सुपर सिल्की से लेकर PR-126 तक: धान की ये 6 बेहतरीन किस्में, सिर्फ 4 महीने में फसल तैयार उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
इन दिनों धान की पौध तैयार हो रही है और किसान अब परंपरागत बीजों की जगह ज्यादा पैदावार देने वाली उन्नत किस्मों की ओर बढ़ रहे हैं। जानिए लखीमपुर खीरी समेत पूरे उत्तर प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रही धान की छह खास वैरायटी के बारे में।

खरीफ सीजन की दस्तक के साथ ही इस समय खेतों में धान की पौध तैयार करने का काम जोरों पर है। समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में भी बड़ा बदलाव आया है। अब किसान पुरानी और कम उपज वाली परंपरागत किस्मों को छोड़कर ऐसी उन्नत वैरायटी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जो ज्यादा उत्पादन देती हैं और कम समय में पककर तैयार हो जाती हैं।

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहा है उन्नत किस्मों का चलन

धान की कुछ ऐसी उन्नत किस्में हैं जिनकी खेती लखीमपुर खीरी समेत पूरे उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही है। किसान इनकी पैदावार और गुणवत्ता को देखते हुए इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।

ये हैं छह प्रमुख किस्में

लखीमपुर खीरी के कृषि विशेषज्ञ प्रदीप बिसेन के अनुसार इन उन्नत किस्मों में सुपर सिल्की, सरजू-52, इंद्रासन, PR-113, PR-126 और नन्दी PR-113 शामिल हैं। ये सभी किस्में अपनी पैदावार और कम अवधि में पकने की खूबी के चलते किसानों की पसंद बन रही हैं।

सरजू-52 की खासियत

सरजू-52 की फसल बुवाई के बाद 135 से 145 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। यह किस्म अपनी विश्वसनीयता के कारण किसानों के बीच काफी प्रचलित है।

इंद्रासन देती है दमदार उत्पादन

इंद्रासन धान की किस्म से प्रति हेक्टेयर 70 से 80 कुंतल तक उत्पादन आसानी से लिया जा सकता है। इसकी एक और बड़ी विशेषता यह है कि यह धान 120 दिन से लेकर 135 दिन के बीच पककर तैयार हो जाता है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी पैदावार मिल जाती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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