हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की विनीता कौंडल ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी परिस्थिति आपकी राह का रोड़ा नहीं बन सकती। एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली विनीता ने अपनी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा पास की है और अब वह देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक, IIT मंडी में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करेंगी। उनकी इस सफलता ने पूरे क्षेत्र और उनके गांव के लोगों को गौरवान्वित किया है।
सीमित संसाधनों के बीच बुने सफलता के सपने
विनीता की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि उनका परिवार एक बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से आता है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के अंतर्गत आने वाले धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील मंडप के टौर जाजर गांव की रहने वाली विनीता के घर की माली हालत बहुत मजबूत नहीं रही है। विनीता के पिता खेम चंद मंडप में ही एक छोटी सी टेलर यानी दर्जी की दुकान चलाते हैं। वहीं उनकी माता गीता देवी आंगनबाड़ी में एक सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। इन सीमित संसाधनों के बावजूद, माता-पिता ने अपनी बेटी की पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। विनीता ने भी अपने माता-पिता के इस अटूट भरोसे और हौसले को बनाए रखा और विपरीत परिस्थितियों के सामने कभी हार नहीं मानी। परिवार में माता-पिता के अलावा विनीता का एक भाई भी है। अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद खेम चंद और गीता देवी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
विनीता की प्रमुख शैक्षणिक उपलब्धियां
विनीता कौंडल ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी अद्भुत प्रतिभा और लगन का लोहा मनवाया है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का विवरण इस प्रकार है:
- GATE-XL परीक्षा: विनीता ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 4074 रैंक हासिल की है।
- GATE स्कोर: इस कठिन परीक्षा में उनका कुल स्कोर 408 रहा।
- CSIR-NET परीक्षा: वर्ष 2025 में उन्होंने देश की बेहद कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा को एक ही साल में दो बार, यानी जून और दिसंबर दोनों ही सत्रों में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।
- IIT मंडी में प्रवेश: इन शानदार परिणामों के आधार पर उन्हें संस्थान के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग में एम.टेक (M.Tech) रिसर्च प्रोग्राम के लिए चुना गया है।
विनीता ने अपनी इस शानदार कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर समर्थन, पूरे परिवार के सहयोग और अपने शिक्षकों के बहुमूल्य मार्गदर्शन को दिया है।
सरकारी स्कूल से देश के शीर्ष संस्थान तक का सफर
विनीता की प्रारंभिक शिक्षा मंडप के ही एक स्थानीय सरकारी स्कूल से पूरी हुई थी। इसके बाद उन्होंने धर्मशाला स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी से अपनी बीएससी (B.Sc.) की डिग्री हासिल की। मंडप जैसे सुदूर ग्रामीण इलाके से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना और फिर IIT जैसे शीर्ष संस्थान में शोध कार्यक्रम के लिए चुना जाना ग्रामीण क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। विनीता की यह कहानी साबित करती है कि यदि मन में पक्का इरादा और कड़ी मेहनत करने का जज्बा हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आ सकती। गौरतलब है कि हाल ही में विनीता के परिवार में एक और बड़ी खुशी आई थी, जब उनकी चाची ने पंचायत प्रधान का चुनाव जीता था, और अब विनीता की इस राष्ट्रीय स्तर की कामयाबी ने पूरे परिवार को उत्सव मनाने का एक और शानदार अवसर दे दिया है।
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