उपनाम: धान की खेती
धान की खेती: बालियां निकलते समय मंडरा रहा है इस बीमारी का खतरा, ऐसे करें बचाव
धान की फसल में बालियां निकलते समय कंडुआ रोग का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल की निगरानी और उचित प्रबंधन के साथ सही समय पर कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी है।
धान की खेती: कल्ले फूटने के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल, फसल की पैदावार में होगा इजाफा
सितंबर का महीना धान की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान पौधों में कल्ले विकसित होते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए पोटाश और संतुलित खाद के सही इस्तेमाल की सलाह दी है।
धान की फसल पर मंडराया ब्लास्ट बीमारी का खतरा, बदलता मौसम बन रहा है बड़ी मुसीबत
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और गिरते तापमान के बीच धान की फसल में ब्लास्ट रोग के लक्षण देखे जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने और समय रहते उचित उपचार अपनाने की सलाह दी है।
सितंबर में धान की रोपाई करने वाले किसान हो जाएं सावधान, ठंड से फसल बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह
पलामू में मानसून की देरी के कारण किसान सितंबर में धान की रोपाई कर रहे हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने बढ़ती ठंड से फसल को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर सचेत किया है।
धान की फसल बचाने के लिए क्या करें और क्या नहीं? अनुभवी किसान ने बताई खेती की बारीकियां
फरीदाबाद के एक अनुभवी किसान ने धान की खेती को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है, जिसमें खाद के संतुलित उपयोग और जल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। पिछले साल भारी नुकसान झेलने वाले किसान मांगेराम ने बताया कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां फसलों को तबाह होने से बचा स...
धान की रोपाई में देरी से हैं परेशान, तो अपनाएं ये 5 खास किस्में, कम समय में बंपर पैदावार
झारखंड में मानसून की बेरुखी के कारण धान की रोपाई पिछड़ गई थी, लेकिन अगस्त में हुई अच्छी बारिश के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कम अवधि वाली किस्मों के उपयोग की सलाह दी है।
धान की फसल पर मंडराया संकट: ये 3 खतरनाक बीमारियां कर सकती हैं भारी नुकसान, पहचानें लक्षण और अपनाएं उपाय
धान की फसल को ब्लास्ट, जीवाणु झुलसा और शीथ ब्लाइट जैसी बीमारियों से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और समय पर उपचार करने की सलाह दी है।
धान की खेती: गोभ की अवस्था में रखें इन बातों का ध्यान, दानों में आएगी चमक और बढ़ेगी पैदावार
धान की रोपाई के 30 से 40 दिन बाद फसल गोभ की नाजुक अवस्था में पहुंच जाती है, जहां सही पोषण और सही देखभाल से पैदावार को बेहतर बनाया जा सकता है।
धान की खेती में फिटकरी के कमाल: मिट्टी सुधारने से लेकर पैदावार बढ़ाने तक जानें 5 बड़े फायदे
धान की फसल को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए फिटकरी एक बेहतरीन देसी उपाय साबित हो रही है। किसान भाई इसे इस्तेमाल करके न केवल मिट्टी के पीएच लेवल को संतुलित कर सकते हैं, बल्कि हानिकारक कीटों से भी अपनी फसल को बचा सकते हैं।
धान की फसल में बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट का खतरा: ऐसे करें पहचान और बचाव
धान की रोपाई के बाद पौधों में होने वाली गलन और सूखने की समस्या को नजरअंदाज न करें। कृषि विशेषज्ञों ने इसे जीवाणु झुलसा रोग बताते हुए इसके शुरुआती लक्षणों और रोकथाम के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण सलाह दी है।
धान की खेती में देरी से हैं परेशान? तो खेत में उगाएं ये 4 खास मोटे अनाज, कम पानी में होगी मोटी कमाई
अगर आपने समय रहते धान की रोपाई नहीं की है, तो चिंता छोड़कर इन 4 मोटे अनाजों की खेती अपनाएं। कम पानी की खपत में ये फसलें किसानों को मालामाल कर सकती हैं।
धान की फसल में पत्तियों का पीला पड़ना हो सकता है खैरा रोग का संकेत, अपनाएं ये उपाय
धान की फसल में जिंक की कमी के चलते खैरा रोग लगने का खतरा बना रहता है, जिससे पौधे कमजोर होकर पीले पड़ जाते हैं। कृषि विशेषज्ञों की सलाह मानकर सही मात्रा में जिंक सल्फेट का छिड़काव कर आप अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं।
बासमती धान की फसल पर मंडराया कीटों का संकट, इन आसान उपायों से करें बचाव
पश्चिमी चंपारण में बासमती धान की फसल को तना छेदक और गंधी बग जैसे खतरनाक कीटों से भारी नुकसान का खतरा है। विशेषज्ञ फसल को सुरक्षित रखने के लिए जैविक कीटनाशकों और फेरोमोन ट्रैप के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं।
धान की फसल में पत्तियों का रंग बदलना है खतरे का संकेत, किसान इस तरह करें बचाव
अगस्त के महीने में धान की फसल में खरपतवार और जिंक की कमी से होने वाले खैरा रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना बहुत जरूरी है।
दरभंगा में धान की फसल पर मंडराया संकट, बौनापन रोग से 80 फीसदी तक पैदावार घटने का डर
दरभंगा के धान खेतों में पौधों के बौने रह जाने की समस्या देखी गई है, जो फसलों की पैदावार में 80 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट का कारण बन सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और सही पहचान कर तुरंत उपचार करने की सलाह दी है।