वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का उपकरण नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। पुरानी झाड़ू को कब और कैसे बदलना चाहिए, इसके लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आशा दशमी के रूप में मनाया जाता है, जिसमें दस दिशाओं की देवियों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने सुखद दांपत्य जीवन और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए व्रत रखती हैं।
गर्मियों के इस बेहद लोकप्रिय और पोषक तत्वों से भरपूर फल अनानास को खाते ही जीभ पर झनझनाहट और जलन क्यों होने लगती है, इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प वैज्ञानिक वजह छिपी है।
बच्चों के टिफिन और शाम की चाय के लिए पोटैटो स्माइली एक बेहतरीन स्नैक है। सोशल मीडिया पर वायरल इस आसान रेसिपी की मदद से आप घर पर ही बाजार जैसी क्रिस्पी स्माइली तैयार कर सकते हैं।
महाराष्ट्र का ऐतिहासिक लोहागढ़ किला अपनी बेहद मजबूत बनावट और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के मौसम में इस प्राचीन किले की खूबसूरती और भी निखर जाती है, जिससे यह पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन जाता है।
मानसून के सुहाने मौसम में अगर आप किसी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं, तो भारत की इन 5 बेहद खूबसूरत और साफ झीलों की सैर जरूर करें जिनका पानी पूरी तरह पारदर्शी है।
आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी का व्रत 3 जुलाई 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश के कृष्णपिङ्गल स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के कृष्णपिङ्गल स्वरूप की पूजा की जाएगी। विघ्नहर्ता की कृपा पाने के लिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज ही पूजा की सभी जरूरी सामग्रियां एकत्रित कर लें।
बारिश का मौसम वैसे तो पेड़-पौधों के लिए वरदान माना जाता है, लेकिन इस दौरान अत्यधिक नमी और पानी के जमाव से उन्हें भारी नुकसान भी पहुंच सकता है। जानिए मानसून में अपने पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ रखने के आसान तरीके।
मानसून के मौसम में हवा में मौजूद नमी के कारण बेसन और सूजी में कीड़े लगने और जाले पड़ने की समस्या आम हो जाती है। इन आसान और असरदार घरेलू तरीकों को अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा रख सकते हैं।
अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 4 और 7 की जोड़ी को 'मेड इन हेवन' माना जाता है। राहु और केतु के गहरे जुड़ाव के कारण इनके बीच एक अटूट और अनोखा रिश्ता बनता है।
वैदिक ज्योतिष में पाप कर्तरी योग को एक अत्यंत अशुभ योग माना गया है, जिसके कुंडली में सक्रिय होने पर व्यक्ति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भारी संघर्ष और असफलताओं का सामना करना पड़ता है।
लगातार आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव से परेशान लोगों के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ शुभ संकेतों का जिक्र किया गया है, जो आने वाले सुनहरे दिनों की ओर इशारा करते हैं।
सावन के पावन महीने में शिवलिंग की पूजा के बाद बचे हुए जल का विसर्जन कैसे करें, इसे लेकर शास्त्र और वास्तु क्या कहते हैं, जानिए पूरी जानकारी।
आजकल फैशन की दुनिया में चेन वाली सिल्वर बिछिया काफी चलन में है। यह पारंपरिक और मॉडर्न लुक का बेहतरीन मिश्रण है, जो पैरों की खूबसूरती को चार चांद लगा देता है।
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