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8 घंटे पहले
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विचारों
मछली पालन में लाया बदलाव
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के छोटे से गांव सेवड़िया के एक होनहार युवा आदित्य कुमार पंधरे ने अपनी बहन दीप्ति पंधरे के साथ मिलकर बिजनेस की दुनिया में एक मिसाल कायम की है। जबलपुर के फिशरीज कॉलेज से पढ़ाई करने वाले आदित्य ने मछली पालन और उससे जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में एक ऐसी राह चुनी है, जिसकी चर्चा आज हर जगह हो रही है। उन्होंने न केवल अपने लिए एक सफल स्टार्टअप खड़ा किया है, बल्कि मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को भी एक नई दिशा दिखाई है।
समस्या का निकाला समाधान
आदित्य ने बताया कि मध्य प्रदेश में मछली पालन का काम तो काफी तेजी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसके साथ एक बड़ी चुनौती यह थी कि कोल्ड स्टोरेज और सही इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण मछलियां पकड़ने के महज 8 से 10 घंटे के भीतर ही खराब होने लगती थीं। इस बर्बादी को रोकने के लिए आदित्य और दीप्ति ने 'वैल्यू एडिशन' का अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने मछलियों को सीधा बेचने के बजाय उनसे तैयार होने वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया।
तैयार कर रहे हैं 'रेडी टू ईट' प्रोडक्ट्स
आज इस स्टार्टअप के जरिए फिश चिप्स, फिश फिंगर, प्रॉन फिंगर, फिश ट्रेंगल और लेमन मसाला भेल जैसे लजीज 'रेडी टू ईट' आइटम तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की खास बात यह है कि इन्हें काफी हाइजीनिक तरीके से एक मिनी प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार किया जाता है। ग्राहकों को अपनी पसंद के उत्पाद वेबसाइट के माध्यम से ऑर्डर करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे उन्हें घर बैठे ही बेहतरीन गुणवत्ता वाली चीजें मिल जाती हैं।
सफलता के आंकड़े और टर्नओवर
अपनी कड़ी मेहनत और दूरदर्शी सोच के दम पर इस भाई-बहन की जोड़ी ने अपने स्टार्टअप को काफी कम समय में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आदित्य कुमार पंधरे और उनकी बहन दीप्ति पंधरे द्वारा संचालित यह बिजनेस लगातार तरक्की की ओर अग्रसर है। अगर बीते वित्तीय वर्ष की बात करें, तो इस स्टार्टअप ने 11 लाख रुपये का शानदार टर्नओवर दर्ज किया है। आज यह स्टार्टअप अपने अनोखे अचार और फिश प्रोडक्ट्स की वैरायटी के लिए काफी लोकप्रिय हो रहा है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही सोच और तकनीक के इस्तेमाल से छोटे स्तर के काम को भी एक बड़े बिजनेस में बदला जा सकता है।
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