उपनाम: सफलता की कहानी
इलाज के पैसे नहीं थे, छोटे-मोटे काम करके गुजारा करते थे ये मशहूर सिंगर; आज है करोड़ों की संपत्ति के मालिक
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वे कभी भारी आर्थिक तंगी और गरीबी के बीच पले-बढ़े थे। आज दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाले दिलजीत के लिए एक समय डॉक्टर की फीस चुकाना भी मुश्किल था।
मजदूरी से लखपति तक का सफर: बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने ऐसे बदली अपनी और गांव की तकदीर
कभी दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत बदल ली है। आज वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी हैं।
डॉक्टर्स डे स्पेशल: बाड़मेर के किसान का बेटा बना न्यूरो सर्जन, गांव की बदहाली को देख लिया डॉक्टर बनने का संकल्प
बाड़मेर के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले डॉ. मनोहर बालाच ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए न्यूरो सर्जन बनने का सफर पूरा किया है। अब वे अपने गृह जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने के सपने के साथ काम कर रहे हैं।
राजमिस्त्री का काम करने वाले छपरा के आनंद कुमार की बदली किस्मत, Dream11 में जीते 1 करोड़
बिहार के सारण जिले के आनंद कुमार ने Dream11 पर बड़ी जीत हासिल कर अपनी आर्थिक स्थिति बदल ली है। मेहनत मजदूरी करने वाले आनंद ने जीती हुई राशि का उपयोग अपना घर बनाने और परिवार को बेहतर जीवन देने में किया है।
BSc Agriculture की डिग्री धरी रह गई, नौकरी छोड़ शुरू की जैविक गन्ने की खेती और कमा रहे हैं मोटा मुनाफा
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले युवा किसान हरिओम मिश्रा ने कृषि विज्ञान में पढ़ाई करने के बाद पारंपरिक नौकरी के बजाय खेती में अपनी किस्मत आजमाई। आज वे 3 एकड़ जमीन पर जैविक तरीके से गन्ने की खेती कर रहे हैं और लाखों रुपये की कमाई कर अन्य किसानों के ल...
बीकानेर की सास-बहू ने पेश की मिसाल, रसोई से शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर
बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कोरोना काल में शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज शहर में गुजराती व्यंजनों की खास पसंद बन गया है।
बोकारो के दीपक प्रसाद ने रचा इतिहास, रेलवे की नौकरी के साथ चौथे प्रयास में बने एसडीएम
बोकारो के दीपक प्रसाद ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के तौर पर कार्यरत दीपक ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से एसडीएम पद तक का सफर तय किया।
बिना कोचिंग पास की बीपीएससी की कठिन परीक्षा: अमित प्रकाश की सफलता का अनूठा फॉर्मूला
कोडरमा के अमित प्रकाश ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद पाया है। उन्होंने घर पर रहकर और डिजिटल तकनीक की मदद से यह उपलब्धि हासिल की।
पिता की विरासत को अमित ने दी नई पहचान, 9 एकड़ के दशहरी आम के बाग से कर रहे हैं लाखों की कमाई
अमित वर्मा ने अपने पिता के दशहरी आम के बाग की जिम्मेदारी संभालकर उसे मुनाफे का जरिया बना लिया है। आधुनिक तकनीकों और मेहनत के दम पर आज वे हर सीजन में लाखों रुपये कमा रहे हैं।
मजदूरी से शुरुआत और सालाना 12 लाख की कमाई, अखिलेश यादव की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
कभी दूसरों के यहाँ मजदूरी करने वाले अखिलेश यादव ने मधुमक्खी पालन के जरिए अपनी तकदीर बदल ली है। आज वे न केवल खुद लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के रास्ते खोल रहे हैं।
आगरा की बेटी का कमाल: 250 वर्ग फुट की दुकान से खड़ा किया 180 आउटलेट्स का विशाल साम्राज्य
आगरा की रहने वाली नीलम सिंह ने अपनी बचत से 'द बर्गर कंपनी' की शुरुआत की और आज बिना किसी बाहरी फंडिंग के इसे 180 से अधिक स्टोर्स तक पहुँचा दिया है।
सिर्फ 6 महीने की उम्र में गंवा दिए दोनों पैर, फिर भी बहराइच के नसीम ने नहीं मानी हार
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले नसीम ने शारीरिक विकलांगता को मात देते हुए संघर्ष भरी जिंदगी को एक नई दिशा दी है। आज वे जोमैटो में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर अपना पेट पाल रहे हैं और शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
खंडवा के शुभम की सफलता की कहानी: उधार के पैसों से शुरू किया काम, आज 14 लोगों को दे रहे रोजगार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के निवासी शुभम पटेल ने 12वीं के बाद नौकरी की तलाश में समय बर्बाद करने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय चुना। आज वे अपने भोजनालय के जरिए न केवल लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि 14 लोगों को आजीविका भी दे रहे हैं।
मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास: बीपीएससी परीक्षा पास कर बने एसडीएम, गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले धीरज कुमार ने कड़ी मेहनत से बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है। एसडीएम के पद पर चयनित होने के बाद जब वे अपने गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
कोरोना काल में नौकरी से हाथ धोना बना वरदान, चिया की खेती से किसान अब कमा रहे हैं लाखों
राजस्थान के नागौर जिले के एक किसान ने कोरोना महामारी के दौरान अपनी नौकरी खोने के बाद खेती का रुख किया और आज चिया सीड्स उगाकर सालाना 40 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।