भोजपुर के लाल ने बढ़ाया मान, इसरो में वैज्ञानिक बनकर लवकुश ने रचा इतिहास करियर 19 घंटे पहले 10
बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले लवकुश प्रसाद ने इसरो की वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 15वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।

ग्रामीण परिवेश से अंतरिक्ष तक का सफर

बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित शाहजहांपुर गांव के निवासी लवकुश प्रसाद ने अपनी मेहनत के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लवकुश ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO में वैज्ञानिक के पद पर चयनित होकर अपने पूरे क्षेत्र और प्रदेश का मान बढ़ाया है। ISRO द्वारा आयोजित वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15वीं रैंक प्राप्त की है। इस सफलता के साथ ही उनका चयन लेवल-10 के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पद के लिए हुआ है। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे बुलंद हों, तो गांव की गलियों से निकलकर भी देश की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी का हिस्सा बना जा सकता है।

शिक्षा और संघर्ष की कहानी

लवकुश की शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत गांव के ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय नरपुर से हुई थी। अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने वर्ष 2015 में बलुआं से अपनी हाईस्कूल की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने आरा के एसपी कॉलेज का रुख किया, जहां से वर्ष 2017 में गणित विषय के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। अपनी मेधा के दम पर उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए एनआईटी इलाहाबाद में दाखिला लिया। वर्ष 2022 में उन्होंने वहां से बीटेक की डिग्री सफलतापूर्वक पूरी की। ग्रामीण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बीच रहने के बावजूद, लवकुश ने कभी भी अपनी पढ़ाई में ढिलाई नहीं बरती और निरंतर अपने सपनों को सच करने की दिशा में आगे बढ़ते रहे।

मौसम विभाग से इसरो तक का सफर

बीटेक की डिग्री पूरी करने के तुरंत बाद लवकुश ने पेशेवर दुनिया में कदम रखा। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए 6 सितंबर 2023 को भारतीय मौसम विभाग में उनका चयन सहायक वैज्ञानिक के पद पर हुआ, जहां उनकी नियुक्ति गुवाहाटी में हुई थी। मौसम विभाग में काम करने के दौरान उन्होंने न केवल अपने तकनीकी ज्ञान को और अधिक परिष्कृत किया, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी हासिल किया। मौसम विभाग में मिली इस पहली बड़ी कामयाबी ने उनके आत्मविश्वास को एक नई मजबूती दी। इसी के बाद उन्होंने देश की अग्रणी अंतरिक्ष एजेंसी ISRO में जाने का सपना देखा और उसकी तैयारी शुरू की। कड़ी मेहनत और एकाग्रता के साथ उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा का सामना किया और अंततः 15वीं रैंक हासिल कर अपनी जगह बनाई।

बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा

लवकुश प्रसाद की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे बड़हरा क्षेत्र और बिहार के उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अभावों में रहकर भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि अगर सही दिशा में निरंतर प्रयास किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है। वर्तमान में उनकी इस उपलब्धि से उनके गांव और पूरे जिले में जश्न का माहौल है। लवकुश की लगन और अनुशासन से प्रेरित होकर आज क्षेत्र के अन्य युवा भी अपने करियर में नई ऊंचाई छूने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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