उपनाम: धान की खेती
धान की बुआई से पहले अपनाएं यह देसी तरकीब, अच्छे और खराब बीजों की हो जाएगी पहचान
खरीफ सीजन में धान की बेहतर पैदावार के लिए विशेषज्ञ ने नमक के घोल से बीज छांटने का आसान और सस्ता तरीका बताया है, जो फसल को शुरुआती बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकता है।
धान की बंपर पैदावार का राज़! नर्सरी और खाद डालने का यह वैज्ञानिक तरीका जान लें किसान
धान की रोपाई, नर्सरी तैयारी और खाद-बीज के सही गणित पर कृषि विशेषज्ञों की राय। इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान लागत घटा सकते हैं और पैदावार दोगुनी तक बढ़ा सकते हैं।
धान से ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने बताए पैदावार बढ़ाने के नुस्खे
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान धान के साथ सोयाबीन उगाकर कम लागत में अच्छा मुनाफा पा सकते हैं। उन्नत किस्में करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती हैं और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज दे सकती हैं।
धान की बुआई से पहले अपनाएं ये देसी नुस्खा, आलू और अंडे से जानें बीज सही है या खराब
खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों ने धान के बीज को 17 प्रतिशत नमक के घोल से उपचारित करने का आसान देसी तरीका बताया है, जिसमें आलू या अंडे की मदद से घोल की सटीकता परखी जाती है।
धान की फसल का बड़ा दुश्मन तना छेदक, खेत में दिखते ही करें ये उपाय वरना उठाना पड़ेगा नुकसान
धान की खेती में तना छेदक कीट पौधे को अंदर से खाकर सुखा देता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फेरोमोन ट्रैप, ट्राइको कार्ड, नीम तेल का छिड़काव, लाइट ट्रैप और रोपाई से पहले पौध की कटिंग जैसे उपायों से इस पर असरदार नियंत्रण पाया जा सकता है।
यूरिया का खर्च आधा! धान के खेत में फैला दें अजोला की हरी चादर, बढ़ेगी पैदावार और घटेगा खरपतवार
धान के खेत में अजोला नाम का जलीय पौधा बिछाने से फसल को प्राकृतिक नाइट्रोजन मिलती है, जिससे यूरिया का खर्च आधा हो जाता है। यह पानी की सतह पर हरी चादर की तरह फैलकर खरपतवार रोकता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
धान की नर्सरी में अपनाएं ये खास तरीका, मजबूत पौध और बंपर पैदावार के साथ शानदार होगा बीजों का अंकुरण
खरीफ सीजन में धान की स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह — सही खाद, संतुलित नमी और समय पर खरपतवार नियंत्रण से बीजों का जमाव बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
धान की खेती हुई आसान: सीधी बुवाई करने वाली ये दो मशीनें घटाएंगी मजदूरी और बढ़ाएंगी मुनाफा
अब धान की खेती में नर्सरी, रोपाई और भारी मजदूरी की जरूरत घट रही है। सुपर सीडर और जीरो टिलेज सीड ड्रिल एक ही बार में बुवाई पूरी कर पानी, डीजल, समय और श्रम की बचत करा रही हैं।
40 नहीं पूरे 200 रुपये किलो! पलामू में इस खास चावल ने बदल दी किसानों की किस्मत
झारखंड के पलामू जिले में किसान काला नमक किरण धान की खेती अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं, जिसका सुगंधित चावल बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।
किसान ध्यान दें! पत्ती लपेटक कीट चट कर सकता है पूरा धान का खेत, अपनाएं 'लेफ्ट राइट' तकनीक
धान रोपाई के तुरंत बाद पत्ती लपेटक कीट पौधों की पत्तियों को खाकर उनकी बढ़त रोक देता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार रस्सी से लेफ्ट राइट तकनीक अपनाकर और खेत में पानी भरकर इस कीट पर काबू पाया जा सकता है।
छोटा कीट, बड़ा खतरा: पत्ता लपेटक ने धान की नर्सरी को बनाया निशाना, समय रहते अपनाएं ये उपाय
धान की नर्सरी तैयार होते ही पत्ता लपेटक (लीफ फोल्डर) कीट कोमल पत्तियों को मोड़कर उनके भीतर छिप जाता है और पौधों का हरा भाग चट कर जाता है। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक के अनुसार समय पर जैविक और रासायनिक उपाय अपनाकर पूरी पौध को बचाया जा सकता है।
धान की सीधी बुवाई: न रोपाई की मेहनत, न पानी की बर्बादी, किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
खरीफ सीजन में किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपना रहे हैं, जिससे पानी, लागत और मजदूरी में बचत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले सही बीज दर और बीज उपचार से उत्पादन बढ़ता है।
धान की उन्नत किस्में बदल सकती हैं किसानों की किस्मत, बुवाई से पहले जानें कृषि वैज्ञानिक की राय
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल धान की उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही बीज चयन और वैज्ञानिक खेती से कम लागत में बेहतर पैदावार प...
महीन हो या मोटा धान, ये किस्में देंगी बंपर पैदावार; जानिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालने का फायदा
खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान के लिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालना सबसे उपयुक्त माना जाता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार मिट्टी और जलभराव के हिसाब से सही किस्म चुनकर किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं।
धान की नर्सरी में पौधे पीले या बढ़वार रुकी? एक्सपर्ट का पक्का इलाज, मिलेगी बढ़िया पैदावार
धान की अच्छी पैदावार के लिए सही नर्सरी तैयार करना सबसे अहम है। जानिए वह वैज्ञानिक तरीका जिससे पौधों का पीलापन और रुकी हुई बढ़वार की समस्या दूर होगी और नर्सरी सिर्फ 21 दिनों में रोपाई के लिए तैयार हो जाएगी।