसल लगाने की योजना बना रहे हैं, वे केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज जैसी छह फसलें लगा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन फसलों को पानी की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। साथ ही केला ऐसी फसल है, जिसे तैयार होने में 14 महीने का समय लगता है।

इन बातों का रखें खास ध्यान

विशेषज्ञ के अनुसार बेहतर उत्पादन के लिए दो बातों पर खास ध्यान देना जरूरी है। सबसे पहले अच्छे बीज का चयन करें और फिर समय पर सिंचाई करते रहें। इसके साथ ही समय-समय पर खाद का भी ध्यान रखना चाहिए, जिससे उत्पादन अच्छा होता है।

जब उत्पादन बेहतर होता है तो बाजार में फसल का दाम भी अच्छा मिलता है और किसान लाखों रुपये की कमाई कर लेते हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर खेती करने वाले किसान आसानी से लखपति बन सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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