मानसून से पहले टमाटर की तैयारी में जुटे किसानों को इस बार अलनीनो के असर और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार सही समय पर बेड तैयारी, मल्चिंग और प्लांटिंग से ही नुकसान टाला जा सकता है।
माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में मौजूद करीब 8 किलोमीटर लंबा नेचुरल ट्रेल पर्यटकों को जंगल सफारी जैसा अनुभव कराता है। यहां का गोल्डन हॉर्न व्यू पॉइंट सुबह के समय बेहद खूबसूरत नजर आता है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में बसी बाघ गुफाएं अजंता-एलोरा जैसी प्राचीन कलाकृति और शांत प्राकृतिक माहौल कम बजट में पेश करती हैं। वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक बेहतरीन और किफायती विकल्प है।
गर्मी में अगर मटके का पानी ठंडा नहीं हो पा रहा, तो मिट्टी का कुंजा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जो प्राकृतिक वाष्पीकरण के जरिए ज्यादा ठंडक देता है।
धनबाद और बोकारो की दामोदर सीमा पर नागदा में स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल में एक ही जगह दो झरने एक साथ दिखाई देते हैं। मानसून के दौरान इसकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है और घने जंगलों के बीच यह नजारा पर्यटकों को खूब लुभाता है।
सही आउटफिट वही है जो आपकी बॉडी शेप के साथ तालमेल बैठाए और आपको सहज महसूस कराए। पियर, एप्पल, ऑवरग्लास या रेक्टेंगल—हर बॉडी अपनी जगह सुंदर है, बस कपड़े चुनने का तरीका सही होना चाहिए।
मिथिलांचल का खास 'खटरस' अचार कई सामग्रियों के मेल से बनता है और इसका खट्टा-तीखा-चटपटा स्वाद एक साथ कई अचारों का अहसास कराता है। जानिए इसे घर पर बनाने की पूरी विधि।
जामुन पोषक तत्वों से भरपूर एक औषधीय फल है, लेकिन इसे खाते समय या उसके तुरंत बाद कुछ चीजों के सेवन से बचना जरूरी है। जानिए किन चीजों से परहेज करें और जामुन खाने का सही तरीका क्या है।
तेज गर्मी में तरबूज को सही जगह और सही तापमान पर रखने से उसकी मिठास और ताजगी लंबे समय तक बनी रहती है। बिना काटे, कटे हुए और फ्रीज करने के अलग-अलग तरीके अपनाकर तरबूज को खराब होने से बचाया जा सकता है।
प्याज काटते समय आंखों में होने वाली जलन और आंसुओं से बचने के लिए जड़ बचाकर काटने, पानी में भिगोने, तेज धार वाले चाकू और फ्रिज में ठंडा करने जैसे आसान तरीके बेहद कारगर साबित होते हैं।
अपराजिता यानी नीलकंठ के सूखे फूलों से तैयार होने वाला नीला पेय आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार माना जाता है। प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ राकेश पांडे से जानिए इसके फायदे और बनाने का आसान तरीका।
गिलोय, अश्वगंधा, नीम और एलोवेरा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां प्राकृतिक होने के बावजूद बिना सही मार्गदर्शन या जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर लिवर समेत कई अंगों पर बुरा असर डाल सकती हैं। आयुष चिकित्सक के मुताबिक हर शरीर की प्रकृति अलग होती है, इसलिए सोच-समझकर...
जब घर में हरी सब्जी न हो और कुछ चटपटा खाने का मन करे, तो दही और पापड़ से बनी यह स्वादिष्ट डिश महज 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है। जानिए इसकी आसान रेसिपी।
भरतपुर के रजत पूनिया ने छात्र राजनीति छोड़कर 'टेस्ट सफारी' नाम से फूड ब्लॉगिंग शुरू की और स्थानीय व्यंजनों को देशभर तक पहुंचाकर मशहूर फूड ब्लॉगर बन गए। उनकी कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा है।
बरसात के मौसम में दही जमाना थोड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन सही दूध, सही तापमान और हल्की गर्म जगह मिल जाए तो घर पर ही गाढ़ा, मलाईदार और थक्केदार दही आसानी से तैयार हो जाता है।
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