एक सब्जी अनेक फायदे: डायबिटीज में राहत और पोषण से भरपूर सहजन के अनमोल गुण जीवनशैली एक घंटा पहले 2
सहजन यानी मोरिंगा का तना, पत्ती, जड़ और फल सब उपयोगी माने जाते हैं। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह सब्जी पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी मानी जाती है।

सहजन को सेहत के नजरिए से बेहद उपयोगी सब्जी माना जाता है। इसका तना, पत्ती, जड़ और फल हर हिस्सा गुणकारी होता है, यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें विटामिन बी, विटामिन बी12, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जिनकी मदद से कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिल सकती है। पचने में आसान होने और फाइबर का अच्छा स्रोत होने के कारण यह पाचन को भी सहज बनाती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए तो इसे किसी वरदान से कम नहीं माना जाता।

आयुर्वेद में पुराना नाता

सहजन के पौधे को मोरिंगा या ड्रमस्टिक के नाम से भी पहचाना जाता है। अपने औषधीय गुणों के चलते यह लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल होता आ रहा है। इसकी पत्तियां, फलियां, फूल, बीज और यहां तक कि छाल का भी कई घरेलू और पारंपरिक उपचारों में उपयोग किया जाता है। इसी कारण इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी पौधा माना जाता है।

पोषक तत्वों का खजाना

आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार, सहजन में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये तत्व शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद कर सकते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में मददगार

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अक्सर सहजन का सहारा लिया जाता है। इसकी पत्तियों के सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। कई लोग इसकी पत्तियों का चूर्ण बनाकर भी इसका इस्तेमाल करते हैं।

पाचन समस्या में फायदेमंद

परंपरागत रूप से पाचन संबंधी दिक्कतों में भी सहजन का उपयोग होता आया है। इसकी फलियों की सब्जी खाने से पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा कुछ लोग कब्ज और पेट से जुड़ी अन्य आम परेशानियों में भी इसका सहारा लेते हैं।

हड्डियों के लिए लाभकारी

सहजन की पत्तियों और फलियों को हड्डियों की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। इनमें कैल्शियम और दूसरे खनिज तत्व होते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण देते हैं। यही कारण है कि बहुत से लोग इसे अपने नियमित आहार का हिस्सा बनाते हैं।

जोड़ों के दर्द और सूजन में उपयोग

विष्णुदत्त प्रजापति बताते हैं कि आयुर्वेद में जोड़ों के दर्द और सूजन से जुड़ी समस्याओं में भी सहजन का जिक्र मिलता है। इसके अलग-अलग हिस्सों को पारंपरिक उपचारों में काम में लाया जाता रहा है। हालांकि किसी गंभीर बीमारी में सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

फूल और बीज भी उपयोगी

सहजन के फूल और बीज भी काम के माने जाते हैं। इनके विविध उपयोगों का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। इसके बीजों से निकाला गया तेल त्वचा और बालों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता है, और कई हर्बल उत्पादों में भी सहजन का उपयोग होता है।

सलाह जरूरी

वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति का कहना है कि सहजन पोषण से भरपूर पौधा जरूर है, लेकिन इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं मानना चाहिए। यह एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक औषधीय पौधा है, जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या औषधीय उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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