हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बसा कल्पा एक ऐसा पहाड़ी कस्बा है जहां एक ही दिन में धूप, बादल और ठंडी हवाओं का अनुभव होता है। गर्मियों में सुकून और प्राकृतिक नजारों की तलाश करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।
मानसून और पकौड़ों का नाता भारत में बेहद गहरा है। आखिर बरसात में ही गरमा-गरम पकौड़े खाने की चाहत इतनी तेज़ क्यों हो जाती है, इसके पीछे विज्ञान और मनोविज्ञान दोनों की दिलचस्प भूमिका है।
छतरपुर जिले में जून के महीने में कमल ककड़ी नाम की सब्जी बाजार में आती है, जिसे क्षेत्रीय भाषा में भसीड़ा कहते हैं। आलू जैसी बनावट और हल्के मीठे, नारियल जैसे स्वाद वाली यह सब्जी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
अगर बनाने के कुछ ही घंटों बाद रोटियां कड़क हो जाती हैं, तो आटा गूंथते समय थोड़ा दूध मिलाना कारगर उपाय है। सही तरीके से आटा गूंथना, रोटी सेंकना और स्टोर करना भी उन्हें देर तक ताजा बनाए रखता है।
चाय में नमक डालने से उसका स्वाद तो बदल जाता है, लेकिन सेहत के लिहाज़ से यह आदत फायदेमंद नहीं मानी जाती। ज़्यादा नमक शरीर में सोडियम बढ़ाकर ब्लड प्रेशर और दिल पर बुरा असर डाल सकता है।
प्याज के रस में मौजूद सल्फर और एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प की सेहत और बालों की मजबूती में मददगार माने जाते हैं। सही तरीके से लगाने पर यह बालों की कई समस्याओं से राहत दिला सकता है।
उर्दू अदब में स्त्री मन और उसकी भावनाओं को नई पहचान देने वाली परवीन शाकिर की चुनिंदा और मशहूर शायरी यहां पढ़ें। प्यार, अकेलापन और समाज के रवैये को छूती उनकी पंक्तियां आज भी पाठकों के दिल में बसी हैं।
गर्मी और उमस के मौसम में घमौरियां आम परेशानी बन जाती हैं। एलोवेरा, खीरा, मुल्तानी मिट्टी और बेकिंग सोडा जैसे कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से इनसे राहत पाई जा सकती है।
जमुई की ब्यूटीशियन कोमल कुमारी ने चेहरे की गंदगी हटाने और रंगत लौटाने के लिए कच्चे दूध से बने एक मुफ्त और प्राकृतिक क्लिंजर का तरीका बताया है, जो बिना किसी केमिकल के त्वचा की गहराई से सफाई करता है।
दही, नींबू, मेहंदी और तेल से बना हेयर पैक स्कैल्प को साफ और पोषित करके रूसी कम करने में मददगार माना जाता है। इसे जड़ों में लगाकर 30 मिनट छोड़ने के बाद हल्के शैंपू से धो लें।
अगर आपका कूलर चलने के बावजूद ठंडी हवा नहीं फेंक रहा, तो जाली की सफाई, हनीकॉम्ब पैड की देखभाल, थर्माकोल शीट, बर्फ और मोटर ऑयल जैसे आसान उपाय आजमाएं। महज 50 से 150 रुपये के खर्च में पुराने कूलर की कूलिंग पहले से कहीं बेहतर हो सकती है।
भारत में कई ऐसी धरोहरें हैं जिन्हें यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा तो मिला है, मगर पर्यटक इन तक कम ही पहुंच पाते हैं। ऐसी ही 9 खूबसूरत और 'सीक्रेट' जगहों की जानकारी यहां दी गई है।
बाजार से लाए आम अंदर से खट्टे या फीके निकल जाएं तो उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं. इन्हीं आमों से घर पर शुद्ध और प्राकृतिक खट्टी-मीठी मैंगो कैंडी झटपट तैयार की जा सकती है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सबकी पसंद बन जाएगी.
बरसात के मौसम में गलत जूते-चप्पल पहनने से पैर गीले होने, फिसलने और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जानिए मानसून के लिए सबसे उपयुक्त 5 फुटवियर विकल्प।
एक्जिमा एक क्रॉनिक स्किन डिजीज है, जिसमें खुजली, लालिमा, सूजन और ड्राइनेस जैसे लक्षण दिखते हैं। जेनेटिक और एनवायरनमेंटल कारणों से ट्रिगर होने वाली इस समस्या को सही इलाज और सावधानी से लंबे समय तक काबू में रखा जा सकता है।
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