होर्मुज संकट पर केंद्र सरकार अलर्ट, पीएम मोदी ने मंत्रियों के साथ की अहम बैठक व्यापार एक घंटा पहले 3
पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक की है। इसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

होर्मुज तनाव पर सरकार की नजर

पश्चिम एशिया के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न हुई अस्थिरता को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गई है। इस गंभीर वैश्विक स्थिति का भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करना, किसानों के लिए खाद की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और वैश्विक संकट के दौरान अपने नागरिकों के साथ-साथ व्यापारिक हितों की रक्षा करना था। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे अधिक जोर विदेशों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर कहीं भी फंसे भारतीय नाविकों की जान बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। चाहे वे भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हों या किसी विदेशी कंपनी के पोत पर, उनकी सुरक्षा के लिए सरकार हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तत्पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पेट्रोलियम और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस

होर्मुज संकट का सबसे सीधा असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों व आपूर्ति पर पड़ता है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए पीएनजी का दायरा और अधिक विस्तारित किया जाना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के ऊर्जा संकट के दौरान घरेलू सप्लाई चैन को प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा।

किसानों के हितों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने कृषि और खाद की उपलब्धता को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि रबी सीजन की आगामी फसलों के लिए देश में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके अलावा, सरकार ने 2027 की खरीफ फसल के लिए भी खाद का बफर स्टॉक तैयार करने का निर्णय लिया है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर भी भारतीय किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े।

निर्यात और अर्थव्यवस्था का आकलन

अंत में, बैठक में होर्मुज संकट के कारण भारतीय निर्यात और देश की अर्थव्यवस्था पर संभावित असर की समीक्षा की गई। निर्यातकों को होने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए उपायों पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि वैश्विक बाजार में हो रही उठापटक पर निरंतर निगरानी रखना आवश्यक है। ऊर्जा से लेकर व्यापार और नागरिकों की सुरक्षा तक, हर क्षेत्र पर सरकार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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