उपनाम: सफलता की कहानी
सफलता की कहानी: एग्री बिजनेस मैनेजमेंट में करियर की नई उड़ान, समस्तीपुर के साहिल की कामयाबी से मिली प्रेरणा
उड़ीसा के कटक से आए साहिल महापात्र ने समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से एमबीए पूरा करने के बाद अपनी मेहनत से कैंपस प्लेसमेंट में 6 लाख रुपये का सालाना पैकेज हासिल किया है।
जहानाबाद के सीताराम यादव: 70 साल की उम्र में बिना कपड़ों के खेत में बहाते हैं पसीना, खुद के हैं 2 ट्रैक्टर
बिहार के जहानाबाद में 70 वर्षीय किसान सीताराम यादव अपनी कड़ी मेहनत और सादगी से मिसाल पेश कर रहे हैं। वे दिन के 16 से 18 घंटे खेतों में काम करते हैं और अपनी मेहनत के दम पर 25 बीघा जमीन पर खेती कर रहे हैं।
रांची की ईशा की सफलता की कहानी: कोविड के दौरान शुरू किया मसाला और इंस्टेंट मिक्स का काम, अब दे रही हैं 15 लोगों को रोजगार
रांची की ईशा ने कोविड काल में घर से मसालों और इंस्टेंट मिक्स का कारोबार शुरू किया था, जो आज एक सफल ब्रांड बन चुका है। अपनी मेहनत और शुद्धता के दम पर उन्होंने न केवल एक हजार से ज्यादा स्थायी ग्राहक बनाए हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन...
रांची: प्रीति ने साड़ी कारोबार में रचा इतिहास, मात्र 350 रुपये से शुरू है कलेक्शन
रांची की रहने वाली प्रीति ने साड़ी के व्यवसाय में एक मिसाल कायम की है, जहां वे बेहद किफायती दामों पर साड़ियां उपलब्ध कराकर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।
रायपुर में ₹20 के नाश्ते का कमाल, कोरोना की मार झेलने के बाद नारायण स्वामी ने खड़ी की सफलता की इबारत
कोरोना महामारी के दौरान व्यापार ठप होने से जूझ रहे एक व्यवसायी ने रायपुर में साउथ इंडियन व्यंजनों के दम पर शानदार वापसी की है। आज मात्र ₹20 से शुरू होने वाले उनके नाश्ते के स्वाद के लिए ग्राहकों की लंबी कतारें लगती हैं।
देहरादून की काजल सैनी की सफलता की कहानी, शादी के बाद शौक बना कमाई का जरिया
देहरादून निवासी काजल सैनी ने शादी और गृहस्थी की जिम्मेदारियां निभाने के बाद अपने बचपन के शौक लिप्पन आर्ट को व्यवसाय में बदला है। आज वह हस्तकला के जरिए घर बैठे आत्मनिर्भर बनी हैं।
रांची में धोनी की कॉलोनी से नैना की अनोखी कामयाबी, आधा दाम पर देती हैं डिजाइनर कपड़े
रांची की मेकॉन कॉलोनी में रहने वाली नैना ने अपने घर से ही फैशन का सफर शुरू किया है। वे बाजार से काफी सस्ते दाम पर उच्च गुणवत्ता वाले डिजाइनर सूट और साड़ियां बेचकर दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं।
रांची की नर्मदा का कमाल: नमकीन के बिजनेस से खड़ा किया 20 लाख का साम्राज्य, 90 तरह की वैरायटी से देशभर में है पहचान
झारखंड की राजधानी रांची की 62 वर्षीय नर्मदा आज एक सफल उद्यमी हैं, जो अपने ब्रांड 'रियान' के जरिए 90 तरह की नमकीन और 20 प्रकार के पापड़ बनाकर देश के 10 से ज्यादा राज्यों में सप्लाई कर रही हैं।
अरवल के रजनीश ने रची कामयाबी की दास्तान, खानदान का पहला डॉक्टर बनकर बदली तकदीर
बिहार के अरवल जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले रजनीश राज ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर NEET परीक्षा पास की है। वह अपने पूरे परिवार के पहले सदस्य हैं जो मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं और समाज सेवा के सपने को साकार करना चाहते हैं।
पिता की खेती संवारने का था सपना, किस्मत ने कृषि वैज्ञानिक बनाकर बदल दी हजारों किसानों की तकदीर
उत्तर प्रदेश के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले डॉ. देवेंद्र कुमार ने कृषि वैज्ञानिक के रूप में लगभग 40 साल तक किसानों की सेवा की और हाल ही में पूसा विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं।
अगरबत्ती बनाने का काम छोड़ शुरू किया नाश्ते का स्टॉल, आज रायपुर में स्वाद के लिए मशहूर है साहू नाश्ता सेंटर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भांठागांव नाका चौक पर स्थित साहू नाश्ता सेंटर अपने बेहतरीन स्वाद और किफायती दामों के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। कभी अगरबत्ती बनाने का काम करने वाले सालिक राम साहू ने आज अपनी मेहनत से खानपान के इस कारोबार में एक खास...
वकालत का पेशा छोड़कर बने IAS अधिकारी, बालाघाट से छतरपुर ट्रांसफर के बाद मृणाल मीना ने साझा की सफलता की कहानी
राजस्थान के रहने वाले 2015 बैच के आईएएस अधिकारी मृणाल मीना ने अपनी तैयारी के दौरान के अनुभवों को साझा किया है। लॉ की पढ़ाई से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर आज के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
जहानाबाद के सब्जी विक्रेता का बेटा बना डॉक्टर, NEET की परीक्षा में लहराया सफलता का परचम
जहानाबाद के जाफरगंज के रहने वाले मो. इश्तियाक ने आर्थिक तंगहाली और संघर्षों को मात देकर NEET 2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है। सब्जी बेचकर परिवार की मदद करने वाले इश्तियाक अब MBBS की पढ़ाई कर समाज की सेवा करेंगे।
सफलता की प्रेरणादायक कहानी: खेती में लौटने के डर ने कैसे एक छात्र को बना दिया बड़ा अफसर
बालोद जिले में पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. डीके सिहारे की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। अंग्रेजी की बाधाओं और कॉलेज में असफलता के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे हजारों किसानों की तकदीर बदल रहे हैं।
सफलता की कहानी: सरगुजा के किसान ने मिश्रित खेती से 60 दिन में मिर्च बेचकर कमाए 40 हजार रुपये
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक युवा किसान ने सवा दो एकड़ भूमि पर मिश्रित खेती का ऐसा मॉडल अपनाया है कि उन्होंने मिर्च की फसल से ही अपनी लागत निकालकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है। फलदार पेड़ों के बीच नकदी फसल उगाकर वे अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण बन गए है...