उपनाम: सफलता की कहानी
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
दो बच्चों की मां ने लिखी सफलता की इबारत, शादी के 9 साल बाद बनीं BTSC फार्मासिस्ट
मुजफ्फरपुर की प्रीति कुमारी ने घरेलू जिम्मेदारियों और नौकरी के साथ तालमेल बिठाकर पहले प्रयास में सरकारी नौकरी हासिल कर मिसाल पेश की है।
सफलता की कहानी: सेल्स मैनेजर की नौकरी छोड़कर संजीव बने खुद के मालिक, आज करोड़ों का है कारोबार
पूर्णिया के संजीव कुमार ने बीटेक और एमबीए की पढ़ाई के बाद कई शहरों में सेल्स मैनेजर के तौर पर काम किया, लेकिन उनका सपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का था। आज वे अपनी कंपनी के मालिक हैं और सालाना 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
IIT मुंबई की छात्रा ने खोला सफलता का राज, रांची की तमन्ना ने बताया कैसे क्रैक किया JEE
झारखंड के रांची की रहने वाली आईआईटी मुंबई की छात्रा तमन्ना ने अपनी JEE सफलता की कहानी और पढ़ाई की खास रणनीति साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतरता और क्वालिटी पर ध्यान देकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
छतरपुर और महोबा के गांवों में धूम मचा रहा 8वीं पास अशफाक का बिजनेस, मात्र 20 हजार रुपये से की थी शुरुआत
उत्तर प्रदेश के महोबा के रहने वाले अशफाक खान ने पढ़ाई छोड़कर सिर्फ 20 हजार रुपये की पूंजी से कपड़ों की फेरी लगाने का काम शुरू किया, जिससे वे आज आत्मनिर्भर बनकर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
मजदूरी से मैराथन तक: 7 साल की उम्र में अनाथ हुए मनीष की कहानी, अब स्पीति में 77 किमी की दौड़ के लिए तैयार
भोजपुर के रहने वाले मनीष कुमार ने बेहद कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद मजदूरी करके अपना जीवन गुजारा, लेकिन हार नहीं मानी। अब वह संघर्षों को पीछे छोड़ हिमाचल प्रदेश की कठिन 77 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा मैराथन में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
बेरोजगारी से तंग आकर शुरू किया मधुमक्खी पालन, आज हर साल 250 क्विंटल शहद का उत्पादन कर कमा रहे हैं लाखों
जहानाबाद के संतोष कुमार केसरी ने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी न मिलने पर मधुमक्खी पालन को अपना पेशा बनाया। आज वे सैकड़ों बॉक्स के जरिए भारी मात्रा में शहद उत्पादन कर रहे हैं और आत्मनिर्भर बन गए हैं।
बिना किसी कोचिंग के सागर के अनुज यादव बने सब इंस्पेक्टर, जानिए सिर्फ 15 दिनों में फिजिकल परीक्षा पास करने का सीक्रेट
सागर जिले के डूंगासरा गांव के 24 वर्षीय अनुज यादव ने बिना किसी महंगी कोचिंग के घर पर खुद से पढ़ाई कर सब इंस्पेक्टर परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल की है।
शादी के 7 महीने बाद ही आरा की शिवांगिनी बनीं अफसर, पहले प्रयास की विफलता को दूसरे में बदला कामयाबी में
भोजपुर जिले के आरा की शिवांगिनी सिंह ने 70वीं BPSC परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद हासिल किया है। शादी के महज सात महीने के भीतर मिली इस उपलब्धि ने उनके मायके और ससुराल, दोनों परिवारों का मान बढ़ा दिया है।
रांची की दो बहनों ने फैशन जगत में गाड़े झंडे: बुटीक के मुनाफे से बदल रहीं हजारों जरूरतमंदों की जिंदगी
रांची की रहने वाली दो बहनें, पर्सी और अंचल, अपने अनोखे फैशन कलेक्शन के जरिए पूरे भारत में मशहूर हो गई हैं। वे अपने बिजनेस से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा हेल्पज फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा और समाज सेवा में खर्च कर रही हैं।
वास्तु दोष दूर करने के लिए घर लाए थे गिर गाय, अब लाखों की कमाई कर रहे कृष्णा संघई
कोडरमा के आश्रम रोड पर स्थित एक अनूठी गौशाला ने सफलता की नई कहानी लिखी है, जहाँ वास्तु सुधार के लिए शुरू की गई पहल अब मुनाफे का बड़ा जरिया बन गई है।
सफलता की कहानी: घर-घर कपड़े बेचने वाली नेहा का 2 करोड़ का कारोबार, जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम
रांची की रहने वाली नेहा ने छोटे स्तर से शुरुआत कर आज एक बड़ी पहचान बनाई है। नेहा क्रिएशन के जरिए वह न केवल अपना व्यापार फैला रही हैं, बल्कि 70 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
मात्र 45 रुपये से शुरू किया था सफर, आज बालोद की शान है देवांगन चाट कॉर्नर
छत्तीसगढ़ के बालोद में एक छोटे से ठेले से शुरुआत करने वाले देवांगन चाट कॉर्नर ने अपनी मेहनत और स्वाद के दम पर सफलता की एक नई कहानी लिखी है। आज यह जगह अपने किफायती और लजीज व्यंजनों के लिए पूरे शहर में प्रसिद्ध है।
सपना देखा तो पूर्णिया के संजीव ने कर दिखाया कमाल: B.Tech-MBA के बाद छोड़ी सेल्स की नौकरी, आज हैं करोड़ों की कंपनी के मालिक
पूर्णिया के संजीव कुमार ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। आज वे बैद्यनाथ एक्वा प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक हैं और सालाना 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
लंदन से पढ़ाई और SDM की नौकरी को दी विदाई, आनंद सर के छात्र धनंजय ने शिक्षा के क्षेत्र में लिखी सफलता की नई इबारत
सुपर-30 के संस्थापक आनंद सर के होनहार शिष्य धनंजय कुमार ने प्रशासनिक सेवा की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा है। अब उनके द्वारा पढ़ाए गए कई छात्रों ने 70वीं BPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है।