22 सितंबर 2026 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत मनाया जाएगा, जिसमें भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विशेष विधान है। जानिए इस दिन की पूजा सामग्री, मंत्र और पारण का सही समय।
घर पर बिना किसी उपकरण के स्क्वाट करना फिटनेस सुधारने का बेहतरीन तरीका है। आइए जानते हैं कि एक महीने तक नियमित स्क्वाट करने से आपके शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी को लेकर भक्तों के मन में तारीख को लेकर उलझन है। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की पूरी जानकारी।
पितृपक्ष के दौरान नवमी और अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। जानें कि इन दिनों में पूर्वजों के लिए किए गए श्राद्ध और तर्पण से कैसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
क्या आपको भी अपने दैनिक जीवन में बार-बार एक ही तरह के अंक दिखाई देते हैं? इन विशेष अंकों को आध्यात्मिक दुनिया में एंजेल नंबर्स कहा जाता है, जिनके पीछे गहरे अर्थ छिपे होते हैं।
18 सितंबर को मंगल ग्रह के कर्क राशि में प्रवेश के साथ ही वहां पहले से मौजूद गुरु के साथ उनकी युति होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह मंगल और गुरु का विशेष संयोग जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है।
18 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस दिन संतान सप्तमी और ललिता सप्तमी का व्रत रखा जाएगा, साथ ही मंगल का राशि परिवर्तन भी होगा।
17 सितंबर को सूर्य देव कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस गोचर का प्रभाव मेष, वृषभ, तुला और कुंभ राशि के जातकों पर प्रतिकूल पड़ सकता है।
सितंबर 2026 में बुध के कन्या राशि में उदय होने से तीन भाग्यशाली राशियों के करियर और व्यापार में बड़े सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।
आज शाम 5 बजकर 23 मिनट तक विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद शुभ माना गया है, जिसमें बताए गए विशेष उपाय आपके बिगड़े कामों को बनाने और जीवन में खुशहाली लाने में मदद कर सकते हैं।
16 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और बुधवार का दिन है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए आज के दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्रों की विशेष जानकारी।
भाद्रपद माह में आने वाली बलराम जयंती का महत्व और उससे जुड़ी पूजा की सभी जानकारियां यहाँ विस्तार से दी गई हैं।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला ऋषि पंचमी का व्रत आज 15 सितंबर 2026 को है। इस दिन सप्त ऋषियों की आराधना और उनके सम्मान में आरती गाने का विशेष महत्व है।
हरतालिका तीज के पावन अवसर पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। जानिए 15 सितंबर 2026 को व्रत पारण का सही समय और पूजा के बाद सबसे पहले क्या खाना चाहिए।
हरतालिका तीज के दिन शिव-पार्वती की पूजा के साथ भगवान गणेश की पौराणिक कथा सुनने का विशेष महत्व है, जिसे सुनने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
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