उपनाम: सफलता की कहानी
REET लेवल-1 में मजदूर के बेटे हंसराज पुरी ने मारी बाजी, की-पैड फोन से पढ़कर बने राजस्थान टॉपर
बाड़मेर के देवका गांव के हंसराज पुरी गोस्वामी ने पहले ही प्रयास में REET लेवल-1 परीक्षा में 300 में से 243 अंक हासिल कर पूरे राजस्थान में पहली रैंक पाई। 14 महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बनाकर उन्होंने सिर्फ की-पैड फोन के सहारे रोजाना 12 घंटे पढ़ाई की।
घर-आंगन से शुरू हुई पहल बनी देशव्यापी पहचान; सीकर की संतोष पचार गाजर के बीज से कर रहीं 35 लाख की कमाई
सीकर के झींगर बड़ी गांव की महिला किसान संतोष पचार 13 बीघा खेत में जैविक विधि से लाल और काली गाजर के उन्नत बीज तैयार कर हर साल 35 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रही हैं। उनके बीजों की मांग देश के 15 राज्यों में है और उन्हें दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चु...
कभी ठेले पर बांस का सामान बेचते थे, अब 3 करोड़ का कारोबार—पूर्णिया के मां-बेटे की अनूठी दास्तां
पूर्णिया की आशा अनुरागिनी और उनके बेटे सत्यम सुंदरम ने महज 15 हजार रुपये से बांस के पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का कारोबार शुरू किया और आज उनका सालाना टर्नओवर करीब 3 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
पिता के साबुन कारोबार को नई पहचान, 14.45 लाख का लोन लेकर गिरीश ने शुरू की उड़ान, अब खड़ा किया 1.5 करोड़ का डिटर्जेंट ब्रांड
बाड़मेर के रामसर निवासी युवा उद्यमी गिरीश खत्री ने 14.45 लाख रुपये का लोन लेकर पिता के साबुन व्यवसाय को आधुनिक डिटर्जेंट ब्रांड में बदल दिया, जिसकी यूनिट से रोजाना करीब 2 टन उत्पाद की बिक्री हो रही है।
झंझारपुर के गौतम कुमार झा बने नौसेना अधिकारी, एक ही परिवार के दो बेटे देशसेवा में तैनात
मधुबनी जिले के झंझारपुर निवासी गौतम कुमार झा भारतीय नौसेना में अधिकारी बने हैं, जबकि उनके बड़े भाई पहले से ही भारतीय रक्षा सेवा में कार्यरत हैं।
विदेश में मजदूरी करते थे सुमन, प्रशिक्षण लेकर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 10 हजार मुर्गों से कमा रहे लाखों
कोडरमा के सुमन लाल मेहता कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी करते थे, पर आमदनी इतनी कम थी कि घर चलाना मुश्किल था। गांव लौटकर प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मुर्गा पालन शुरू किया और अब हर महीने करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं।
32 लाख गंवाकर एक-एक रुपये को मोहताज हुए रांची के संजीत, आज करोड़ों का कारोबार और 50 लोगों को रोजगार
कोरोना काल में 32 लाख रुपये डूबने के बाद रांची के संजीत ने लोन लेकर संजीत एवियशन एकेडमी और एक होम डेकोर कंपनी खड़ी की। आज उनका सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये में है और उनके साथ 50 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं।
एक गाय से शुरू हुआ सफर, आज 300 पशुओं वाली डेयरी और हर साल करोड़ों की कमाई — दरियाबेन की प्रेरक कहानी
गुजरात के बनासकांठा की दरियाबेन राजपूत ने मामूली शुरुआत से डेयरी कारोबार खड़ा किया और आज उनके पास 300 से ज्यादा मवेशी हैं। हर दिन करीब 1,000 लीटर दूध की सप्लाई के साथ उनकी सालाना कमाई 1.85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
साइकिल से कार तक का सफर: मुद्रा योजना ने बदली धनेश्वर की किस्मत, तीन बेटियों की शादी से कारोबार तक नई पहचान
हजारीबाग के पकरार गांव के धनेश्वर साव ने 2017 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5 लाख रुपए का ऋण लेकर अपने छोटे कारोबार को नई ऊंचाई दी। आज वे तीन दुकानों के मालिक हैं और पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
मोदी सरकार की किस योजना ने बदल दी रेहड़ी-पटरी वाले की किस्मत? पढ़ें सफलता की कहानी
करनाल के पिज्जा स्टॉल संचालक मंदीप तनेजा ने पीएम स्वनिधि योजना को 'डूबते को तिनके का सहारा' बताया, जिसके तहत मिले ऋण से उन्होंने अपने रुके हुए कारोबार को नई ऊंचाई दी।
एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम, सीधी के किसान विपिन सिंह की मेहनत देख वैज्ञानिक भी दंग
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के विपिन सिंह ने ग्राफ्टिंग और क्रॉस ब्रीडिंग से एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम उगा दिए हैं। 75 डिसमिल जमीन पर तैयार उनके अनोखे बगीचे ने उन्हें इलाके में 'मैंगो मैन' की पहचान दिला दी है।
भोजपुर की एकेडमी का कमाल, बिहार पुलिस में एक साथ 60 युवाओं का चयन, 10 बेटियां भी बनीं सिपाही
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में भोजपुर की हिंदुस्तान फिजिकल एकेडमी से 60 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 50 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं। इस सफलता ने पूरे जिले का गौरव बढ़ा दिया है।
B.Tech की डिग्री और नौकरी छोड़कर लौटे गांव, बैंगन की खेती से गोंडा के तरुण कुमार कमा रहे लाखों
गोंडा के तरुण कुमार तिवारी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई और निजी नौकरी छोड़कर खेती को करियर बनाया और आज लगभग एक बीघा में आधुनिक तरीके से बैंगन उगाकर लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।
डिजाइनिंग के शौक से बदली किस्मत, हर महीने हजारों रुपये कमा रही हैं यह महिला
रांची की प्रीति ने बचपन के डिजाइनिंग शौक को कारोबार में बदला और गुल्लक की बचत से हैंडबैग बनाने का काम शुरू कर आज हर महीने हजारों रुपये कमा रही हैं।
11वीं में फेल होने पर उड़ता था मजाक, मेहनत ने पलटी किस्मत और बन गए सऊदी कंपनी के डायरेक्टर
बुरहानपुर के जगदीश कुमार शाह 11वीं में फेल होने के बाद तानों के बावजूद नहीं रुके और आज सऊदी अरब की एक बड़ी कंपनी में डायरेक्टर हैं, जहां उनके नेतृत्व में 200 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।