देसी स्वाद का असली बादशाह है गोविंद गट्टे की सब्ज़ी, जिसके आगे शाही पनीर भी लगे फीका जीवनशैली 4 घंटे पहले 3
पनीर, काजू और हरी मिर्च से भरे स्टफ्ड गट्टों को मसालेदार दही वाली ग्रेवी में पकाकर बनने वाली राजस्थान की मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी अपने अनोखे और शाही स्वाद के लिए जानी जाती है। जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी की बताई इस पारंपरिक रेसिपी से इसे घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है।

राजस्थान की थाली का ज़िक्र होते ही मन में देसी स्वाद, परंपरा और सौंधी खुशबू का एक खास एहसास तैर जाता है। और अगर इसी थाली में किसी एक व्यंजन को असली देसी स्वाद का राजा कहा जाए, तो वह है गोविंद गट्टे की सब्ज़ी। इसका ज़ायका इतना लाजवाब होता है कि शाही पनीर जैसे रईसी व्यंजन भी इसके सामने फीके पड़ने लगते हैं। जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी, जिनके हाथों का स्वाद पूरे परिवार और मोहल्ले में मशहूर है, इस खास डिश की पूरी रेसिपी साझा कर रही हैं।

पनीर की खास स्टफिंग ऐसे करें तैयार

मंजुला सोनी बताती हैं कि सबसे पहले इसकी खास स्टफिंग पर ध्यान देना ज़रूरी है। इसके लिए पनीर को अच्छी तरह कद्दूकस करके हाथों से मुलायम कर लें। अब इसमें काजू के छोटे-छोटे टुकड़े, बारीक कटी हरी मिर्च और घर के मसाले मिलाकर एक स्वादिष्ट स्टफिंग बना लें। उनका कहना है कि स्टफिंग जितनी बढ़िया होगी, गट्टों का स्वाद उतना ही निखरकर आएगा।

गट्टों का आटा गूंथने और भरने का तरीका

गट्टे बनाने के लिए बेसन लें और उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और एक टेबलस्पून तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं। थोड़ा पानी मिलाकर एक नरम आटा गूंथ लें और इसे 5 से 10 मिनट तक ढककर रख दें। इसके बाद आटे के छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें हल्का चपटा करें, बीच में पनीर की स्टफिंग भरें और फिर से गोल आकार दे दें।

स्टीम करना है सबसे अहम कदम

अब एक कड़ाही में पानी गर्म करें और उसके ऊपर छलनी रखकर इन गट्टों को 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाएं, ताकि ये अंदर तक अच्छे से पक जाएं। मंजुला सोनी के मुताबिक, सही तरीके से स्टीम किए गए गट्टे ही इस डिश का असली स्वाद तय करते हैं।

मसालेदार दही वाली ग्रेवी की विधि

अब बारी है मज़ेदार ग्रेवी की। इसके लिए कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें लौंग, काली मिर्च, दालचीनी जैसे खड़े मसाले डालकर जीरे का तड़का लगाएं। फिर बारीक कटे प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद टमाटर की प्यूरी डालें और तब तक पकाएं जब तक मसाले से तेल अलग न होने लगे। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक, गरम मसाला और थोड़ा अमचूर डालकर मसाले को अच्छी तरह भून लें। इसके बाद दही डालकर लगातार चलाते हुए गाढ़ी ग्रेवी तैयार करें। स्वाद को और बेहतरीन बनाने के लिए इसमें नारियल का मुरादा भी मिलाया जा सकता है। एक उबाल आने के बाद इसमें कस्तूरी मेथी और बारीक कटा हरा धनिया डाल दें।

आखिरी कदम और परोसने का अंदाज़

अब स्टीम किए हुए गट्टों को काटकर इस ग्रेवी में डालें और हल्के हाथ से मिला दें। कुछ ही मिनटों में आपकी स्वादिष्ट गोविंद गट्टे की सब्ज़ी तैयार हो जाएगी। जब यह गरमा-गरम सब्ज़ी रोटी या चावल के साथ परोसी जाती है, तो हर निवाले में राजस्थान की परंपरा और देसी स्वाद की झलक महसूस होती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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