राहुल द्रविड़ के प्रेरक विचार: जीवन में कामयाबी चाहिए तो दिल से लगा लें 'द वॉल' की ये सीख जीवनशैली 5 घंटे पहले 4
भारतीय क्रिकेट के 'द वॉल' राहुल द्रविड़ सिर्फ अपने खेल ही नहीं, बल्कि अपने जीवन-दर्शन के लिए भी मशहूर हैं। यहां पढ़िए उनके वे प्रेरणादायक विचार जो सफलता की राह दिखाते हैं।

राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद नामों में गिने जाते हैं। मैदान पर उनकी दीवार जैसी मजबूती ने उन्हें 'द वॉल' और 'मिस्टर डिपेंडेबल' जैसे खिताब दिलाए। उनकी बेजोड़ तकनीक, अपार धैर्य और खेल के प्रति पूरी निष्ठा की मिसाल आज भी दी जाती है। द्रविड़ का अंतरराष्ट्रीय करियर 1996 से 2012 तक यानी करीब 16 साल लंबा रहा और इस दौरान वह भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाल चुके हैं।

मैदान पर द्रविड़ का रिकॉर्ड

द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में 164 मैच खेलते हुए 13,288 रन जुटाए, जिनमें 36 शतक शामिल रहे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का विश्व रिकॉर्ड भी आज तक उन्हीं के नाम दर्ज है। जितने शानदार वह खिलाड़ी रहे, उतने ही शांत और संयमित उनके व्यक्तित्व ने भी लोगों को बहुत कुछ सिखाया है। उनकी कही बातें आज भी असंख्य लोगों को आगे बढ़ने की हिम्मत देती हैं।

राहुल द्रविड़ के अनमोल प्रेरक विचार

  1. कामयाबी उम्र की मोहताज नहीं होती; इसके लिए जरूरी है कि आप मानसिक रूप से मजबूत बने रहें और अपने खेल को निरंतर निखारते रहें।
  2. जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखना जानता है, सफलता उसके कदम जरूर चूमती है।
  3. जब तक आप खुद से अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं मांगेंगे, तब तक आपको अपना सर्वश्रेष्ठ हासिल नहीं होगा।
  4. आप बदले की भावना से नहीं खेलते, बल्कि सम्मान और गर्व के लिए मैदान में उतरते हैं।
  5. किसी भी सपने को अकेले कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
  6. क्रिकेट हो या कोई भी पेशा, करियर के शुरुआती सालों में ही एक पहचान बन जाती है। इसके बाद वह पहचान आपको पसंद हो या न हो, बाकी पूरी जिंदगी उसी के साथ जीनी पड़ती है।
  7. सच कहूं तो सफल होने के करोड़ों रास्ते हैं, लेकिन मैं यह नहीं बता सकता कि आपके लिए कौन-सा रास्ता सही है। अपना रास्ता हर किसी को खुद ही चुनना पड़ता है।
  8. मैं कई बार नाकाम हुआ, फिर भी कोशिश करना कभी नहीं छोड़ा। जीवन में कुछ हासिल करने के लिए हार और असफलता से कहीं ज्यादा मायने आपकी कोशिश रखती है।
  9. हर कामयाब क्रिकेट करियर सिर्फ आपके अकेले के त्याग से नहीं बनता, इसमें कई और लोगों का योगदान भी होता है। इसीलिए जब आप अच्छा करते हैं, तो आपसे प्यार करने वालों को भी खुशी मिलती है।
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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