उपनाम: धान की खेती
धान की खेती: कम खर्च में फसल को सुरक्षित बनाने का जादुई तरीका, नर्सरी डालने से पहले अपनाएं ये उपाय
धान की नर्सरी तैयार करते समय बीजोपचार करना बेहद जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मामूली खर्च करके आप फफूंदजनित रोगों से फसल को बचा सकते हैं और पैदावार में बंपर बढ़ोतरी पा सकते हैं।
मानसून की देरी से चिंतित हैं किसान? धान के साथ अपनाएं ये खेती का तरीका, मुनाफा होगा पक्का
छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त चाल को देखते हुए विशेषज्ञ किसानों को कम अवधि वाली धान की किस्मों और साथ में दलहन-तिलहन उगाने की सलाह दे रहे हैं। यह तरीका न केवल जोखिम कम करेगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाएगा।
धान की बंपर पैदावार के लिए मौका, इस खास किस्म पर मिल रही है सरकार की ओर से भारी छूट
समस्तीपुर के किसानों के लिए राहत भरी खबर है, जहां हाइब्रिड धान बीज बायो सीड 799 पर सरकारी अनुदान दिया जा रहा है जिससे खेती की लागत कम होगी।
धान की रोपाई से पहले न करें ये चूक, छोटे पौधों को तेजी से बढ़ाने का आसान तरीका
अगर आपकी धान की नर्सरी में पौधों की लंबाई कम है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कृषि विशेषज्ञों ने छोटी पौध को पोषण देकर सही समय पर रोपाई के लिए तैयार करने के खास तरीके बताए हैं।
धान की खेती में अजोला का कमाल: यूरिया का 30 प्रतिशत खर्च घटेगा, पशुओं को मिलेगा पौष्टिक चारा
धान की खेती करने वाले किसानों के लिए अजोला एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल रासायनिक खाद पर होने वाले खर्च को कम करता है, बल्कि खरपतवार पर नियंत्रण पाने और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का काम भी करता है।
धान की नर्सरी में खरपतवार से हैं परेशान? गोंडा के किसान से जानिए इसे रोकने का अचूक तरीका
धान की नर्सरी में खरपतवार पौधों के पोषण में रुकावट बनते हैं। गोंडा के किसान हरिओम मिश्रा ने नर्सरी को सुरक्षित रखने और स्वस्थ पौध तैयार करने के आसान टिप्स साझा किए हैं।
धान की बंपर पैदावार के लिए अपनाएं यह खास तरीका, नर्सरी लगाने से पहले खेत की तैयारी ऐसे करें
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में धान की खेती की तैयारी कर रहे किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तरीके बताए हैं। सही जुताई और समतलीकरण से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि लागत में भी कमी आती है।
धान की खेती में कमाल करेगी सुपर सीडर मशीन, एक घंटे में एक एकड़ की बुवाई और लागत में भारी कटौती
धान की खेती के लिए सुपर सीडर मशीन किसी वरदान से कम नहीं है। यह नई तकनीक न केवल समय की बचत करती है, बल्कि किसानों के खर्च को भी आधा कर देती है।
SRI विधि: कम लागत में धान की बंपर पैदावार, महिला किसान Girija Devi ने पेश की नई मिसाल
उत्तर प्रदेश के गोंडा में महिला किसान Girija Devi ने धान की खेती के लिए SRI तकनीक अपनाकर खेती को लाभदायक बनाया है। इस विधि में कम बीज और कम पानी के इस्तेमाल से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा रहा है।
धान की रोपाई से पहले खेत की मेड़ों की सफाई क्यों है जरूरी? जानिए एक्सपर्ट सलाह
धान की रोपाई से पहले मेड़ों की सफाई न करना आपकी पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। जानिए कैसे खरपतवार और कीटों का सफाया करके आप अपनी पैदावार सुरक्षित रख सकते हैं।
बिलासपुर के किसान ने बताया घर के धान को उन्नत बीज बनाने का आसान और कम खर्च वाला तरीका
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक प्रगतिशील किसान जदूनंदन प्रसाद वर्मा ने घर में रखे धान को ही उच्च गुणवत्ता वाला और रोगमुक्त बीज बनाने की एक सरल विधि बताई है, जिससे किसानों को महंगे बीज नहीं खरीदने पड़ेंगे और उनकी पैदावार भी बढ़ेगी।
अल नीनो का खतरा धान पर भारी! इन 5 फसलों से होगी धान से दोगुनी कमाई, कम पानी में मिलेगा बंपर उत्पादन
इस बार अल नीनो के असर से ज्यादा पानी मांगने वाली धान की फसल पर संकट के आसार हैं। ऐसे में किसान रागी, कोदो, कुटकी, ज्वार और बाजरा जैसी कम पानी वाली फसलें अपनाकर ज्यादा एमएसपी और बेहतर मुनाफा पा सकते हैं।
महंगी यूरिया-डीएपी से मिलेगी राहत, धान बोने से पहले अपनाएं यह प्राकृतिक उपाय, और उपजाऊ होगी खेत की मिट्टी
धान की खेती में यूरिया और डीएपी की बढ़ती कीमत व किल्लत से जूझ रहे किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती और हरी खाद का सुझाव दिया है, जिससे लागत घटती है और पैदावार बेहतर होती है।
धान में DAP का खर्च घटेगा आधा! ₹50 किलो वाला यह आजमाया नुस्खा बढ़ाएगा पैदावार
धान की रोपाई में महंगी फास्फेटिक खाद का बड़ा हिस्सा मिट्टी में बेकार जम जाता है। पीएसबी बैक्टीरिया इस जमी हुई खाद को घोलकर पौधों तक पहुंचाता है और मात्र 500 रुपये के खर्च में हजारों की बचत कराता है।
खेत में जमा रहता है ज्यादा पानी? धान की यह किस्म बचाएगी फसल, जानें एक्सपर्ट की राय
छत्तीसगढ़ के जलभराव वाले निचले इलाकों के लिए कृषि विशेषज्ञ ए. आर. गौर ने किसानों को जलडुबी धान किस्म लगाने की सलाह दी है, जो अधिक पानी में भी अच्छी बढ़वार के साथ 150 से 155 दिनों में तैयार होकर 20-25 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन देती है।