उपनाम: धान की खेती
धान की रोपाई से पहले करें यह जरूरी काम, खरपतवार की समस्या होगी 80% तक कम
बारिश का मौसम आते ही किसान धान की रोपाई की तैयारी में लग जाते हैं। रोपाई से 20-25 दिन पहले हल्की सिंचाई और कीचड़ वाली जुताई करने से खरपतवार की समस्या लगभग 80 प्रतिशत तक घटाई जा सकती है।
धान की खेती की तैयारी: रोपाई से पहले खेत कैसे करें तैयार, जानिए विशेषज्ञ की सलाह से मुनाफे का रास्ता
खरीफ सीजन से पहले धान की बेहतर पैदावार पाने के लिए कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेत की जुताई, हरी खाद और रोपा पद्धति अपनाने की सलाह दी है। समय रहती नर्सरी तैयार करने और जैविक उपायों से लागत घटने के साथ मिट्टी की ताकत भी बढ़ती है।
धान से चाहिए बंपर पैदावार? अपनाएं DSR तकनीक, कम लागत और कम पानी में मिलेगा तगड़ा मुनाफा
धान की पारंपरिक रोपाई के बजाय सीधी बुवाई यानी DSR तकनीक अपनाकर किसान कम पानी और कम लागत में अच्छी पैदावार ले सकते हैं, साथ ही गिरते भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलती है।
कम बारिश वाले इलाकों में अपनाएं धान की सीधी बुवाई, बचेगा पैसा, समय और मेहनत
धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) विधि कम बारिश वाले इलाकों के किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, इसमें पारंपरिक रोपनी की तुलना में लागत 40 फीसदी कम आती है और 30% तक पानी की बचत होती है।
धान की बुवाई से पहले खेतों की जुताई क्यों है बेहद जरूरी? जान लें ये अहम बात
नौतपा की तेज गर्मी खरीफ फसल की तैयारी के लिए सही समय है। इस दौरान खेतों की जुताई करने से खरपतवार और कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे आगे फसल को नुकसान कम होता है।
खैरा रोग से आधी हो सकती है धान की उपज, बुवाई से पहले अपनाएं जिंक सल्फेट वाला यह वैज्ञानिक उपाय
धान में जिंक की कमी से होने वाला खैरा रोग पैदावार को भारी नुकसान पहुंचाता है। रोपाई से पहले आखिरी जुताई के समय जिंक सल्फेट डालकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।