उपनाम: खरीफ फसल
धान किसानों के लिए राहत भरी खबर! कम बारिश में भी बरकरार रहेगी पैदावार, ये 5 बेहतरीन किस्में अपनाएं
बालाघाट जिले में 1.30 लाख से अधिक किसान परिवार धान की खेती से जुड़े हैं और जिले की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर धान उत्पादन पर टिकी है। कम बारिश की स्थिति में भी अच्छी उपज देने वाली किस्में किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।
खरीफ की बुवाई से पहले मिट्टी परीक्षण क्यों जरूरी, खेत के किन हिस्सों से लें नमूना और क्या हैं नियम?
खरीफ फसल की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी परीक्षण बेहद अहम है, जिससे मिट्टी के पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलती है और उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल संभव हो पाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक खेत के अलग-अलग हिस्सों से सही तरीके से नमूना लेकर जांच कराना चाहिए।
MP में बदला मौसम का मिज़ाज: 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भोपाल-उज्जैन में 60Km की आंधी और तेज बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून सक्रिय होने से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। गुना, सीहोर समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में बारिश के आसार हैं।
मूंग की खेती: कम लागत में बेहतर मुनाफा, बुवाई से कटाई तक अपनाएं वैज्ञानिक विधियां
खरीफ सीजन में मूंग की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक आमदनी का जरिया बन सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 15 जुलाई तक बुवाई पूरी कर, प्रमाणित बीज और राइजोबियम कल्चर से बीजोपचार अपनाकर 60 से 70 दिनों में अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
मेढ़ विधि से तेज आंधी-बारिश में भी सुरक्षित रहेगी मक्के की फसल, कृषि विशेषज्ञ ने बताया कारगर तरीका
मानसून से पहले खेत की सही तैयारी, मेढ़ विधि और उन्नत किस्मों के चयन से किसान भारी बारिश और तेज आंधी में भी मक्के की फसल को गिरने और सड़ने से बचा सकते हैं। देवघर के कृषि विशेषज्ञ ने इसके पूरे तरीके की जानकारी दी है।
अरहर बोने से पहले अपनाएं ये जैविक तरीके, नेमाटोड समेत हर दुश्मन कीट का होगा खात्मा
फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. हादी हुसैन खान के अनुसार अरहर की बुआई से पहले भूमि का जैविक शोधन करने से मिट्टी में छिपे हानिकारक फफूंद, कीट और नेमाटोड नष्ट हो जाते हैं और फसल शुरू से ही स्वस्थ रहती है।
हर 3 साल में करें यह एक काम, बंजर खेत भी देगा बंपर पैदावार, जानें कृषि विशेषज्ञ की राय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में हर तीन साल में एक बार खेत की गहरी जुताई प्लाऊ से करवाने पर मिट्टी की कठोर परत टूटती है और पोषक तत्व बढ़ते हैं। यही उपाय बंजर होती जमीन को फिर से उपजाऊ बना देता है।
कम बारिश की आशंका में किसान क्या लगाएं? कृषि वैज्ञानिक ने सुझाईं धान की 5 भरोसेमंद किस्में
मानसून में सामान्य से कम बारिश की आशंका के बीच कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक ने किसानों को कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली धान की किस्में अपनाने की सलाह दी है, जो 120 से 130 दिनों में पककर तैयार हो जाती हैं।
धान की बुवाई से पहले खेतों की जुताई क्यों है बेहद जरूरी? जान लें ये अहम बात
नौतपा की तेज गर्मी खरीफ फसल की तैयारी के लिए सही समय है। इस दौरान खेतों की जुताई करने से खरपतवार और कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे आगे फसल को नुकसान कम होता है।