उपनाम: सफलता की कहानी
मुरादाबाद: शहद की खेती से किसान कैलाश कुमार ने बदली अपनी किस्मत, लाखों की कर रहे कमाई
मुरादाबाद जिले के एक प्रगतिशील किसान कैलाश कुमार पारंपरिक खेती को छोड़ शहद के उत्पादन से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं। वे एफपीओ के जरिए न केवल खुद कमाई कर रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
सुल्तानपुर की बेटी आर्या कसौधन का कमाल, पेंटिंग की कला से कमा रही हैं नाम और दाम
सुल्तानपुर की रहने वाली आर्या कसौधन ने अपनी बहन से प्रेरित होकर चित्रकारी के क्षेत्र में बड़ा नाम बनाया है। आज वह ऑनलाइन पेंटिंग्स बेचकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं।
BPSC 70वीं परीक्षा परिणाम: छपरा के लाल शशांक गौरव ने रचा इतिहास, CAPF असिस्टेंट कमांडेंट के बाद अब बने SDM
बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में छपरा के शशांक गौरव ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इससे पहले वे 2025 में CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित हो चुके हैं।
BPSC Result: पहले ही प्रयास में दरभंगा की प्रिया का कमाल, हासिल की 10वीं रैंक
बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं परीक्षा में दरभंगा की रहने वाली प्रिया ने 10वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग को दिया है।
मुंगेर के सिपाही ने दिन-रात एक कर पास की BPSC परीक्षा, संघर्ष भरी कहानी बनी मिसाल
बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात अमृत कुमार ने ड्यूटी के साथ पढ़ाई करते हुए 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने ओबीसी श्रेणी में 350वीं रैंक प्राप्त कर साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रामपुर: एमएससी पास युवा ने लौकी की खेती से कमाया बंपर मुनाफा, नौकरी के साथ कर रहे हैं यह कमाल
रामपुर के रहने वाले एमएससी हॉर्टिकल्चर पास अब्दुल्ला ने वैज्ञानिक तरीके से लौकी की खेती कर मिसाल पेश की है। वे मचान विधि अपनाकर प्रति बीघा 60 क्विंटल उत्पादन और 80 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
BPSC इंटरव्यू में अंचल कार्यालय पर पूछा गया पेचीदा सवाल, सचिन ने ऐसे दी मात और बने SDM
जमुई के रहने वाले सचिन ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 104वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है। इंटरव्यू के दौरान उनसे अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक कठिन सवाल पूछा गया था।
लकवे से हारी नहीं हिम्मत, 5000 रुपये और एक छतरी से खड़ा किया फूड बिजनेस
शिवपुरी की वीना चतुर्वेदी ने लकवे जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर महज 5,000 रुपये के निवेश से अपना फूड एंपायर खड़ा कर दिया है। आज वह और उनका बेटा अपने स्टॉल से रोजाना हजारों की कमाई कर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
सफलता की कहानी: जोखिम उठाकर हल्दी की खेती शुरू करने वाले त्रिलोक पाटिल की बदल गई किस्मत
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के एक किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर हल्दी उत्पादन में कदम रखा और आज वे सालाना लाखों की कमाई कर रहे हैं।
सफलता की कहानी: जोबनेर के मानव कुमावत बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
जयपुर के जोबनेर के मानव कुमावत ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने सपने को साकार किया है। एनडीए और आईएमए से प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली पोस्टिंग जैसलमेर में हुई है।
पालतू कुत्ते के लिए खरीदी एक गाय, अब 90 लाख सालाना टर्नओवर वाली डेयरी के मालिक हैं इंजीनियर रवि भारती
पलामू के इंजीनियर रवि भारती ने अपने पालतू कुत्ते के लिए 18 हजार रुपये में एक गाय खरीदी थी, जो आज सालाना 80 से 90 लाख रुपये टर्नओवर वाले डेयरी कारोबार में बदल चुकी है और इससे करीब 20 लोगों को रोजगार मिला है।
पोलियो को हराकर सावन ने रचा इतिहास, JEE Advanced की PwD श्रेणी में पाई AIR-22
समस्तीपुर के विभूतिपुर गांव के सावन कुमार ने दोनों पैरों में करीब 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद JEE Advanced में दिव्यांग (PwD) श्रेणी में अखिल भारतीय रैंक 22 हासिल की है। एक साधारण किसान परिवार से निकले सावन की यह उपलब्धि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन...
पिता की कारीगरी को बनाया पूंजी, मुरादाबाद के गुलनवाज ने 25 हजार से खड़ा किया लाखों का कारोबार, महानगरों तक फैली मांग
मुरादाबाद के युवा पीतल कारोबारी गुलनवाज ने महज 25 हजार रुपये की पूंजी और पिता से मिले हुनर के बल पर 10 साल में 15 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाला कारोबार खड़ा कर दिया है। उनके होम डेकोरेशन उत्पादों की मांग बड़े महानगरों में लगातार बढ़ रही है।
रोज सुबह 5 बजे जागकर 10 घंटे पढ़ाई, 19 साल के ओवैस ने IIT मुंबई में जगह बनाकर रच दिया इतिहास
उमरिया के 19 वर्षीय ओवैस मंसूरी ने चार साल की लगातार मेहनत और रोजाना 8 से 10 घंटे की सेल्फ स्टडी के दम पर जेईई मेंस में 1856 रैंक हासिल कर IIT मुंबई में दाखिला पाया है। पिछले साल चयन के बावजूद उन्होंने अपने सपने के लिए एक साल का ड्रॉप लिया था।
वेल्डर की नौकरी से करोड़पति तक: स्पेसएक्स के IPO ने बदल दी जुआन हर्नांडेज की किस्मत
अमेरिका में रहने वाले जुआन हर्नांडेज ने करीब 10 साल पहले स्पेसएक्स में वेल्डर के तौर पर काम शुरू किया था और वेतन के साथ मिले शेयरों ने आज उन्हें करोड़पति बना दिया है। कंपनी के ऐतिहासिक आईपीओ के बाद उनके पास मौजूद शेयरों की कीमत 10 लाख डॉलर से अधिक हो गई।