50 नींबू के पौधों से हर साल 25,000 की पैदावार, जानिए कैसे बोकारो के किसान ने बदली अपनी किस्मत झारखंड एक घंटा पहले 3
बोकारो के एक प्रगतिशील किसान ने पारंपरिक खेती के साथ ग्राफ्टेड नींबू की बागवानी कर बंपर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है। मात्र 50 पौधों के जरिए वे सालाना 50,000 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।

खेती के नए तौर तरीके से मिली सफलता

आज के दौर में जब किसान पारंपरिक फसलों के अलावा नगदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, तो उन्हें उम्मीद के मुताबिक बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं। बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित उलगोड़ा गांव के रहने वाले किसान त्रिलोचन महतो इसका एक सफल उदाहरण बनकर सामने आए हैं। वे अपनी सब्जियों की खेती के साथ ही नींबू के बागान से अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। नींबू की खेती में उनके द्वारा अपनाई गई स्मार्ट रणनीति के कारण वे काफी कम मेहनत और लागत में अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं।

ग्राफ्टेड पौधों का चुनाव और लागत

किसान त्रिलोचन महतो ने बताया कि उन्होंने अपने बगीचे के लिए कोलकाता से विशेष ग्राफ्टेड नींबू के पौधे मंगवाए थे। ग्राफ्टेड पौधों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये साधारण पौधों की तुलना में बहुत तेजी से विकसित होते हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरे बागान को तैयार करने में उन्होंने लगभग 50 नींबू के पेड़ लगाए हैं, जिनमें शुरुआत में करीब 15,000 रुपये की लागत आई थी। ग्राफ्टेड पौधों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये रोपण के महज 2 से 3 साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देते हैं।

सालाना 25,000 नींबू की बंपर पैदावार

अपनी सफलता साझा करते हुए त्रिलोचन महतो ने बताया कि उनके लगाए गए 50 पेड़ साल में दो बार फल देते हैं। इस शानदार पैदावार की बदौलत वे साल भर में करीब 25,000 नींबू उत्पादित कर लेते हैं। इन नींबूओं को बेचने के लिए वे नजदीकी पिंडरा जोड़ा बाजार का सहारा लेते हैं, जहां एक नींबू की कीमत बाजार में 2 रुपये तक मिल जाती है। इस प्रकार, केवल नींबू की बिक्री से ही उन्हें हर साल 50,000 रुपये तक की आमदनी आसानी से हो जाती है।

सही रखरखाव और भंडारण के टिप्स

नींबू की सफल खेती के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन के अलावा फसल की तुड़ाई, पैकिंग और भंडारण पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। नींबू को अगर लंबे समय तक सीधी धूप में रखा जाए, तो वे जल्द खराब होने लगते हैं। इसलिए तुड़ाई के तुरंत बाद इन्हें किसी ठंडी और छायादार जगह पर रखना ही उचित रहता है। यदि कोई अन्य किसान नींबू की खेती शुरू करना चाहता है, तो उसे शुरुआत के वर्षों में पौधों के रखरखाव और खरपतवार हटाने पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने सलाह दी कि व्यावसायिक स्तर पर सफलता पाने के लिए ग्राफ्टेड पौधों का ही चयन करें, क्योंकि इनमें फल जल्दी आते हैं और पैदावार भी अधिक होती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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