अपनी नई फिल्म पेड्डी की रिलीज़ के दिन जाह्नवी कपूर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लेने तिरुमाला तिरुपति मंदिर पहुंचीं, जहां उनके पारंपरिक एथनिक अंदाज़ ने सबका ध्यान खींचा।
आगरा का पेठा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि शहर की पहचान बन चुका है। मान्यता है कि ताजमहल के निर्माण के दौर में शाहजहां के आदेश पर इस सफेद मिठाई का जन्म हुआ था, और आज इसके 56 से अधिक फ्लेवर तैयार किए जाते हैं।
पकौड़े या समोसे तलने के बाद तेल में जले हुए कण जमा होकर उसे काला बना देते हैं। ब्रेड और छानने जैसी आसान ट्रिक्स से इसे साफ किया जा सकता है, लेकिन सेहत के लिहाज से बार-बार गर्म किए गए तेल से परहेज करना ही बेहतर है।
खाने के तुरंत बाद पानी पीने को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं। आयुर्वेद के मुताबिक भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी पाचन को कमजोर कर सकता है, इसलिए सही समय और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
गर्मियों की टैनिंग हटाने के लिए महंगे पार्लर ट्रीटमेंट जरूरी नहीं हैं। दही-बेसन, टमाटर और शहद-नींबू जैसे रसोई के घरेलू नुस्खे त्वचा को साफ कर नेचुरल ग्लो दिला सकते हैं।
बाज़ार के डिब्बाबंद पेस्ट में मिलावट और केमिकल से बचने के लिए घर पर अदरक-लहसुन का पेस्ट बनाना बेहतर है, पर नमी रह जाने पर यह जल्दी बदबू देने लगता है। यहां जानें इसे बनाने का सही तरीका और लंबे समय तक ताज़ा रखने के टिप्स।
बारिश के मौसम में चाय के साथ अगर आप कुछ हल्का और पौष्टिक खाना चाहते हैं तो मसाला पीनट चाट एक बढ़िया विकल्प है। यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है और स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखती है।
उर्दू अदब के मशहूर शायर राहत इंदौरी अपनी बेबाक और बुलंद आवाज़ के लिए जाने जाते रहे। यहां पढ़िए उनके वे चुनिंदा शेर जो हर पीढ़ी की ज़ुबान पर आज भी मौजूद हैं।
फिरायालाल चौक के पास का यह गोलगप्पा स्टॉल अपने 6 अलग-अलग फ्लेवर के पानी और सूजी से बनी पापड़ी के लिए मशहूर है, जहां रोज 250 से ज्यादा ग्राहक पहुंचते हैं और कई बार 4 घंटे में ही पूरा स्टॉक खत्म हो जाता है।
हनुमान जी को अर्पित किए जाने वाले लाल गुलाब के पौधे पर ज्यादा फूल पाने के लिए वर्मीकंपोस्ट, नीम खली और सीवीड से बनी घरेलू लिक्विड खाद बेहद कारगर मानी जाती है। सही पोषण, उचित देखभाल और संतुलित धूप से कमजोर गुलाब का पौधा दोबारा फूलों से भर सकता है।
हैदराबाद के नजदीक बसा नरसापुर फॉरेस्ट मानसून में घने जंगल, पथरीले रास्तों और छोटे झरनों के साथ पर्यटकों को लुभा रहा है। महज 50 रुपये के टिकट पर यहां वॉकिंग ट्रैक और वॉचटावर जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
आम को सही आकार और परिपक्वता पर ही तोड़ना चाहिए और जून का महीना तुड़ाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। भूसा, पुआल या अखबारी गत्ते की मदद से आम को प्राकृतिक रूप से मीठा, पीला और सुरक्षित ढंग से पकाया जा सकता है।
लौकी दही तड़का गर्मियों के लिए एक हल्की, स्वादिष्ट और झटपट तैयार होने वाली डिश है। दही की ठंडक और लौकी का हल्का स्वाद इसे खास बनाते हैं और यह महज 10-15 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है।
छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी ऐसे पुराने घर मौजूद हैं, जो भीषण गर्मी में भी भीतर से ठंडे बने रहते हैं और जहां कूलर, पंखे या बिजली तक की जरूरत नहीं पड़ती। इसकी वजह है इन घरों की खास बनावट, जिसे 'दोहरे खंड' के रूप में बनाया जाता था।
बाजार में बिकने वाले लो-फैट, डाइट और प्रोटीन वाले कई पैकेज्ड फूड्स देखने में हेल्दी लगते हैं, लेकिन उनमें छिपी चीनी, सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स वजन घटाने के बजाय बढ़ा देते हैं। जानिए ऐसे ही 5 फेक हेल्दी फूड्स के बारे में।
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