उपनाम: सफलता की कहानी
UPTET 2026: मिर्जापुर के 5 सगे भाइयों ने एक साथ पास की परीक्षा, जानें किसे मिले कितने अंक
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक ही परिवार के पांच भाइयों ने उच्च प्राथमिक स्तर की UPTET 2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है, जिसमें रोहित कुमार पांडेय सर्वाधिक अंकों के साथ शीर्ष पर रहे।
बीकॉम करने के बाद नहीं ढूंढी नौकरी, बुरहानपुर के 25 साल के नितेश का 'सीजनल फॉर्मूला' बना सफलता की कुंजी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले नितेश भगत ने पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागने के बजाय मौसमी व्यापार को चुना, जिससे वे सालभर कमाई कर रहे हैं।
कोटा की प्रेरणादायक कहानी: मजदूरी छोड़ राहुल ने अपनाया गुब्बारे बेचने का काम, सरकारी नौकरी को दी टक्कर
कोटा के नांता निवासी राहुल ने महज 5 गुब्बारों से अपने बिजनेस की शुरुआत की और आज वे अपनी मेहनत से हर महीने 30 से 35 हजार रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।
सड़क पर झाड़ू और हाथ में Fortuner की चाबी, ये है फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले सेसप्पा की अनूठी कहानी
कर्नाटक के सेसप्पा की जिंदगी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है, जिन्होंने गरीबी की मार और पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे न होने का दर्द झेलने के बाद कड़ी मेहनत से अपनी किस्मत बदली है। आज वह लाखों की Fortuner गाड़ी से काम पर आते हैं और बेहद गर्व के स...
मजदूरी से सिंगापुर तक का सफर: 300 रुपये रोज कमाने वाले रामथुल्ला ने ठुकराया 15 लाख का पैकेज
कभी दिहाड़ी मजदूरी करके प्रतिदिन 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने अपनी मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आज सिंगापुर की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।
मछली के कारोबार में भाई-बहन की कमाल की पहल, स्टार्टअप से कमा रहे लाखों का मुनाफा
मंडला जिले के एक युवा ने अपनी बहन के साथ मिलकर मछली के उत्पादों का अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है, जिसके जरिए वे अब घर बैठे लाखों का कारोबार कर रहे हैं।
भाई की सलाह से बदली तकदीर: केले के रेशे से तैयार उत्पादों ने मनीषा को बनाया लखपति दीदी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक महिला ने केले के बेकार तनों से बेहतरीन उत्पाद बनाकर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी आय का जरिया खोल दिया है।
नानी का तोहफा बना कामयाबी की कुंजी: दो भैंसों से शुरू की डेयरी, आज बन गए सफल उद्यमी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक पशुपालक ने अपनी नानी से मिली दो भैंसों के साथ डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज मेहनत के दम पर एक सफल व्यापार बन चुका है।
मात्र 7000 रुपये से खड़ा किया शानदार कारोबार, बालोद के इस ठेले के जायके के दीवाने हैं लोग
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लेशकुमार साहू का छोटा सा ठेला 'गंगा मईया भेल कॉर्नर' अपने खास मिर्ची भजिया और मुंगेड़ी के लिए मशहूर हो गया है। महज 7000 रुपये की शुरुआती लागत से शुरू हुआ यह काम आज उन्हें प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई करा रहा है।
भोजपुर के लाल ने बढ़ाया मान, इसरो में वैज्ञानिक बनकर लवकुश ने रचा इतिहास
बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले लवकुश प्रसाद ने इसरो की वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 15वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।
MBA के बाद खेती का अनोखा रास्ता: यूट्यूब से सीखकर सागर कर रहे हैं ड्रैगन फ्रूट की बंपर कमाई
पलवल के रहने वाले सागर ने अपनी पढ़ाई और नौकरी के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती को अपनाया है। उन्होंने यूट्यूब की मदद से इस कृषि तकनीक को सीखा और अब वे सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।
सफलता की कहानी: पिता की दर्जी की दुकान और मां आंगनबाड़ी सहायक, बेटी विनीता ने पास की गेट परीक्षा, अब IIT मंडी में करेंगी शोध
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बेटी विनीता कौंडल ने तमाम आर्थिक कठिनाइयों को मात देते हुए राष्ट्रीय स्तर की GATE-XL परीक्षा पास की है और अब वह IIT मंडी से एमटेक करेंगी।
NEET में AIR 35 हासिल करने के बाद भी सब्यसाची लस्कर ने ठुकराई MBBS की सीट, AIIMS दिल्ली के बजाय चुना IIT खड़गपुर
पश्चिम बंगाल के टॉपर सब्यसाची लस्कर ने NEET UG में 35वीं रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया, जब उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़कर IIT खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने का फैसला किया।
आईआईटी बॉम्बे के योगेश साहू ने कैसे ठुकराया 18 लाख का पैकेज और KBC में जीते 50 लाख, जानिए आईएएस बनने के उनके सपने की पूरी कहानी
छत्तीसगढ़ के एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले योगेश साहू ने अपनी मेहनत के दम पर न केवल आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई पूरी की, बल्कि देश के सबसे लोकप्रिय क्विज शो केबीसी 18 में 50 लाख रुपये की बड़ी रकम भी जीती। आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को सच करने...
रांची का अम्बर: एक कमरे से शुरू हुआ कारोबार, 70 साल बाद भी कायम है स्वाद का जलवा
झारखंड की राजधानी रांची का मशहूर अम्बर ब्रांड पिछले सात दशकों से नमकीन और स्नैक्स के बाजार में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। अभिषेक द्वारा संचालित यह कारोबार आज सालाना 20 लाख रुपये तक का टर्नओवर हासिल कर चुका है।