G20 मूंगफली: 90 दिन में पकने वाली यह किस्म देगी जबरदस्त मुनाफा, तेल क्षमता 50% तक राजस्थान एक घंटा पहले 2
खरीफ सीजन में मूंगफली उगाने वाले किसानों के लिए G20 किस्म फायदेमंद साबित हो रही है, जो 90 से 100 दिनों में तैयार होकर 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती है और 50 हजार से 70 हजार रुपये तक शुद्ध मुनाफा दिला सकती है।

खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू होते ही मूंगफली की खेती करने वाले किसान ऐसी किस्मों की तलाश में जुट जाते हैं, जो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा दें। ऐसे किसानों के लिए G20 किस्म एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। यह किस्म छोटे और मध्यम वर्गीय किसानों के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह अच्छी पैदावार देने के साथ-साथ कम पानी और कम देखभाल में भी आसानी से उग जाती है।

कम अवधि में तैयार, कम मौसमी जोखिम

कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ के अनुसार पारंपरिक मूंगफली की किस्मों की तुलना में G20 कई मायनों में बेहतर है। इस किस्म की फसल करीब 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को जल्दी उत्पादन मिल जाता है और अगली फसल की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय बचता है। कम अवधि में पकने के कारण मौसम से जुड़े जोखिम भी काफी घट जाते हैं।

प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल तक उपज

G20 किस्म उगाने वाले उन्नत किसान अनीश कुमार ने बताया कि इस किस्म की औसत उपज 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है, जबकि सामान्य किस्मों से अक्सर 15 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक ही उत्पादन मिल पाता है। अधिक उत्पादन के कारण किसानों की प्रति हेक्टेयर आय बढ़ जाती है।

इस किस्म की एक बड़ी विशेषता इसकी उच्च तेल क्षमता है। G20 के दानों में लगभग 48 से 50 प्रतिशत तक तेल पाया जाता है, जिसके चलते तेल उद्योग में इसकी मांग अधिक बनी रहती है।

घटती है खेती की लागत

अनीश कुमार के मुताबिक इसके बड़े और एकसमान दाने बाजार में बेहतर कीमत दिलाने में मदद करते हैं, यही वजह है कि व्यापारी भी इस किस्म की मूंगफली खरीदने में रुचि दिखाते हैं। रोग प्रबंधन के लिहाज से भी यह किस्म किसानों के लिए अच्छी मानी जाती है, क्योंकि इसमें टिक्का रोग और जड़ सड़न जैसी समस्याएं बहुत कम देखने को मिलती हैं।

रोगों का प्रकोप कम होने से किसानों को कीटनाशकों पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। इसके साथ ही उर्वरकों की जरूरत भी सीमित रहती है, जिससे खेती की कुल लागत घट जाती है।

सूखे की स्थिति में भी कारगर

कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ ने बताया कि जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए भी G20 एक उपयोगी विकल्प है। यह किस्म कम पानी में भी उत्पादन देने की क्षमता रखती है और सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है।

उन्होंने बताया कि यदि वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती की जाए तो G20 मूंगफली से प्रति हेक्टेयर 50 हजार से 70 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ हासिल किया जा सकता है। यही कारण है कि आधुनिक और व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ रहे किसानों के लिए G20 मूंगफली एक फायदे का सौदा बन सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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